SMAT – मुंबई के खिलाफ मैच खत्म हो चुका था, स्कोरबोर्ड कहानी सुना चुका था और प्लेयर ऑफ द मैच का ऐलान भी हो गया था। लेकिन असली पल तब आया, जब ट्रॉफी लेने मंच पर पहुंचे मोहम्मद सिराज ने कुछ ऐसा किया, जो आंकड़ों से कहीं बड़ा था।
टी20 टीम से बाहर चल रहे इस भारतीय तेज़ गेंदबाज़ ने यह दिखा दिया कि क्लास सिर्फ गेंद से नहीं, कैरेक्टर से भी पहचानी जाती है।
3.5 ओवर में मैच का रुख बदला
शुक्रवार, 12 दिसंबर, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी।
हैदराबाद बनाम मुंबई—और गेंद हाथ में थी मोहम्मद सिराज के।
परिणाम?
3.5 ओवर, 17 रन, 3 विकेट।
सिराज की इस धारदार गेंदबाज़ी ने मुंबई की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी। एक के बाद एक विकेट गिरे और पूरी टीम 131 रन पर सिमट गई। यह वही मुंबई है, जो घरेलू क्रिकेट में अक्सर बड़े स्कोर के लिए जानी जाती है।
टेबल: सिराज का स्पेल बनाम मुंबई
| ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|
| 3.5 | 17 | 3 |
कम ओवर, ज़्यादा असर—टी20 गेंदबाज़ी की परफेक्ट परिभाषा।
132 का पीछा, 11.5 ओवर में खत्म
131 रन का लक्ष्य आज के टी20 क्रिकेट में औपचारिकता जैसा लग सकता है, लेकिन हैदराबाद ने इसे डोमिनेशन स्टेटमेंट में बदल दिया।
रनचेज़ के हीरो रहे तन्मय अग्रवाल।
40 गेंदें।
75 रन।
7 चौके, 4 छक्के।
हैदराबाद ने मुकाबला 11.5 ओवर में, 9 विकेट रहते जीत लिया। स्कोरलाइन ने बता दिया कि मैच एकतरफा था।
प्लेयर ऑफ द मैच… और फिर आया वो पल
मैच के बाद जब प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड सिराज के नाम घोषित हुआ, तो किसी को हैरानी नहीं हुई। गेंदबाज़ी से उन्होंने मैच की टोन सेट की थी।
लेकिन मंच पर जाकर सिराज ने जो किया, वही चर्चा का विषय बन गया।
उन्होंने यह अवॉर्ड तन्मय अग्रवाल के साथ शेयर किया।
कोई औपचारिक बयान नहीं, कोई ड्रामा नहीं—बस एक सीनियर खिलाड़ी का इशारा और एक बड़ा संदेश।
स्पोर्ट्समैनशिप, जो किताबों में नहीं मिलती
तन्मय ने 75 रन बनाए थे, लेकिन अवॉर्ड सिराज को मिला। ऐसे में अक्सर खिलाड़ी ट्रॉफी थामकर मुस्कुरा देते हैं और कहानी वहीं खत्म हो जाती है।
सिराज ने कहानी आगे बढ़ाई।
टीममेट के साथ अवॉर्ड शेयर करना यह दिखाता है कि:
– वह टीम के योगदान को पहचानते हैं
– सीनियर होने का मतलब सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, राह दिखाना भी है
– और सबसे अहम—संघर्ष में भी विनम्रता बनी रहती है
तन्मय के लिए यह पल शायद रन से भी ज्यादा कीमती रहा होगा।
टीम इंडिया से बाहर, लेकिन खेल से नहीं
मोहम्मद सिराज हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ का हिस्सा थे।
लेकिन वनडे और टी20 स्क्वॉड में उनका नाम नहीं है।
इसके बावजूद—
– कोई ब्रेक नहीं
– कोई आराम नहीं
– कोई दूरी नहीं
वह लगातार डोमेस्टिक क्रिकेट खेल रहे हैं, खुद को बेहतर बना रहे हैं और हर मैच में यह याद दिला रहे हैं कि वह अब भी तैयार हैं।
चयनकर्ताओं के लिए डबल मैसेज
इस मैच ने चयनकर्ताओं को दो संदेश दिए:
- गेंद से:
सिराज आज भी टी20 में मैच जिताने की काबिलियत रखते हैं। - व्यवहार से:
वह ड्रेसिंग रूम वैल्यू लाने वाले खिलाड़ी हैं—जो युवा खिलाड़ियों को साथ लेकर चलते हैं।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले यह कॉम्बिनेशन किसी भी टीम के लिए सोने जैसा होता है।















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