T20 – रावलपिंडी की सर्द हवा में शनिवार की शाम कुछ अलग ही तनाव तैर रहा है। सड़कें शांत नहीं, बल्कि उन चर्चाओं से गूंज रही हैं जिनका रिश्ता किसी बेहद बड़े मोमेंट से होता है—
पाकिस्तान vs श्रीलंका, टी20 ट्राई सीरीज का फाइनल।
और कहानी सिर्फ फाइनल की नहीं… बल्कि उस एक रिकॉर्ड की है, जो आज रात पूरी दुनिया की नज़रें बाबर आज़म पर टिका रहा है।
विराट कोहली का वर्ल्ड रिकॉर्ड—T20I क्रिकेट में सबसे ज्यादा फिफ्टी (38)
बाबर—38 पर बराबरी
और आज रावलपिंडी में मौका—रिकॉर्ड तोड़ने का।
लेकिन सच्चाई?
यह बाबर के करियर का शायद सबसे असहज दौर है।
बाबर आज़म बनाम विराट कोहली—रिकॉर्ड के मोड़ पर एक बड़ा मुकाबला
विराट कोहली की आखिरी T20I फिफ्टी 2024 टी20 विश्व कप फाइनल में आई थी—वो पारी जिसे दुनिया ने खड़े होकर देखा था।
विराट 38 अर्धशतक के साथ इसी फॉर्मेट से रिटायर हुए—T20I इतिहास के सबसे स्थिर बल्लेबाज़।
अब समीकरण यह है:
- कोहली रिटायर
- बाबर अभी सक्रिय
- और दोनों बराबर—38 पर
बाबर ने चौथे मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ 74 रन बनाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी हासिल की।
लेकिन… इसके बावजूद ऑप्टिक्स कुछ अच्छे नहीं।
बाबर का हालिया फॉर्म—यह रिकॉर्ड आसान नहीं
पिछले 9 टी20 मैचों में 4 बार 0
स्ट्राइक रेट पर सवाल
पावरप्ले में धीमी शुरुआत
और सिलेक्शन दावेदारी पर दबाव
यह तस्वीर किसी दिग्गज की नहीं लगती, लेकिन रिकॉर्ड्स अक्सर फॉर्म नहीं, एक मोमेंट की मांग करते हैं।
बाबर के पास आज वही मोमेंट है।
बाबर की हालिया टी20I फॉर्म (पिछले 10 मैच)
| मैच | रन | आउट |
|---|---|---|
| जिम्बाब्वे | 74 | – |
| SA | 0 | बोल्ड |
| SL | 12 | कैच |
| SA | 0 | LBW |
| ZIM | 5 | कैच |
| SL | 0 | बोल्ड |
| SA | 38 | रन आउट |
| ZIM | 0 | – |
| SA | 14 | कैच |
| SA | 52 | – |
औसत गिरता हुआ।
दबाव बढ़ता हुआ।
लेकिन रिकॉर्ड? एक झटके में तस्वीर बदल सकता है।
आज की पारी—बाबर के करियर पर असर को लेकर सवाल गंभीर
ये सिर्फ “फिफ्टी” वाला मामला नहीं है।
अंदर की कहानी है सेलेक्शन प्रेशर।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट पहले ही संकेत दे चुका है कि फॉर्म को प्राथमिकता दी जाएगी।
और बाबर का बल्ला T20 में काफी समय से इक्का-दुक्का मैचों में ही चमक रहा है।
यानि अगर आज:
बाबर बड़ी पारी खेलते हैं →
रिकॉर्ड टूटेगा + वर्ल्ड कप टिकट लगभग पक्का।
बाबर फेल होते हैं →
रिकॉर्ड रुक जाएगा + टीम में जगह फिसल सकती है + अगला मौका महीनों बाद।
और यह भी ध्यान रहे—
इस ट्राई सीरीज के बाद पाकिस्तान सीधे T20 वर्ल्ड कप खेलने जाएगा।
बीच में कोई और T20 नहीं।
बाबर के पास पहले से ही दो बड़े रिकॉर्ड—क्या तीसरा जुड़ पाएगा?
भले ही फॉर्म डगमगा रही हो, बाबर आज़म के नाम कुछ भारी-भरकम आंकड़े पहले से दर्ज हैं:
- T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 4392 रन
- 41 पचास+ स्कोर का वर्ल्ड रिकॉर्ड
(इसमें शतक भी शामिल)
यानि यह कहना गलत नहीं कि बाबर इस फॉर्मेट के सबसे स्थिर बल्लेबाजों में से एक रहे हैं।
लेकिन क्रिकेट क्रूर खेल है—अतीत की कमाई अगले मैच की गारंटी नहीं देती।
फाइनल की पिच—क्या बाबर को मदद मिलेगी?
रावलपिंडी की पिच रात में बल्लेबाज़ों को थोड़ी मदद देती है।
गेंद बल्ले पर अच्छी आती है, लेकिन शुरुआती ओवरों में सीम और हल्की उछाल खेल बिगाड़ सकती है।
बाबर की असली परीक्षा यहीं है—
पहले 15 गेंद।
अगर उन्हें पार कर लिया, तो ऐसी पिच पर फिफ्टी कोई बड़ी बात नहीं।
लेकिन शुरुआती ओवरों में विकेट…
और रिकॉर्ड फिर इंतजार करे।
पाकिस्तान के लिए फाइनल क्यों अहम
फाइनल सिर्फ ट्रॉफी का नहीं, बल्कि टीम की दिशा का मुद्दा है।
Reasons:
- टीम मैनेजमेंट को वर्ल्ड कप से पहले स्थिर XI चाहिए
- बाबर, रिज़वान, शाहीन—तीनों की भूमिका पुनर्परिभाषित हो रही है
- श्रीलंका की युवा टीम इस सीरीज में आक्रामक खेल रही है
और ऊपर से घर का दबाव।
रावलपिंडी में फेल होना आसान माफ नहीं किया जाता।
अगर बाबर आज रिकॉर्ड तोड़ते हैं—
- विराट कोहली का T20I फिफ्टी रिकॉर्ड पीछे
- पाकिस्तान क्रिकेट में उनकी स्थिति मजबूत
- वर्ल्ड कप 2026 स्क्वॉड में नाम तय
- मीडिया की धार नरम
- आलोचकों को जवाब
अगर बाबर आज फेल होते हैं—
- रिकॉर्ड रुका रहेगा
- वर्ल्ड कप 2026 सिलेक्शन खतरनाक मोड़ पर
- पाकिस्तान T20 टीम में भविष्य बड़ा अनिश्चित
- “फॉर्म vs क्लास” पर बहस तेज
और हाँ—
अगला T20 खेलने के लिए वे महीनों इंतजार करेंगे।
यानि आज की पारी उनकी दिशा तय कर सकती है।















