Gill – गुवाहाटी में 22 नवंबर से शुरू हो रहे भारत–दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज के अंतिम मुकाबले से ठीक पहले टीम इंडिया एक ऐसे झटके से दो-चार हुई है, जिसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी।
नियमित कप्तान शुभमन गिल अब दूसरे टेस्ट से बाहर हो चुके हैं। कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान बैटिंग करते हुए उनकी गर्दन मुड़ गई थी—ग्राउंड पर उन्हें रिटायर हर्ट होना पड़ा और बाद में सीधा अस्पताल ले जाना पड़ा। और अब, तमाम स्कैन और मेडिकल रिपोर्ट्स के बाद यह साफ हो गया है कि गिल को कम से कम 10 दिन आराम की जरूरत है।
टीम इंडिया गुवाहाटी पहुंच चुकी है, गिल भी स्क्वॉड के साथ दिखे, लेकिन मैदान पर उतरने की मंजूरी मेडिकल टीम ने नहीं दी। BCCI पहले ही अपने बयान में संकेत दे चुका था कि गिल की उपलब्धता पर “मेडिकल टीम की निगरानी और फिटनेस के आधार पर फैसला लिया जाएगा”—और वही हुआ। कप्तान बाहर, सीरीज निर्णायक मोड़ पर, और अब नेतृत्व की जिम्मेदारी एक नई दिशा ले सकती है।
कोलकाता टेस्ट में कैसे लगी गिल को चोट?
पहले टेस्ट के दूसरे दिन, जब भारत मजबूत स्थिति में दिख रहा था, तभी गिल की गर्दन अचानक मुड़ गई। वह कुछ देर तक मैदान पर खड़े रहे, मगर फिर मेडिकल टीम ने उन्हें वापस बुला लिया।
दिन का खेल खत्म होते ही उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया—ऑब्ज़र्वेशन में रखा गया, स्कैन हुए, और अगली सुबह डिस्चार्ज किया गया। BCCI ने स्थिति अपडेट करते हुए बताया था कि गिल “ट्रीटमेंट पर अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे हैं” और गुवाहाटी जाएंगे।
लेकिन यात्रा कर पाना और टेस्ट मैच की तीव्रता झेल पाना—दोनों अलग चीजें हैं।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, गिल “खेलने के लिए बेहद उत्सुक थे”, लेकिन मेडिकल टीम ने साफ कहा कि अगर उन्होंने इस चोट पर जोर डाला तो मसला लंबा खिंच सकता है।
अब कप्तानी कौन करेगा? पंत की एंट्री लगभग तय
गिल के बाहर होने के साथ टीम इंडिया का अगला बड़ा सवाल यही है—कप्तान कौन?
ज्यादातर संकेत ऋषभ पंत की ओर जा रहे हैं।
पंत पहले से ही टीम में सीनियर रोल निभा रहे हैं, उनकी बैटिंग फॉर्म शानदार है, और हाल ही में उन्होंने कई अहम मौके पर नेतृत्व-स्तर का आत्मविश्वास दिखाया है।
BCCI के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से यह लगभग तय माना जा रहा है कि पंत toss पर गिल की जगह उतरेंगे।
उनकी कप्तानी की आक्रामक शैली, और SA के खिलाफ उनका रिकॉर्ड, भारत को एक नया टैक्टिकल एंगल दे सकता है।
प्लेइंग XI में साई सुदर्शन की संभावित वापसी
गिल के बाहर होने का सीधा मतलब है—किसी एक नए बल्लेबाज़ को स्लॉट मिलना।
और वह नाम सबसे ऊपर आता है साई सुदर्शन का।
साई ने अब तक टेस्ट क्रिकेट में ज्यादा मौके नहीं पाए हैं, लेकिन जो भी मिले—वह बेहतरीन रहे।
वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 87 रन की शानदार, संयमित पारी खेली थी।
पहले टेस्ट में उन्हें मौका नहीं मिला था, लेकिन अब यह जगह लगभग उनकी ही दिख रही है।
टीम कॉम्बिनेशन कैसे बदलेगा?
कोच राहुल द्रविड़ और टीम प्रबंधन के सामने अब दो बड़े फैसले होंगे:
- पंत बतौर कप्तान—क्या वे विकेटकीपिंग भी करेंगे या KS भरत को शामिल किया जा सकता है?
- टॉप-ऑर्डर में गिल की जगह साई को किस पोज़ीशन पर उतारा जाए?
भारत अक्सर अपने शीर्ष क्रम को स्थिर रखकर खेलता है, लेकिन गिल जैसे फॉर्म में चल रहे कप्तान का बाहर होना खेल की संरचना बदल देता है।
सीरीज निर्णायक मुकाबले पर दबाव बढ़ा
साउथ अफ्रीका के खिलाफ यह दो मैच की छोटी सीरीज है—और दूसरा टेस्ट ही इसका फैसला करेगा।
गिल की गैरमौजूदगी भारत की बैटिंग को सीधा झटका देती है, खासकर तब जब SA की तेज गेंदबाज़ी गुवाहाटी की परिस्थितियों पर बैकफुट नहीं रहने वाली।
टीम के अंदर यह बात साफ है—पंत, रोहित की गैरमौजूदगी में पहले ही बड़े रोल में हैं, अब कप्तानी की जिम्मेदारी उनके कंधे पर और भारी पड़ेगी।















