World Cup 2025 : नूतन गावस्कर ने बताया – कैसे मंदिरा बेदी ने इंग्लैंड दौरे के लिए बचाई थी महिला टीम

Atul Kumar
Published On:
World Cup 2025

World Cup 2025 – भारत में महिला क्रिकेट आज जिस ऊंचाई पर पहुंचा है, उसके पीछे संघर्ष, समर्पण और त्याग की दशकों लंबी कहानी छिपी है। आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम बिजनेस क्लास में उड़ती है, फाइव स्टार होटलों में रुकती है और बीसीसीआई व आईसीसी की समान वेतन नीति से भरपूर पैसा भी कमाती है।

लेकिन कभी ऐसा दौर भी था जब 20 खिलाड़ियों के लिए सिर्फ 4 टॉयलेट हुआ करते थे, दाल प्लास्टिक के बर्तनों में परोसी जाती थी और खिलाड़ी डॉरमेट्री के फर्श पर सोया करती थीं।

इस सफर की सबसे अहम किरदारों में से एक रही हैं नूतन गावस्कर, जिन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

नूतन गावस्कर – संघर्ष से शिखर तक की कहानी

महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर की बहन नूतन गावस्कर 1973 में भारत में महिला क्रिकेट आंदोलन की अगुवाई करने वाली प्रमुख हस्तियों में थीं। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट संघ (WCAI) के सचिव के रूप में लंबी अवधि तक काम किया, जब महिला क्रिकेट को पेशेवर खेल नहीं माना जाता था।

“हम खेल के लिए नहीं, जुनून के लिए खेलते थे। हमें पैसे नहीं मिलते थे, लेकिन ‘इंडिया’ लिखी जर्सी पहनने का गर्व ही सबकुछ था।” – नूतन गावस्कर

1970 और 80 के दशक में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए फंड जुटाना सबसे बड़ी चुनौती होती थी। नूतन ने बताया कि एक बार न्यूजीलैंड दौरे के लिए पैसों की कमी के कारण भारतीय टीम प्रवासी भारतीयों के घरों में ठहरी थी।

मंदिरा बेदी ने बचाया इंग्लैंड दौरा

नूतन गावस्कर ने एक दिलचस्प वाकया बताया —

“एक बार मंदिरा बेदी ने एक डायमंड ब्रांड के लिए विज्ञापन किया। जो भी भुगतान उन्हें मिला, उन्होंने वो पैसा WCAI को दान कर दिया। उसी पैसे से इंग्लैंड दौरे के लिए हमारी टीम के टिकट खरीदे गए।”

कई बार एयर इंडिया भी खिलाड़ियों की टिकट प्रायोजित किया करती थी। ऐसे मुश्किल वक्त में कई लोग बिना स्वार्थ के महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने में मदद करते थे।

संघर्ष भरे दिन – जब एक टीम के पास सिर्फ तीन बल्ले थे

नूतन ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया,

“एक बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मैंने देखा कि पूरी टीम के पास सिर्फ तीन बल्ले थे। दो सलामी बल्लेबाजों के पास दो बल्ले थे, और तीसरा बल्ला तीसरे नंबर की खिलाड़ी के पास। जैसे ही एक आउट होती, अगली खिलाड़ी वही बल्ला और पैड लेकर उतरती।”

यात्राएं सामान्य ट्रेनों के अनारक्षित डिब्बों में होती थीं। खिलाड़ी अपने खर्चे पर टिकट खरीदती थीं।
रहने की व्यवस्था बेहद साधारण थी—

“डॉरमेट्री में 20 लोगों के लिए चार वॉशरूम होते थे, और दाल एक बड़े प्लास्टिक के बर्तन में परोसी जाती थी।”

नूतन गावस्कर और झूलन गोस्वामी की कहानी

नूतन गावस्कर ने बताया कि उन्होंने उस दौर में कई प्रतिभाओं को तराशा, जिनमें से एक थीं झूलन गोस्वामी।
उन्होंने कहा,

“जब हमने झूलन को चुना, तो हमें नहीं पता था कि वह एक दिन भारत की सबसे तेज गेंदबाज बनेगी। लेकिन उसकी भूख और समर्पण ने उसे वहां तक पहुंचाया।”

