Lee – एक दौर था जब ब्रेट ली, ग्लेन मैक्ग्रा, शेन वॉर्न और जेसन गिलेस्पी का नाम सुनते ही दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज़ सतर्क हो जाते थे। वह ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग अटैक सिर्फ विकेट नहीं लेता था, मैच की दिशा तय करता था।
लेकिन अब, उसी अटैक का हिस्सा रहे ब्रेट ली खुद मानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया को उनसे भी ज़्यादा खतरनाक गेंदबाज़ों का समूह मिल चुका है।
और यह बयान किसी बाहरी आलोचक का नहीं, बल्कि उस शख्स का है जिसने खुद बल्लेबाज़ों की नींद उड़ाई है।
“ये हमसे भी बेहतर हैं”—ब्रेट ली का बड़ा कबूलनामा
ब्रेट ली ने मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग यूनिट—पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लायन—को देश का अब तक का सबसे महान बॉलिंग अटैक बताया है।
AAP से बातचीत में ली ने साफ कहा,
“मुझे लगता है कि ये अब तक के सबसे अच्छे गेंदबाज़ हैं। अलग-अलग दौर की तुलना करना मुश्किल है, लेकिन मैं इन्हें हमसे ऊपर रखूंगा।”
यह सिर्फ भावनात्मक बयान नहीं है।
नंबर भी यही कहानी कहते हैं।
आंकड़े जो बहस खत्म कर देते हैं
कमिंस–स्टार्क–हेजलवुड–लायन की चौकड़ी ने मिलकर अब तक:
– 389 टेस्ट मैच
– 1,586 विकेट
अपने नाम किए हैं।
इनमें से:
– कमिंस: 300+ विकेट
– स्टार्क: 300+ विकेट
– लायन: 500+ विकेट
– हेजलवुड: 295 विकेट (300 से बस कदम दूर)
चार में से तीन गेंदबाज़ 300 क्लब में पहले ही शामिल हैं, और हेजलवुड की वापसी के बाद वह भी वहां पहुंचना तय माना जा रहा है।
जब चारों साथ खेले—तो तबाही तय
सबसे दिलचस्प आंकड़ा तब सामने आता है, जब ये चारों एक साथ प्लेइंग XI में उतरे।
– कुल टेस्ट: 35
– ऑस्ट्रेलिया की जीत: 22
– हार: 9
– ड्रॉ: 4
– कुल विकेट: 567
इतिहास में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग यूनिट ने इतने कम मैचों में इतनी बड़ी संख्या में विकेट नहीं लिए हैं।
टेबल: मौजूदा अटैक बनाम 2000s की लीजेंडरी चौकड़ी
| बॉलिंग यूनिट | टेस्ट विकेट | साथ खेले टेस्ट | जीत |
|---|---|---|---|
| कमिंस–स्टार्क–हेजलवुड–लायन | 1,586 | 35 | 22 |
| मैक्ग्रा–वॉर्न–गिलेस्पी–ली | 1,842 | 16 | 10 |
2000 के दशक की चौकड़ी ने ज़्यादा विकेट लिए, इसमें कोई शक नहीं।
लेकिन मौजूदा अटैक की निरंतरता, फिटनेस और हर कंडीशन में असर उन्हें अलग बना देता है।
हर कंडीशन का जवाब—यही है असली फर्क
ब्रेट ली के दौर का अटैक ज़्यादातर:
– होम कंडीशंस
– सीम और स्विंग
– तेज़ पिचों
पर राज करता था।
लेकिन मौजूदा अटैक:
– भारत में भी जीतता है
– इंग्लैंड में भी असरदार
– एशिया में स्पिन के साथ बैलेंस
– डे-नाइट टेस्ट में भी धारदार
नाथन लायन की मौजूदगी इस अटैक को कंप्लीट बनाती है—जो पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए हमेशा आसान नहीं रहा।
स्कॉट बोलैंड का ज़िक्र—और गहराई का सबूत
ब्रेट ली ने बातचीत में एक नाम और लिया—स्कॉट बोलैंड।
उन्होंने कहा,
“अगर स्कॉट बोलैंड को इसमें शामिल करें, तो वह माइकल कैस्परोविच जैसे हैं। उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन वह शानदार गेंदबाज़ हैं।”
यानी बात सिर्फ टॉप-4 की नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया की बॉलिंग बेंच स्ट्रेंथ भी उतनी ही खतरनाक है।
“जब ये चले जाएंगे, तब समझ आएगा”—ली की चेतावनी
ब्रेट ली की सबसे दिलचस्प लाइन शायद यही थी:
“ये लोग इतने अच्छे हैं कि ऑस्ट्रेलियाई जनता को तब तक पता नहीं चलेगा कि वे कितने महान थे, जब तक वे चले नहीं जाते।”
यह बयान सिर्फ तारीफ नहीं है—यह इतिहास का पैटर्न है।
जैसे वॉर्न और मैक्ग्रा के रिटायर होने के बाद उनकी असली अहमियत समझ आई थी।
पैट कमिंस—लीडर जो अटैक को जोड़ता है
इस पूरी यूनिट की रीढ़ हैं पैट कमिंस।
– कप्तान
– 140+ की रफ्तार
– नई गेंद और डेथ ओवर्स
– बैटिंग में भी योगदान
कमिंस सिर्फ गेंदबाज़ नहीं, बल्कि बॉलिंग यूनिट के आर्किटेक्ट बन चुके हैं।
निष्कर्ष: दौर बदला, दबदबा वही
हर पीढ़ी को लगता है कि उसका दौर सबसे बेहतरीन था।
लेकिन जब ब्रेट ली जैसे खिलाड़ी खुद मान लें कि अगली पीढ़ी उनसे आगे निकल चुकी है, तो बहस खत्म मानी जानी चाहिए।
मैक्ग्रा–वॉर्न–ली का अटैक इतिहास रहेगा।
लेकिन कमिंस–स्टार्क–हेजलवुड–लायन शायद भविष्य की कसौटी पर उससे भी ऊंचा खड़ा रहेगा।
और हो सकता है—
हम इसकी असली कीमत तब समझें, जब यह अटैक किताबों का हिस्सा बन जाएगा।















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