Ashes – ब्रिस्बेन के गाबा में दूसरी शाम का खेल कुछ ऐसा लगा जैसे पिंक-बॉल टेस्ट अपने सबसे परिपक्व रूप में सामने आया हो—धीमी चमक, तेज़ टेंपो और ऑस्ट्रेलिया के टॉप ऑर्डर की लगातार ठक-ठक जिसने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों का धैर्य टटोल दिया।
स्टंप्स तक ऑस्ट्रेलिया 6 विकेट पर 378 रन बनाकर 44 रनों की बढ़त के साथ मैच को मजबूती से अपने कब्ज़े में ले चुका है। और यह बढ़त सिर्फ रन की नहीं—पूरी रणनीति की है।
इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी शुक्रवार सुबह 325/9 से आगे बढ़ाई और कुछ ही देर में 334 पर ऑल आउट हो गया। जो रूट वहीं टिके रहे—ठोस और संयमित—138 रन*, 206 गेंदें, 15 चौके, एक छक्का। लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने जिस तरह जवाब दिया, उसने मैच का रंग बदल दिया और इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया।
शुरुआत से बढ़त की तरफ—हेड और वेदराल्ड का 77 रन वाला मंच
पहली गेंद से ऑस्ट्रेलिया की रणनीति साफ थी—नई गेंद का सम्मान, लेकिन मौका मिलते ही सीमा रेखा पर हमला।
ट्रैविस हेड (33) और जेक वेदराल्ड (72) ने पहली विकेट साझेदारी में 77 रन जोड़कर इंग्लैंड की शुरुआती उम्मीदें धराशायी कर दीं।
ब्रायडन कार्स का लययुक्त स्पेल हेड को आउट करा गया, लेकिन नुकसान तब तक हो चुका था। इंग्लैंड गेंद को मनचाहे कोण पर न मोड़ा सका—और पिंक बॉल की यह खामोशी बाद में महँगी पड़ी।
लाबुशेन—वेदराल्ड ने मैच का संतुलन बिगाड़ा
दूसरे विकेट के लिए लाबुशेन–वेदराल्ड का 69 रन का स्टैंड इंग्लैंड के लिए समस्या बढ़ाता गया।
वेदराल्ड ने 78 गेंदों पर 72 रन—12 चौके और एक छक्का—लगाए। खेल उनकी कमान में था जब जोफ्रा आर्चर ने पैर में पड़ती गेंद से उन्हें पगबाधा आउट किया।
लेकिन तब तक लय बन चुकी थी।
लाबुशेन–स्मिथ—पुरानी जोड़ी, वही भरोसा
मार्नस लाबुशेन (65)—उसी अंदाज़ में, शॉट की रेंज खोलकर, और समय लेकर खेलते हुए।
स्टीव स्मिथ (61)—85 गेंदों, 5 चौके, 2 छक्के के साथ, उन्होंने पारी को स्थिरता दी और फिर गति दी।
स्मिथ की बल्लेबाज़ी में धैर्य और शॉट सिलेक्शन दोनों का अद्भुत संतुलन था।
लाबुशेन के आउट होने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया की पकड़ ढीली नहीं हुई—क्योंकि यह पारी साझेदारियों की बुनियाद पर खड़ी थी।
ग्रीन, इंग्लिस, और अंत में कैरी—लीड को बढ़ाने का सिलसिला
कैमरन ग्रीन (45 रन) ने फिर वही किया जिसके लिए वह जाने जाते हैं—शांत, संगठित बल्लेबाज़ी।
जॉश इंग्लिस ने 23 रन जोड़े।
लेकिन अंतिम सत्र में एलेक्स कैरी (45)* ने इंग्लैंड की चिंताओं को बढ़ा दिया।
उनके साथ माइकल नीसर (15)* दिन का खेल समाप्त होने तक टिके रहे।
दोनों ने यह साफ कर दिया—ऑस्ट्रेलिया केवल लीड नहीं बनाना चाहता, बल्कि मैच को एकतरफा झुकाना चाहता है।
इंग्लैंड की गेंदबाज़ी—कार्स ने लड़ाई लड़ी, बाकी फीके
ब्रायडन कार्स ने 3 विकेट लेकर इंग्लैंड के लिए अकेले मुकाबला किया।
बेन स्टोक्स ने दो विकेट लिए, जबकि आर्चर को सिर्फ एक मिला।
इंग्लैंड बॉलिंग कार्ड
| गेंदबाज़ | विकेट | टिप्पणी |
|---|---|---|
| कार्स | 3 | उछाल और लेंथ से सबसे अधिक असर |
| स्टोक्स | 2 | अनुभवी नियंत्रण, सीमित स्ट्राइक |
| आर्चर | 1 | गति थी, लेकिन धार कम |
| बाकी | 0 | कोई खास खतरा नहीं |
पूरे दिन इंग्लैंड को एक बात सबसे ज्यादा खली—पिंक बॉल ने उनके लिए कुछ नहीं किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने उसे आराम से खेला।
ऑस्ट्रेलिया की बढ़त—सिर्फ 44 रन नहीं, मनोवैज्ञानिक बढ़त
दूसरे दिन के अंत में:
- ऑस्ट्रेलिया: 378/6
- इंग्लैंड पर बढ़त: 44 रन
- दो सेट बल्लेबाज़ क्रीज पर: कैरी (45*) और नीसर (15*)
यह बढ़त इस पिच पर बहुत मायने रखती है—क्योंकि तीसरे दिन की शुरुआत में पिंक बॉल अक्सर उतनी दयालु नहीं होती जितनी देर रात दिखती है।
इंग्लैंड के सामने अब एक ही रास्ता है—
शुरुआत में 2–3 तेज़ विकेट और फिर बैटिंग में अनुशासन।
लेकिन कहने से ज़्यादा, यह करना कठिन लगता है—क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन जिस दृढ़ता से खेला, उसने मैच को अपने पाले में खींचना शुरू कर दिया है।















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