IND vs SA : एक मैच एक रिकॉर्ड – सूर्यकुमार यादव की एमएस धोनी से बराबरी

Atul Kumar
Published On:
IND vs SA

IND vs SA – धर्मशाला की ठंडी शाम और सीरीज़ का दबाव—लेकिन जैसे ही सूर्यकुमार यादव मैदान पर कदम रखेंगे, भारतीय टी20 इतिहास का एक खास पन्ना पलट जाएगा।

IND vs SA तीसरे T20I में खेलते ही सूर्या उस फेहरिस्त में एमएस धोनी की बराबरी कर लेंगे, जहां पहुंचना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं होती।

यह लिस्ट है—भारत के लिए सबसे ज्यादा T20I मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की।
माही अभी तीसरे पायदान पर हैं, सूर्या चौथे। धर्मशाला में एक मैच—और दोनों संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर।

एक मैच, दो नाम—धोनी और सूर्या

सूर्यकुमार यादव अब तक 97 T20I खेल चुके हैं।
आज का मुकाबला—नंबर 98

यानी वही आंकड़ा, जो कभी एमएस धोनी ने भारत के लिए सेट किया था।
अंतर बस इतना है कि धोनी का दौर खत्म हो चुका है, और सूर्या उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं—अब कप्तान के तौर पर।

आंकड़ों में सूर्या बनाम माही

दोनों के टी20I करियर को साथ रखकर देखें, तो फर्क साफ दिखता है—भूमिका अलग, स्टाइल अलग।

खिलाड़ीमैचरनऔसतस्ट्राइक रेट
सूर्यकुमार यादव97277135.98163.96
एमएस धोनी98161737.60

धोनी ने 2007 T20 वर्ल्ड कप जिताया, टीम को दिशा दी।
सूर्या ने टी20 बल्लेबाज़ी की परिभाषा बदली—360 डिग्री, बेमिसाल स्ट्राइक रेट, और आधुनिक क्रिकेट का चेहरा।

100 T20I क्लब—अब बस एक कदम दूर

भारत के लिए अब तक सिर्फ तीन खिलाड़ी ही 100 या उससे ज्यादा T20I खेल पाए हैं।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ यह सीरीज़ खत्म होते-होते सूर्यकुमार यादव चौथे नाम बन जाएंगे—यह लगभग तय है।

भारत के लिए सबसे ज्यादा T20I मैच

खिलाड़ीमैच
रोहित शर्मा159
विराट कोहली125
हार्दिक पांड्या122
एमएस धोनी98
सूर्यकुमार यादव97

रोहित–कोहली की जोड़ी T20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद इस फॉर्मेट से विदा ले चुकी है।
अब जिम्मेदारी नए दौर की है—और उस दौर का कप्तान सूर्या हैं।

लेकिन फॉर्म—यहीं अटक रही है कहानी

इतिहास के इस खास मोड़ पर एक सवाल पीछा नहीं छोड़ रहा—सूर्यकुमार यादव की मौजूदा फॉर्म।

2025 के आंकड़े चिंता बढ़ाते हैं:

– मैच: 19
– रन: 201
– औसत: 14.35
– अर्धशतक: 0

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले कप्तान का इस तरह खामोश रहना टीम मैनेजमेंट के लिए आसान नहीं है। रिकॉर्ड बन रहे हैं, लेकिन रन नहीं।

धर्मशाला—क्या बदलेगा मूड?

धर्मशाला की पिच शुरुआत में गेंदबाज़ों को मौका देती है, मगर सेट होने के बाद बल्लेबाज़ों के लिए खुल जाती है।
यही वो मंच है, जहां सूर्या अक्सर रिदम में लौटते दिखे हैं।

एक बड़ी पारी—और
– रिकॉर्ड की चमक भी
– फॉर्म की चिंता भी
दोनों एक साथ शांत हो सकती हैं।

बड़ी तस्वीर: रिकॉर्ड के पार जिम्मेदारी

एमएस धोनी की बराबरी करना सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है।
यह उस भरोसे का प्रतीक है, जो टीम मैनेजमेंट ने सूर्या पर जताया है—लीडर के तौर पर।

अब अगला कदम साफ है—
रिकॉर्ड के साथ रन भी आने चाहिए।

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