Bavuma – विशाखापत्तनम की उमस भरी दोपहर में जब दक्षिण अफ्रीका की पारी दौड़ती-रुकती आगे बढ़ रही थी, उसी बीच एक खास मील का पत्थर चुपचाप गवाही दे रहा था—तेम्बा बावुमा ने वनडे क्रिकेट में अपने 2000 रन पूरे कर लिए।
एक सिंगल, स्कोरबोर्ड पर छोटा-सा अपडेट… लेकिन दक्षिण अफ्रीकी कप्तान के करियर में यह एक बड़ा मोड़ है, क्योंकि वह अपने देश के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
35 साल 203 दिन की उम्र—ये सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि सफर का वजन है। और बावुमा ने इसे शालीनता के साथ हासिल किया।
बावुमा का माइलस्टोन—देर से सही, दमदार
तीसरे वनडे में उन्होंने 67 गेंदों पर 48 रन की पारी खेली। कोई विस्फोटक पारी नहीं, लेकिन उनके खेल का यही अंदाज़ है—धैर्य, नियंत्रण, और पार्टनरशिप बनाने की कोशिश।
2000 रन का यह आंकड़ा उन्होंने अपनी 53वीं पारी में छुआ—और इस तरह वह क्विंटन डिकॉक की बराबरी पर आ गए, जिन्होंने ठीक इतनी ही पारियों में यह मुकाम पाया था।
जो चीज़ इस उपलब्धि को और रोचक बनाती है, वह है उम्र का फैक्टर।
बावुमा अब दक्षिण अफ्रीका में यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं, इससे पहले यह रिकॉर्ड रासी वैन डर डुसेन के पास था—34 साल 247 दिन।
दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों में सबसे तेज़ 2000 रन—कहाँ खड़े हैं बावुमा?
अगर तुलना की जाए तो दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी परंपरा में यह उपलब्धि हासिल करना आसान नहीं रहा है।
यहाँ देखिए उनके टॉप खिलाड़ियों की रैंकिंग:
| खिलाड़ी | पारियां (2000 रन तक) |
|---|---|
| हाशिम अमला | 40 |
| रासी वैन डेर डुसेन | 45 |
| गैरी कर्स्टन | 50 |
| क्विंटन डिकॉक | 53 |
| तेम्बा बावुमा | 53 |
अमला इस सूची में किसी और ही ग्रह के बल्लेबाज लगते हैं—40 पारियों में 2000 रन! वैन डर डुसेन भी अविश्वसनीय रूप से निरंतर रहे हैं।
बावुमा और डिकॉक का 53-पारी का रिकॉर्ड बताता है कि बावुमा का खेल भले ही आधुनिक वनडे के ‘तूफानी’ टेम्पो जैसा न हो, लेकिन वह लंबी अवधि वाली स्थिरता के साथ खेलते हैं।
मैच का हाल—डिकॉक चमके, बावुमा टिके
दक्षिण अफ्रीका ने तीसरे और निर्णायक वनडे में पहले बल्लेबाजी करते हुए 270 रन बनाए।
सबसे बड़ा योगदान?
क्विंटन डिकॉक का 89 गेंदों में 106 रन—एक और क्लासिक, सहज, प्रवाहमयी पारी जिसने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
बावुमा ने शुरुआत में संयम दिखाया, स्ट्राइक रोटेट की, और मध्य ओवरों में साझेदारी को आगे बढ़ाया।
हालांकि वह अर्धशतक से चूक गए, लेकिन उनका रन-टैली ही असल सुर्खी बना।
भारत के लिए कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने चार-चार विकेट लिए—दोनों ने मध्य और डेथ ओवरों में दक्षिण अफ्रीका की गति को रोकने में अहम भूमिका निभाई।
क्यों अहम है यह 2000-रन का रिकॉर्ड?
तेम्बा बावुमा पर पिछले कुछ वर्षों में आलोचना और समर्थन, दोनों का भार रहा है।
अक्सर उनके स्ट्राइक रेट या T20 उपयुक्तता पर चर्चा होती है, लेकिन वनडे में उनकी तकनीक और टेम्पो टीम के लिए मूल्यवान रहे हैं।
2000 रन का आंकड़ा दो बातें साबित करता है:
- वह निरंतर और भरोसेमंद खिलाड़ी हैं, भले ही रन बनाने का तरीका चमकदार न हो।
- दक्षिण अफ्रीका में टॉप-ऑर्डर स्लॉट के लिए उनकी जगह अभी सुरक्षित है।
और हाँ—यह रिकॉर्ड उन्हें SA के शीर्ष ODI बल्लेबाज़ों की उसी सूची में खड़ा करता है जिसमें अमला, कर्स्टन, डिकॉक और वैन डर डुसेन जैसे नाम हैं।



















