Root – ब्रिस्बेन की हल्की गुलाबी रोशनी, पिंक बॉल की चमक और गाबा की घनी हवा—दूसरे दिन का खेल मानो एक लंबी, ठहरी लहर की तरह इंग्लैंड की ओर आता-टूटता रहा। इंग्लैंड 334 पर सिमट चुका था—जो रूट 138* की उस खूबसूरत, धैर्य से भरी पारी के बावजूद साझेदारों के बिना अकेले योद्धा की तरह लौटे।
लेकिन असल कहानी तो इसके बाद शुरू हुई, जब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों ने इंग्लैंड के पेस अटैक को ऐसी नियमित साझेदारियों में उलझाया कि स्कोरबोर्ड धीरे-धीरे पहाड़ जैसे खड़ा होने लगा।
चार साझेदारियाँ, चार बार इंग्लैंड की उम्मीद टूटी
गाबा में पहला विकेट जल्दी गिर जाए तो अक्सर मैच का सुर बदल जाता है—पर इस मैच में नहीं। ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड ने ओपनिंग में ऐसी गति पकड़ी कि इंग्लैंड की नई गेंद का पूरा फायदा जाया हो गया। पहले विकेट के लिए 77 रन—यही नींव थी, और इस नींव पर ऑस्ट्रेलिया ने तीन और मंज़िलें खड़ी कर दीं।
शुरुआती चार विकेट—चार फिफ्टी साझेदारियाँ (2006 के बाद पहली बार एशेज में)
| विकेट | बल्लेबाज़ | गेंदें | रन | मैच पर असर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | हेड – वेदराल्ड | — | 77 | इंग्लैंड का शुरुआती प्लान ध्वस्त |
| 2 | हेड – लाबुशेन | 76 | 69 | रन रेट बना रहा ऊपर |
| 3 | लाबुशेन – स्मिथ | 68 | 50 | पारी स्थिर, तनाव ऑस्ट्रेलिया की तरफ नहीं |
| 4 | स्मिथ – कैमरन ग्रीन | 114 | 95 | इंग्लैंड पहली बार बैकफुट पर पूरी तरह |
यह सीक्वेंस सिर्फ स्कोरबोर्ड की कहानी नहीं—यह इंग्लैंड की मुश्किल का नक्शा है। इंग्लिश गेंदबाज़ न तो लेंथ समायोजित कर सके, न पिंक बॉल उनसे स्विंग करवा सकी। इस गाबा पिच पर पेसर्स का यह ‘नो-थ्रेट फेज़’ बहुत कम देखने को मिलता है।
वेदराल्ड—सेट होने की कला, फिर तेज़ रन-बहाव
जेक वेदराल्ड, जिन्हें कई लोग अभी भी शॉर्ट-फॉर्मेट बल्लेबाज़ मानते हैं, ने टेस्ट की धैर्य-प्रदर्शन परीक्षा आसानी से पास कर ली।
72 रन, 12 चौके, एक छक्का—लेकिन इससे भी बड़ी बात उनके शॉट्स का आत्मविश्वास था।
इंग्लैंड की बॉडी लैंग्वेज वहीं से ढलने लगी।
लाबुशेन—इतिहास के अगले पन्ने से ठीक पहले
एक दिन पहले उन्होंने डे-नाइट टेस्ट में 1000 रन का रिकॉर्ड बनाया था। आज 65 रन की पारी उतनी ही सलीकेदार और उद्देश्यपूर्ण लगी।
पहले हेड के साथ साझेदारी, फिर स्मिथ के साथ—दोनों में अलग-अलग भूमिका निभाई।
यह वही गुण है जो मार्नस को आधुनिक ऑस्ट्रेलियन टेस्ट मशीन बनाता है—अनुकूलता।
स्मिथ–ग्रीन—95 रन की साझेदारी जिसने बढ़त की राह बनाई
स्टीव स्मिथ ने शायद अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में कदम नहीं रखा है, लेकिन उनकी शांत उपस्थिति पारी का स्थिर केंद्र बन गई।
कैमरन ग्रीन (45 रन) ने खास तौर पर कार्स और आर्चर के बीच ‘गैप’ निकालकर इंग्लैंड के सेशन पकड़ने के मौके छीन लिए।
इंग्लैंड की गेंदबाज़ी—कार्स ही उजली नज़र आए
ब्रायडन कार्स ने वह ऊर्जा दिखाई जो बाकी गेंदबाज़ शायद ढूंढ रहे थे।
3 विकेट, और लेंथ पर लगातार आक्रमण।
जॉफ्रा आर्चर के पास गति थी, पर धार नहीं।
बेन स्टोक्स हमेशा की तरह भरोसेमंद, लेकिन इस पिच पर ‘सेकंड स्पेल स्ट्राइक’ उन्हें नहीं मिली।
इंग्लैंड का बॉलिंग कार्ड (संक्षेप)
| गेंदबाज़ | विकेट | टिप्पणी |
|---|---|---|
| कार्स | 3 | बेस्ट इंग्लिश स्पेल |
| आर्चर | 1 | गति, लेकिन कम असर |
| स्टोक्स | 1 | कंट्रोल, कम स्ट्राइक |
| अन्य | 0 | कोई खास खतरा नहीं |
मैच की स्थिति—ऑस्ट्रेलिया ने बढ़त ले ली, इंग्लैंड को रात का सत्र बचाना होगा
डिनर ब्रेक तक ऑस्ट्रेलिया 334 से आगे निकल चुका था—यानी पहली पारी की लीड हाथ में।
पिंक बॉल टेस्ट का तीसरा सत्र आमतौर पर गेंदबाज़ों का होता है, लेकिन इंग्लैंड को मौका तभी मिलेगा जब वे शुरुआत में दो त्वरित विकेट निकालें।
नहीं तो मैच इंग्लैंड की पकड़ से निकलने लगेगा—क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की पारी में अब भी निचले क्रम की मजबूती है।















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