Nawaz – रावलपिंडी की ठंडी शाम जैसे ही गुलाबी आसमान में बदल रही थी, स्टेडियम के बाहर से लेकर प्रेस बॉक्स तक एक ही आवाज़ साफ सुनाई दे रही थी—
“नवाज़ ने मैच भी जीताया… और इतिहास भी लिख दिया।”
शनिवार की रात पाकिस्तान ने आखिरकार अपनी घरेलू सरज़मीं पर त्रिकोणीय सीरीज़ का फाइनल जीत लिया—वह उपलब्धि जिसे वे तीन बार ODI में और एक बार एशियन टेस्ट चैंपियनशिप में मिस कर चुके थे।
इस बार कहानी अलग थी, और कहानी के नायक भी—मोहम्मद नवाज़।
पाकिस्तान की ऐतिहासिक जीत—नवाज़ के 3 विकेट, रिकॉर्ड और ट्रॉफी दोनों
श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में पाकिस्तान ने आठ गेंदें रहते छह विकेट से जीत दर्ज की।
लेकिन जीत की बुनियाद उस स्पेल में रखी गई जो नवाज़ ने फेंका—
4 ओवर, 17 रन, 3 विकेट।
यह सिर्फ मैच टर्नर नहीं था—यह रिकॉर्ड ब्रेकर भी था।
इन तीन विकेटों के साथ मोहम्मद नवाज़ अब टी20I में पाकिस्तान के लिए
पांचवें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।
उन्होंने इस मैच में
- उमर गुल – 85 विकेट
- सईद अजमल – 85 विकेट
दोनों को पीछे छोड़ दिया।
नवाज़ के अब 86 मैचों में 86 विकेट, और इसी के साथ उनके इंटरनेशनल करियर के 150 विकेट भी पूरे।
पाकिस्तान—टी20I में सबसे ज्यादा विकेट
| रैंक | गेंदबाज | विकेट |
|---|---|---|
| 1 | शाहिद अफरीदी | 97 |
| 2 | शादाब खान | 98* |
| 3 | शाहीन अफरीदी | 94* |
| 4 | हारिस राऊफ | 92* |
| 5 | मोहम्मद नवाज़ | 86 |
इस लिस्ट में गुल और अजमल को पीछे छोड़ना पाकिस्तानी क्रिकेट में किसी भी स्पिन ऑलराउंडर के लिए बड़ा मील का पत्थर है।
शाहीन का स्पेल—18 रन में 3 विकेट, दबाव वहीं टूट गया
नवाज़ के साथ शाहीन अफरीदी भी चमके—
4 ओवर, 18 रन, 3 विकेट।
श्रीलंका की टॉप ऑर्डर को उन्होंने जिस आक्रामकता से तोड़ा, उसने मैच का रुख पहले ही 7–8 ओवरों में साफ कर दिया था।
फाइनल जैसी रात में अपनी बेस्ट बॉलिंग जोड़ी ऐसा प्रदर्शन करे—तो इतिहास लिखना तय है।
नवाज़—प्लेयर ऑफ द मैच + प्लेयर ऑफ द सीरीज
यह दुर्लभ होता है कि कोई खिलाड़ी एक ही रात में दो पुरस्कार और एक रिकॉर्ड अपने नाम कर ले।
लेकिन नवाज़ के लिए यह सीरीज शुरू से ही विशेष रही:
- पावरप्ले में किफायती
- मिड ओवर्स में विकेट टेकर
- डेथ ओवर्स में कंट्रोल
- और साथ में महत्वपूर्ण रन
उनके इस ऑलराउंड योगदान ने न सिर्फ फाइनल बदला, बल्कि पूरी सीरीज का Narrative तय किया।
पाकिस्तान की घरेलू त्रिकोणीय सीरीज़—अंततः ‘जिंकना’ पूरा हुआ
यह जीत आँकड़ों में जितनी बड़ी है, भावनात्मक तौर पर उससे कहीं ज्यादा बड़ी है।
पाकिस्तान इससे पहले घर पर:
- तीन ODI त्रिकोणीय सीरीज फाइनल
- एक एशियन टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
खेल चुका था—और हर बार हार मिली थी।
इसलिए रावलपिंडी का ये फाइनल एक तरह से ‘पुराना हिसाब चुकता’ जैसा था।
स्टेडियम की तालियों में वह सुकून साफ झलक रहा था।
श्रीलंका की बल्लेबाजी—नवाज़ और शाहीन के सामने ढही
श्रीलंका की शुरुआत अच्छी थी, लेकिन 20 ओवर में उनका स्कोर जितना होना चाहिए था—उतना नहीं हुआ।
क्योंकि:
- नवाज़ ने स्पिन से दबाव बनाया
- शाहीन ने नई गेंद से शुरुआत में झटके दिए
- मिडिल ओर्डर तेज़ी से रन नहीं बना पाया
यहां से पाकिस्तान की जीत का रास्ता आसान हो गया।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी—क्लिनिकल चेज
पाकिस्तान की बल्लेबाजी ने इस मैच को बिना किसी ड्रामा के खत्म किया—जो खुद एक उपलब्धि है।
सामान्यत: पाकिस्तान अंतिम ओवरों में मैच रोमांचक बना देता है, लेकिन इस बार:
- टॉप ऑर्डर स्थिर
- स्ट्राइक रोटेशन बढ़िया
- मिड-ओर्डर ने मैच को संभाला
और आठ गेंद पहले मैच खत्म कर दिया।
पाकिस्तान का टी20 भविष्य—नवाज़ जैसा खिलाड़ी क्यों अहम
पाकिस्तान के पास कई तेज़ गेंदबाज हैं—लेकिन स्पिन ऑलराउंडर सदैव उनका कमजोर पक्ष रहा है।
नवाज़ उस खाली जगह को भरते हैं:
- पावरप्ले में गेंद डालने की क्षमता
- बाएँ हाथ का स्पिन—एंगल और ड्रिफ्ट
- 7–8 नंबर पर 20–25 रन बनाने की योग्यता
- मैच का रफ्तार बदलने की क्षमता
और सबसे बड़ी बात—वे अनुभव + फॉर्म दोनों साथ लेकर चल रहे हैं।















