Sachin – रांची की हवा इस हफ्ते अलग ही उत्साह लेकर आई है। 30 नवंबर, रविवार को इंडिया–साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज का आगाज़ होना है और शहर में चर्चाओं के केंद्र में सिर्फ एक नाम है—विराट कोहली।
इस बार कहानी सिर्फ वापसी की नहीं है, बल्कि दो ऐसे विश्व रिकॉर्ड्स की है जो क्रिकेट इतिहास की ऊँची-से-ऊँची परतों में दर्ज हैं—और जिन्हें किंग कोहली सिर्फ एक शतक से तोड़ सकते हैं।
यानी रांची का रविवार सिर्फ एक मैच नहीं, एक ऐतिहासिक संभावना लेकर आने वाला है।
कोहली के निशाने पर दो बड़े विश्व रिकॉर्ड—दोनों सिर्फ एक शतक दूर
विराट कोहली की बल्लेबाजी का इतिहास कहता है:
“जब लक्ष्य रिकॉर्ड हो, तो गेंदबाजों की नींद उड़ना तय है।”
और इस बार उनके सामने खड़े दो रिकॉर्ड हैं:
किसी भी एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक
साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा शतक
दोनों रिकॉर्ड इस वक्त सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर हैं—और दोनों को कोहली एक ही पारी में पीछे छोड़ सकते हैं।
पहला रिकॉर्ड: एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक—कोहली + सचिन = 51–51
सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक लगाए—यह रिकॉर्ड अब तक कोई छू नहीं पाया।
वहीं विराट कोहली ने वनडे में 51 शतक ठोककर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की बराबरी कर ली है।
अब स्थिति यह है:
| खिलाड़ी | फॉर्मेट | शतक |
|---|---|---|
| सचिन तेंदुलकर | टेस्ट | 51 |
| विराट कोहली | ODI | 51 |
कोहली के लिए यह शतक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं—यह दशक भर की लगातार मेहनत, निरंतरता और क्लास की मुहर है।
अगर रांची या आगे के दो मैचों में से कहीं भी कोहली एक शतक लगा देते हैं, तो वह:
दुनिया के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे जिन्होंने किसी भी फॉर्मेट में 52 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हों।
यह उपलब्धि उन्हें क्रिकेट इतिहास में एक अनोखी जगह दिला देगी।
दूसरा रिकॉर्ड: SA के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक—कोहली एक कदम दूर
साउथ अफ्रीका के खिलाफ शतक बनाना आसान बात नहीं है।
पेस, बाउंस, स्विंग—दक्षिण अफ्रीका का अटैक हमेशा दुनिया में सबसे कठिन रहा है।
लेकिन इस चुनौती को जिन तीन बल्लेबाजों ने सबसे खूबसूरती से खेला, वे हैं:
- सचिन तेंदुलकर – 5 शतक
- विराट कोहली – 5 शतक
- डेविड वॉर्नर – 5 शतक
सचिन और वॉर्नर दोनों रिटायर हो चुके हैं।
मतलब मुकाबले में अब सिर्फ एक नाम बचा है—विराट कोहली।
अगर कोहली इस सीरीज में एक भी सैकड़ा लगाते हैं, तो वह:
साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे इतिहास में 6 शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे।
यह उसी लिस्ट में उन्हें अकेले खड़ा कर देगा जहां कभी सचिन का दबदबा था।
कोहली vs साउथ अफ्रीका—क्यों बनता है एक खास अध्याय?
तीन वजहें हैं कि कोहली SA के खिलाफ इतना सफल क्यों रहे:
तेज गेंदबाजी पर असाधारण बैलेंस
रबाडा, एन्गिडी, स्टेन—इन सबके खिलाफ कोहली ने अपने करियर के कुछ बेहतरीन कवर ड्राइव मारे हैं।
उनका फूटवर्क SA की पिचों पर लगभग पाठ्य-पुस्तक जैसा रहता है।
दबाव में एक “ज़ोन” बनाना
साउथ अफ्रीका के खिलाफ ज्यादातर मैच बड़े मंच पर खेले जाते हैं।
और विराट ऐसे ही मंचों पर अपनी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी दिखाते हैं।
रिकॉर्ड्स से रिश्ता
कोहली ने अपने करियर के 40% से ज्यादा शतक रन-चेज़ में बनाए हैं।
यह बताता है कि वह फिर से एक बड़ा लक्ष्य साधने आए हैं।
रांची—जहाँ रिकॉर्ड बदलने की जमीन तैयार
यह वही शहर है जहाँ विराट और धोनी की दोस्ती, बांडिंग और क्रिकेट यादें वर्षों से लोगों के दिलों में हैं।
कोहली बुधवार को ही लंदन से रांची पहुँचे और अगले दिन उन्होंने धोनी के फार्महाउस में डिनर किया—यह भी संकेत है कि उनका “माइंडस्पेस” इस वक्त कितना स्थिर है।
और जब कोहली मानसिक रूप से शांत होते हैं, तब मैदान पर हलचल होती है।
संभावित आंकड़ों का खेल—अगर कोहली शतक लगाते हैं तो…
- एक फॉर्मेट में दुनिया के पहले खिलाड़ी – 52 शतक
- SA के खिलाफ अकेले सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले – 6
- IND vs SA सीरीज के सबसे बड़े “फैक्टर” – कोहली
- वनडे में 14वीं बार SA के खिलाफ 50+ स्कोर
इन सबके बीच भारत को एक मजबूत शुरुआत चाहिए—और रांची का स्टेडियम विराट के कई यादगार पलों का गवाह रहा है।















