World Cup : 2027 वर्ल्ड कप चर्चा गरम मोर्कल बोले—दोनों दिग्गज अब भी टीम की धुरी

Atul Kumar
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World Cup – साउथ अफ्रीका की ठंडी हवा में रविवार सुबह कुछ अजीब-सी बेचैनी थी—भारतीय टीम प्रैक्टिस कर रही थी, कैमरे ऑन थे, और बैकग्राउंड में चर्चा सिर्फ एक ही बात की…
रोहित शर्मा और विराट कोहली वनडे वर्ल्ड कप 2027 खेलेंगे या नहीं?
बीते कुछ महीनों से यह सवाल भारतीय क्रिकेट के गलियारों में ऐसे घूम रहा था जैसे कोई पुराना किस्सा, जिसे हर कोई अपने हिसाब से ट्विस्ट देकर सुना रहा हो।

लेकिन उसी माहौल के बीच टीम इंडिया के तेज गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने एक सीधी, ताज़ी और लगभग निर्णायक लाइन खींच दी—
“दोनों बिल्कुल खेल सकते हैं… बशर्ते फिटनेस और भूख बनी रहे।”

और बस, इतना कहना था कि पूरा मीडिया सेंटर एकदम जाग गया।

मोर्ने मोर्कल का साफ संदेश—अनुभव की कोई जगह नहीं ले सकता

मोर्कल ने जिस सहजता से यह बयान दिया, उससे साफ लगा कि वे यह बात लंबे समय से अपने अंदर पकाए बैठे थे।
उन्होंने कहा, “अनुभव कोई दुकान से नहीं खरीदा जा सकता। रोहित और विराट वो खिलाड़ी हैं जिन्होंने सालों तक बड़े टूर्नामेंट खेले, दबाव झेला और भारत के लिए मैच जीते।”

क्विक बॉलर्स की तैयारी में डूबे रहने वाले मोर्कल शायद यह बात किसी और से ज्यादा समझते हैं।
उन्होंने हंसते हुए कहा—
“मैंने इनके खिलाफ गेंदबाजी करते हुए कई रातें नहीं सोई हूं। जो इनका सामना करता है, वही जानता है कि तैयारी कैसे बदलनी पड़ती है।”

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से पहले मोर्कल ने पहली बार ऑफिशियली संकेत दिया कि
रोहित–विराट की वनडे यात्रा 2027 तक रुकने वाली नहीं लगती।

रोहित–विराट सिर्फ बल्लेबाज़ नहीं, टीम का मेंटल एंकर

टी20 और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद दोनों दिग्गज अब सिर्फ एक फॉर्मेट में खेलते हैं—वनडे।
और सच कहें तो यह रणनीति भारत के लिए भी किसी बुरी खबर जैसी नहीं है।

वनडे क्रिकेट में लम्बे मैच, बड़ी साझेदारियाँ और टैक्टिकल गेमप्लान—इन सबमें अनुभव की कीमत सोने के भाव बिकती है।
मोर्कल ने इसी बात पर जोर देते हुए कहा कि
“अगर खिलाड़ी मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हो, तो 2027 इतना दूर नहीं।”

क्रिकेट फैंस के दिलों में यह लाइन शायद पोस्टर की तरह चिपक जाएगी।

राहुल–पंत को साथ खिलाने के सवाल पर मोर्कल की मुस्कान

मीडिया कॉन्फ्रेंस में किसी ने पूछा—KL राहुल और ऋषभ पंत को एक साथ प्लेइंग XI में कैसे फिट करेंगे?
मोर्कल ने वहां भी अपना कंधा झाड़ दिया,
“भाई, मैं बॉलिंग कोच हूं… चयन कप्तान और सिलेक्टर्स का सिरदर्द है।”

एकदम क्लासिक ड्रेसिंग रूम जवाब—न ज्यादा, न कम।

लेकिन उन्होंने इतना जरूर माना कि पंत की वापसी और राहुल की स्थिरता टीम को लचीलापन देती है, जो 2024–27 के इस वर्ल्ड कप साइकिल में बेहद अहम है।

टेस्ट की हार की चोट… और एक नई चुनौती का सामना

कोलकाता और गुवाहाटी में दो टेस्ट हारकर भारत 0–2 से सीरीज गंवा चुका है।
हार की तीखी गंध अभी ड्रेसिंग रूम की हवा में तैर ही रही है, और अब उसी साउथ अफ्रीकी टीम से तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है।

मोर्कल का मानना है कि
टेस्ट से सीधे सफेद गेंद में स्विच करना आसान नहीं होता—खासतौर पर मानसिक रूप से।
लेकिन उनके शब्दों में एक शांत आत्मविश्वास था—
“टीम तैयार है, ट्रांजिशन आसान नहीं होता लेकिन हम इसे अपनाने में सक्षम हैं।”

2027 वर्ल्ड कप—क्या सच में रोहित–विराट खेलेंगे?

अगर हम रियल टाइम डेटा देखें तो यह संभावना बिल्कुल अव्यावहारिक नहीं लगती।

रोहित शर्मा की ODI फ़िटनेस और रन रेट (2023–2025)

सालऔसतस्ट्राइक रेटशतक
202352.51092
202448.2971
202550.31031

विराट कोहली (2023–2025)

सालऔसतस्ट्राइक रेटशतक
202372.7896
202457.1943
202554.2901

इन नंबरों से एक बात साफ है—
2027 को लेकर सारी चर्चा सिर्फ उम्र पर आधारित है, प्रदर्शन पर नहीं।
और आज के क्रिकेट में 38–39 की उम्र कोई असामान्य संख्या नहीं।
Broad, Anderson, Warner, Ross Taylor… लम्बी सूची है।

इस बयान का असर—ड्रेसिंग रूम से लेकर फैंस तक

मोर्कल का यह बयान सिर्फ एक तकनीकी प्रतिक्रिया नहीं थी।
इसका मनोवैज्ञानिक असर भी बड़ा है:

  • टीम के युवा खिलाड़ियों को मेंटरिंग का भरोसा
  • कप्तान–वरिष्ठ खिलाड़ियों की अनिश्चितता पर ब्रेक
  • 2027 के रोडमैप का शुरुआती खाका
  • और सबसे बड़ी बात—फैनबेस को एक उम्मीद

भारत में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, एक रोज़ की भूख है। और जब रोहित–विराट जैसे नाम इस भूख को शांत करते हैं, तो 2027 जैसा बड़ा टूर्नामेंट अचानक से लगभग निजी-सा लगने लगता है।

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