T20I : कटक के बाद अब रिकॉर्ड का खेल—हार्दिक पांड्या सिर्फ एक गेंद दूर नई उपलब्धि से

Atul Kumar
Published On:
T20I

T20I – कटक की ठंडी हवा में बल्ला और गेंद—दोनों से आग उगलते हुए हार्दिक पांड्या ने जब पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अपने नाम किया, शायद किसी ने सोचा भी नहीं था कि न्यू चंडीगढ़ का मुल्लानपुर मैच उनके करियर का ऐतिहासिक मोड़ बनने जा रहा है। लेकिन गुरुवार, 11 दिसंबर का दिन ऐसा रिकॉर्ड ला सकता है, जो आज तक किसी भी तेज गेंदबाज़ ऑलराउंडर ने हासिल नहीं किया।

अगर हार्दिक आज एक विकेट ले लेते हैं, तो क्या होगा?

बस एक विकेट—और हार्दिक पांड्या टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट पूरे कर देंगे।
और फिर इतिहास के पन्नों में उनका नाम अनोखे तरीके से दर्ज होगा:

दुनिया के पहले पेस ऑलराउंडर:

– जिनके 1000+ रन हैं
– और 100+ विकेट भी

अब तक यह कारनामा सिर्फ स्पिनर ऑलराउंडर्स ने किया है:

  1. शाकिब अल हसन (बांग्लादेश)
  2. मोहम्मद नबी (अफगानिस्तान)
  3. सिकंदर रज़ा (जिम्बाब्वे)

तेज गेंदबाज़? कोई नहीं।
हार्दिक यह दीवार तोड़ने के बिल्कुल करीब हैं।

भारत के लिए भी इतिहास रचने वाले हैं हार्दिक

एक विकेट लेते ही वे:

– भारत के तीसरे गेंदबाज बन जाएंगे, जिनके 100+ T20I विकेट हैं।
– उनसे आगे सिर्फ:
– अर्शदीप सिंह (107)
– जसप्रीत बुमराह (101)

हार्दिक अभी 99 विकेट पर खड़े हैं—यानी मुल्लानपुर की पहली ही अच्छी गेंद इतिहास कहलाएगी।

एक और बड़ी उपलब्धि—दुनिया में सिर्फ तीसरे खिलाड़ी

आज एक और रिकॉर्ड उनके नाम हो सकता है:

टी20 इंटरनेशनल में 1000+ रन, 100+ छक्के और 100+ विकेट

यह उपलब्धि अब तक सिर्फ दो खिलाड़ियों के पास है:

– मोहम्मद नबी
– सिकंदर रज़ा

अगर हार्दिक यहां जुड़ते हैं, तो यह उनके ऑलराउंडर के ‘थ्री-डायमेंशनल’ गेम का सबसे बड़ा प्रमाण होगा।

कटक मैच—वापसी नहीं, ‘री-डिक्लेरेशन’ थी

पहले मैच में:

– 28 गेंद, 59 नाबाद
– गेंदबाज़ी में 1 विकेट
– प्लेयर ऑफ द मैच

काफ़ी समय बाद टीम इंडिया में लौटे हार्दिक ने दिखा दिया:

“मैं अभी खत्म नहीं हुआ—मैं अपग्रेड होकर लौटा हूँ।”

अब दूसरा मैच सिर्फ एक और टी20 नहीं—उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण रात हो सकती है।

टेबल: हार्दिक पांड्या vs अन्य भारतीय T20I विकेट-टेकर

खिलाड़ीविकेटस्थिति
अर्शदीप सिंह107सक्रिय
जसप्रीत बुमराह101सक्रिय
हार्दिक पांड्या99रिकॉर्ड के एक कदम दूर

ये रिकॉर्ड खास क्यों है?

– पेस ऑलराउंडर होना T20 में बहुत मुश्किल है
– लगातार चोटें, workload मैनेजमेंट, role clarity—यह फॉर्मेट तेज़ गेंदबाज़ ऑलराउंडर्स के खिलाफ ही काम करता है
– 100 विकेट + 1000 रन + 100 छक्के—यह बताता है कि खिलाड़ी हर सिचुएशन में प्रभाव डाल सकता है

हार्दिक पांड्या की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक benchmark बनेगी।

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