Tilak – टीम इंडिया की टी20 रणनीति पर चल रही बहस के बीच तिलक वर्मा ने एक सधा हुआ लेकिन साफ संदेश दे दिया है—इस फॉर्मेट में रोल से ज्यादा हालात अहम हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज़ 1-1 से बराबर है और रविवार को होने वाला तीसरा मुकाबला सिर्फ स्कोरलाइन नहीं, बल्कि भारत की सोच को भी परखेगा।
मैच से एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक वर्मा ने उस “लचीले बल्लेबाज़ी क्रम” का समर्थन किया, जिस पर हाल के दिनों में सवाल उठे हैं। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट अब तय नंबरों का खेल नहीं रहा।
“सलामी बल्लेबाजों को छोड़कर कोई भी कहीं भी खेल सकता है”
तिलक वर्मा ने बिना किसी लाग-लपेट के टीम मैनेजमेंट की सोच को सही ठहराया।
उन्होंने कहा,
“सलामी बल्लेबाजों को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ी किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। मैं तीसरे से छठे नंबर तक कहीं भी खेल सकता हूं, जहां टीम को मेरी जरूरत हो।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत की चेज़िंग रणनीति और रोल क्लैरिटी पर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन तिलक का नजरिया साफ है—टी20 में फिक्स रोल से ज्यादा जरूरी है एडैप्टेबिलिटी।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी—मिडिल ऑर्डर पर प्रयोग क्यों?
अगले साल होने वाले T20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए भारत जानबूझकर मिडिल ऑर्डर में प्रयोग कर रहा है।
तिलक मानते हैं कि हर फैसला हालात देखकर लिया जाता है।
उनके शब्दों में,
“हर टीम को लगता है कि कोई फैसला रणनीति के हिसाब से जरूरी है, तो सभी खिलाड़ी उसके साथ होते हैं। ऐसे फैसले हमेशा मैच की स्थिति को देखकर लिए जाते हैं।”
मतलब साफ है—यह ट्रायल नहीं, तैयारी का हिस्सा है।
अक्षर पटेल का उदाहरण—एक मैच से राय नहीं बनती
हाल ही में अक्षर पटेल की भूमिका को लेकर हुई चर्चा पर भी तिलक ने संतुलित प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा,
“एक मैच खराब हो सकता है। अक्षर पटेल ने यहां पहले अच्छा प्रदर्शन किया है। यह पूरी तरह हालात पर निर्भर करता है।”
यानी टीम किसी एक नाकाम पारी से अपनी सोच नहीं बदलने वाली।
धर्मशाला की पिच—ठंड, लेकिन रन बनेंगे
तीसरा टी20 धर्मशाला में खेला जाएगा, जहां मौसम ठंडा है लेकिन पिच बल्लेबाज़ों के मुफीद मानी जा रही है।
तिलक ने अपने अनुभव के आधार पर कहा,
“मैं यहां पहले भारत के लिए अंडर-19 सीरीज़ खेल चुका हूं। विकेट देखकर लगता है कि यहां काफी रन बनेंगे।”
छोटी बाउंड्री, सही टाइमिंग और सेट बल्लेबाज़—धर्मशाला इन तीनों को इनाम देता है।
ओस फैक्टर—टीम मानसिक तौर पर तैयार
शाम सात बजे शुरू होने वाले मुकाबले में ओस अहम भूमिका निभा सकती है। लेकिन तिलक के मुताबिक टीम इसके लिए पहले से तैयार है।
उन्होंने कहा,
“टॉस हमारे हाथ में नहीं है। हम ओस की चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। हमने हल्की गीली गेंद से अभ्यास किया है।”
ठंडे मौसम को लेकर भी उन्होंने भरोसा जताया—
“यहां मौसम ठंडा है, लेकिन हम शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार हैं। मानसिक रूप से मजबूत लोग हर जगह जीतते हैं।”
टेबल: भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका T20 सीरीज़ – स्थिति
| पहलू | जानकारी |
|---|---|
| सीरीज़ | 5 मैचों की T20 सीरीज़ |
| स्कोरलाइन | 1-1 |
| अगला मैच | तीसरा T20 |
| वेन्यू | धर्मशाला |
| समय | शाम 7 बजे |
बड़ी तस्वीर—लचीलापन कमजोरी नहीं, जरूरत है
जहां कुछ पूर्व खिलाड़ी ज्यादा लचीलेपन को जोखिम मान रहे हैं, वहीं तिलक वर्मा जैसे युवा इसे आधुनिक टी20 की जरूरत मानते हैं।
उनका संदेश साफ है—टीम इंडिया प्रयोग नहीं, परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की कला सीख रही है।
और अगर यह संतुलन सही बैठ गया, तो आने वाला वर्ल्ड कप भारत के लिए कहीं ज्यादा सहज हो सकता है।















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