अब बदला वक्त – अब ‘इंडिया विमेन’ है सुपरपावर

2006 में महिला क्रिकेट बीसीसीआई के अधीन आ गया।
आज भारतीय महिला टीम को वो सभी सुविधाएं मिलती हैं जिनकी उस समय कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

नूतन गर्व से कहती हैं,

“अब जब मैं देखती हूं कि भारतीय महिला टीम बिजनेस क्लास में सफर करती है, फाइव स्टार होटलों में ठहरती है और अंतरराष्ट्रीय पहचान पा रही है—तो लगता है हमारी मेहनत सफल हुई।”

शांता रंगास्वामी बोलीं – “हमने नींव रखी, अब फल मिल रहा है”

भारतीय टीम की पूर्व कप्तान और कमेंटेटर शांता रंगास्वामी ने भी पुराने दिनों को याद किया।

“हम अनारक्षित कोच में यात्रा करते थे, अपने बिस्तर खुद उठाते थे और जमीन पर सोते थे। अब लड़कियों को वो सब कुछ मिल रहा है, जिसकी वे हकदार हैं। ये हमारी आधी सदी की मेहनत का नतीजा है।”

उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत कौर की टीम उस संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ा रही है और अब वह इतिहास रचने के मुहाने पर है।

भारतीय महिला क्रिकेट – तब और अब

दौरसुविधाएंयात्रारहने की व्यवस्थाप्रायोजन
1970–1990सीमित उपकरण, कोई मैच फीस नहींट्रेन के सामान्य डिब्बेडॉरमेट्री, 4 टॉयलेटबहुत कम
2025समान वेतन, WPL, ICC प्राइज मनीबिजनेस क्लास फ्लाइटफाइव स्टार होटलकई प्रायोजक
टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Atul Kumar

Atul Kumar

क्रिकेट को देखता हूं और समझता हूं और आप लोगों तक नए-नए सूचनाएं पहुंचाने की कोशिश करता हूं। लाइफ में हमेशा नई-नई चीजों को सीखने का शौक रखता हु, पुराने न्यूज़ को नए तरीके से प्रस्तुत करता हूं।

Follow Us On

Related Articles

Duleep Trophy 2026
|

Duleep Trophy 2026 : 14 साल बाद फाइनल में पहुंचा East Zone, मुकेश-शमी के कहर के बीच वैभव सूर्यवंशी ने मचाया धमाल

Duleep Trophy 2026 – ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में धमाकेदार अंदाज में जगह बना ली है। मंगलवार को खेले गए ...

IND W vs HKC W
|

IND W vs HKC W : स्मृति मंधाना के तूफानी शतक के बाद गेंदबाजों का कहर, भारत ने हांगकांग को 137 रन से रौंदा

IND W vs HKC W – महिला एशिया कप 2026 के सातवें मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हांगकांग को एकतरफा अंदाज में ...

Asia Cup 2026
|

Asia Cup 2026 : स्मृति के तूफान के बाद गेंदबाजों का कहर, भारत ने हॉन्ग कॉन्ग को 137 रन से रौंदा

Asia Cup 2026 – भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ अपनी ...

Smriti Mandhana Record
|

Smriti Mandhana Record : सचिन तेंदुलकर के क्लब में पहुंचीं स्मृति मंधाना, 124 रन की पारी से बनाए दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

Smriti Mandhana Record – भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 3 सितंबर 2026 की रात ऐसा इतिहास रच दिया, जिसका सपना ...

CPL
|

CPL : 39 गेंदों में शतक ठोककर Dasun Shanaka ने रचा इतिहास, Russell समेत इन दिग्गजों का रिकॉर्ड तोड़ा

CPL – कैरेबियन प्रीमियर लीग यानी CPL के इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने 40 से कम गेंदों में शतक जड़ दिया है। ...

BCCI
|

BCCI : बड़ी बैठक से Ajit Agarkar रहे गायब, बढ़ी हलचल; क्या Chief Selector को मिलेगा एक्सटेंशन?

BCCI – भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 3 सितंबर को हुई हाई-लेवल मीटिंग में भारतीय क्रिकेट से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा ...