World Cup : T20I छोड़ने के पीछे भारत कनेक्शन—मिचेल स्टार्क ने खुद खोला राज

Atul Kumar
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World Cup – जब ज़्यादातर खिलाड़ी टी20 क्रिकेट को प्राथमिकता देने के लिए टेस्ट और वनडे से दूरी बना रहे हैं, उसी दौर में मिचेल स्टार्क ने बिल्कुल उलटा रास्ता चुना।

सितंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के इस बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया था। अब, महीनों बाद, स्टार्क ने पहली बार खुलकर बताया है कि उन्होंने यह फैसला क्यों लिया—और उस कहानी के केंद्र में है भारत दौरा।

हां, वही भारत, जहां हर तेज़ गेंदबाज़ का करियर या तो निखरता है या टूटता है।

“2027 में भारत और इंग्लैंड जाना चाहता हूं”—स्टार्क का साफ इशारा

हाल ही में Coffee with COGS पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मिचेल स्टार्क ने अपनी सोच को बिना किसी घुमाव के सामने रखा।

स्टार्क ने कहा,

“उम्मीद है कि मैं 2027 में भारत और इंग्लैंड का टूर कर पाऊंगा। शायद यही वजह है कि मैंने T20I क्रिकेट छोड़ दिया। यही प्लान है। अगर हो पाया तो बढ़िया, नहीं हो पाया तो मेरा शरीर खुद बता देगा।”

इस एक बयान में स्टार्क की पूरी रणनीति छुपी है—वर्कलोड मैनेजमेंट।
कम फॉर्मेट, ज़्यादा फोकस, और करियर के आखिरी दौर में उन दौरों के लिए खुद को बचाकर रखना, जो असल मायने रखते हैं।

T20I क्यों छोड़ा, टेस्ट–वनडे क्यों नहीं?

स्टार्क के लिए फैसला फॉर्मेट का नहीं, शरीर और विरासत का था।

– T20I: ज़्यादा ट्रैवल, कम रिकवरी
– टेस्ट और वनडे: लंबी तैयारी, बड़ा असर

स्टार्क जानते हैं कि भारत और इंग्लैंड जैसे टूर—खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में—तेज़ गेंदबाज़ से पूरा शरीर मांगते हैं।
T20I खेलते रहना उस लक्ष्य के रास्ते में रुकावट बन सकता था।

एशेज 2025: जवाब आंकड़ों में नहीं, विकेटों में

अगर किसी को अब भी शक था कि स्टार्क का फैसला सही है या नहीं, तो एशेज 2025 ने वह बहस खत्म कर दी।

पहले दो टेस्ट मैचों में:

– 18 विकेट
– दोनों मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच
– किसी और गेंदबाज़ के नाम अब तक 10 विकेट भी नहीं

टेबल: एशेज 2025 (पहले दो टेस्ट) — स्टार्क का कहर

टेस्टविकेट
पहला टेस्ट10
दूसरा टेस्ट8
कुल18

पहले टेस्ट में एक पारी में 7 विकेट और मैच में 10 विकेट—करियर बेस्ट प्रदर्शन।
दूसरे टेस्ट में 8 शिकार।
यह सिर्फ फॉर्म नहीं, यह बताता है कि स्टार्क पूरी तरह फ्रेश हैं।

भारत दौरा—तेज़ गेंदबाज़ों की असली परीक्षा

स्टार्क के बयान में भारत का ज़िक्र यूं ही नहीं आया।

भारत में:

– फ्लैट पिच
– लंबा स्पेल
– रिवर्स स्विंग की बारीकियां
– और मौसम की मार

यहां वही तेज़ गेंदबाज़ टिकते हैं, जिनके पास धैर्य + फिटनेस + स्किल—तीनों हों।
स्टार्क 2027 में भारत आकर सिर्फ खेलने नहीं, असर छोड़ने आना चाहते हैं।

इंग्लैंड भी प्लान का हिस्सा क्यों?

इंग्लैंड दौरा भी उतना ही अहम है।

– ड्यूक बॉल
– सीम मूवमेंट
– लगातार स्पेल

स्टार्क जैसे स्विंग बॉलर के लिए इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट का आखिरी बड़ा मंच हो सकता है।
और यही वजह है कि वह अपने शरीर को T20I की थकान से दूर रखना चाहते हैं।

वनडे वर्ल्ड कप 2027—आखिरी मिशन?

स्टार्क के करियर का एक और बड़ा लक्ष्य साफ दिख रहा है—वनडे वर्ल्ड कप 2027।

संभावना यही है कि यह उनका आखिरी ODI वर्ल्ड कप होगा।
ऐसे में:

– भारत
– इंग्लैंड
– और वर्ल्ड कप

तीनों के लिए खुद को तैयार रखने का मतलब है—T20I से दूरी।

स्टार्क का फैसला क्या बताता है?

यह फैसला सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं है, यह एक ट्रेंड की उलटी धारा है।

जहां आज क्रिकेटर्स T20 को करियर का केंद्र बना रहे हैं, वहीं स्टार्क कह रहे हैं—
“मैं टेस्ट और वनडे के लिए खुद को बचाना चाहता हूं।”

यह सोच बताती है कि उनके लिए लेगेसी अभी भी मायने रखती है।

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