T20I – सूर्यकुमार यादव इस हफ्ते फिर से भारतीय क्रिकेट की खबरों के सेंटर में हैं—और वजह भी बड़ी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज सिर्फ एक मुकाबलों की लाइनअप नहीं, बल्कि सूर्या के लिए रिकॉर्ड्स की तिकड़ी हासिल करने का सुनहरा मौका है।
कटक का बाराबती स्टेडियम इस बार बल्लेबाज़ी के अलावा एक और चीज़ देख सकता है: भारतीय कप्तान का मील के पत्थरों की तरफ दौड़ता हुआ ग्राफ।
तीन रिकॉर्ड—एक सीरीज, और इतिहास रचने की तैयारी
टी20 इंटरनेशनल में तीन हजार रन।
टी20 क्रिकेट में 9000 रन।
और छक्कों का चौथा शतक।
ये तीनों लक्ष्य एक ही टूर पर सूर्या को बुला रहे हैं। क्रिकेट में “मोमेंटम” की जो पुरानी थ्योरी है, उससे हटकर सूर्यकुमार उन खिलाड़ियों में हैं जो शुरुआत में थोड़ा समय लेकर भी बाद में पारी को उलट-पलट करने की काबिलियत रखते हैं। और यही वजह है कि इस सीरीज में उन पर ज़रूरत से ज्यादा नज़रें होंगी।
पहला माइलस्टोन: 3000 T20I रन — भारत के एलीट ग्रुप में एंट्री
सूर्यकुमार यादव को टी20 इंटरनेशनल में 3000 रन पूरे करने के लिए 246 रनों की जरूरत है।
ये उपलब्धि हासिल होते ही वह रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद यह मार्क छूने वाले तीसरे भारतीय बन जाएंगे।
भारत के शीर्ष T20I रन-स्कोरर फिलहाल इस तरह दिखते हैं:
| खिलाड़ी | T20I रन | स्थिति |
|---|---|---|
| विराट कोहली | 4000+ | नंबर-1 |
| रोहित शर्मा | 3800+ | नंबर-2 |
| सूर्यकुमार यादव | 2750+ (लगभग) | तीसरे बनने की दहलीज |
सूर्या का स्ट्राइक-रेट 170+ के आसपास रहता है—और यह उन्हें इस क्लब का सबसे विस्फोटक सदस्य बना देगा।
दूसरा रिकॉर्ड: टी20 क्रिकेट में 9000 रन — बस 59 रन दूर
वह सिर्फ 59 रन बनाते ही भारतीय क्रिकेट के T20 इतिहास में एक और एलीट सूची में शामिल हो जाएंगे।
अब तक 9000+ T20 रन बनाने वाले भारतीय सिर्फ तीन हैं:
– विराट कोहली
– रोहित शर्मा
– शिखर धवन
और अब सूर्या चौथा नाम बन सकते हैं।
क्लासिक बात यह है कि सूर्या ने इन दिग्गजों की तुलना में बहुत देर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शुरू किया—लेकिन रफ़्तार इतनी तेज़ रखी कि वह रिकॉर्ड-हंटर्स की कतार में सबसे आगे दिखने लगे।
तीसरा माइलस्टोन: 400 छक्के — “सिक्स-मशीन” की नई गिनती
टी20 क्रिकेट में सूर्या अब तक 394 छक्के जमा चुके हैं।
उन्हें 400 का आंकड़ा छूने के लिए सिर्फ 6 छक्कों की जरूरत है।
अगर कटक की पिच फ्लैट मिली और हवा में थोड़ी नमी रही, तो गेंद सीम पर भले घूमे, लेकिन बैट से लगकर जितनी दूर जाती है—वह सब जानता है। बाराबती स्टेडियम में सूर्या की स्टाइल—45° एंगल, फुल-स्विवेल, और स्कूप—काफी कारगर मानी जाती है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सूर्या की चुनौती—कितना कठिन?
दक्षिण अफ्रीका नई गेंद के साथ आक्रामक रहता है, और बैक-ऑफ-लेंथ हिट करने वाली गेंदबाज़ी उनकी पहचान है।
ऐसे में रबाडा, नोर्खिया (यदि फिट), और जेराल्ड कोएत्ज़ी का संयोजन सूर्या के खिलाफ टाइट बाउंसर्स का इस्तेमाल करेगा।
लेकिन यह वही बल्लेबाज़ हैं जो बाउंसर को भी तीसरे मैन या बैकवर्ड स्क्वायर के ऊपर से भेजने का हुनर रखते हैं।
रिकॉर्ड्स की रेस यहाँ असल में पिच बनाम प्लान की लड़ाई बनने वाली है।
मंदिर से मैदान तक—टीम इंडिया का ‘साइलेंट स्टार्ट’
सीरीज से एक दिन पहले टीम इंडिया के चार सदस्य—मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान सूर्यकुमार यादव और अन्य दो खिलाड़ी—श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचे।
कड़ी सुरक्षा के बीच सूर्या और उनकी पत्नी देविषा शेट्टी ने पूजा-अर्चना की और फिर टीम होटल वापस लौटे।
बाराबती में यह हमेशा से माना जाता है कि भारतीय टीम मैदान में उतरने से पहले यहाँ आशीर्वाद लेने आती है—और फिर खेल के दिन भीड़ एक अलग ही ऊर्जा पैदा करती है।
क्या सूर्या एक ही सीरीज में तीनों रिकॉर्ड बना सकते हैं?
संभावना बिल्कुल है—लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर टिका है कि:
– भारत की बल्लेबाज़ी में उनकी पोजिशन स्थिर रहे
– मौसम और पिच आक्रामक बैटिंग के अनुकूल हों
– दक्षिण अफ्रीका उन्हें जल्दी साइलेंस करने की रणनीति में सफल न हो
सूर्या का गेम एक रिद्म पर चलता है—शुरुआत में वह पढ़ते हैं, फिर पारी को एक्सप्लोड करते हैं।
और जब एक बार एक्सप्लोड करते हैं तो रिकॉर्ड्स खुद-ब-खुद पीछा करने लगते हैं।















