World Cup – शुभमन गिल बनाम संजू सैमसन—यह बहस अब सिर्फ टीवी स्टूडियो या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही। यह सवाल अब सीधे टीम इंडिया की टी20 पहचान पर आकर टिक गया है। और हर मैच के साथ यह बहस और तेज़ होती जा रही है।
भारत की सबसे बड़ी दिक्कत शायद यही है कि वह शुभमन गिल को हर हाल में ऑल-फॉर्मेट सुपरस्टार बनाना चाहता है। टेस्ट और वनडे में कप्तानी सौंपने के बाद, अब टी20 में भी उन्हें फिट करने की कोशिश हो रही है।
2026 टी20 वर्ल्ड कप के बाद कप्तानी देने की योजना है, इसलिए अभी उन्हें उप-कप्तान बना दिया गया। लेकिन इस प्लान की कीमत कौन चुका रहा है?
सीधा जवाब—टी20 स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़।
एशिया कप से शुरू हुई कहानी
एशिया कप के दौरान शुभमन गिल को अचानक टी20 सेटअप में फिट करने का फैसला लिया गया। नतीजा यह हुआ कि अभिषेक शर्मा–संजू सैमसन की जोड़ी टूट गई, जबकि 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद यही जोड़ी भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बना रही थी।
संजू सैमसन ने पहले ओपनिंग स्लॉट गंवाया।
फिर “बेहतर फिनिशर” की तलाश में जितेश शर्मा को लाया गया और सैमसन को बेंच पर बैठा दिया गया।
अब जब शुभमन गिल लगातार टी20 में फ्लॉप हो रहे हैं, तो वही सवाल फिर लौट आया है—संजू सैमसन को मौका क्यों नहीं?
शुभमन गिल: टी20 में आंकड़े सवाल पूछ रहे हैं
अगर सिर्फ भावनाओं को छोड़कर 2025 के T20I आंकड़े देखें, तो तस्वीर साफ नहीं बल्कि चिंताजनक दिखती है।
| खिलाड़ी | मैच (2025) | रन | औसत | 50+ |
|---|---|---|---|---|
| शुभमन गिल | 14 | 263 | 23.90 | 0 |
लगातार 17 पारियां, लेकिन एक भी अर्धशतक नहीं।
स्ट्राइक रेट 142.93 है, जो बुरा नहीं, लेकिन टी20 ओपनर से सिर्फ स्ट्राइक रेट नहीं, मैच जिताने वाली पारी चाहिए।
संजू सैमसन: नंबर जो खुद बोलते हैं
अब ज़रा संजू सैमसन के 2024 के आंकड़ों पर नज़र डालिए।
| खिलाड़ी | मैच (2024) | रन | औसत | शतक |
|---|---|---|---|---|
| संजू सैमसन | 13 | 436 | 43.60 | 3 |
यह तुलना किसी एजेंडा की नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की है।
संजू ने मौके मिलने पर सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि बड़े रन बनाए। फिर भी वह बाहर हैं।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल—यशस्वी जायसवाल कहां हैं?
गिल बनाम सैमसन की बहस ठीक है।
दोनों स्क्वॉड में हैं।
दोनों को मौके मिल रहे हैं।
लेकिन यशस्वी जायसवाल?
वह इस पूरी चर्चा से जैसे गायब ही कर दिए गए हैं।
– आखिरी T20I: 2024
– 2024 T20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड का हिस्सा
– लेकिन रोहित शर्मा और विराट कोहली के ओपनिंग करने की वजह से एक भी मैच नहीं खेल पाए
जायसवाल के T20I आंकड़े: नजरअंदाज़ करने लायक नहीं
| आंकड़ा | संख्या |
|---|---|
| मैच | 23 |
| रन | 723 |
| औसत | 36.15 |
| शतक | 1 |
| अर्धशतक | 5 |
और अगर सिर्फ 2024 की बात करें:
– मैच: 8
– रन: 293
– औसत: 41.85
– हाईएस्ट: 93 नाबाद
फिर भी…
नाम गायब।
बहस से बाहर।
जायसवाल + अभिषेक = टी20 का खौफ?
अगर यशस्वी जायसवाल को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग दी जाए, तो यह जोड़ी किसी भी गेंदबाज़ी अटैक के लिए डरावनी साबित हो सकती है।
पावरप्ले में आक्रामकता
बाउंड्री पर दबाव
और शुरुआत से मैच पर पकड़
कई फैंस को इसमें मैथ्यू हेडन–एडम गिलक्रिस्ट की झलक दिखती है।
और इसमें अतिशयोक्ति नहीं है।
बड़ी तस्वीर: भारत को क्या चाहिए?
टी20 क्रिकेट में सवाल सीधा होता है—
– कौन हर मैच में एक्सपेरिमेंट झेलेगा?
– कौन दबाव में बड़े शॉट खेलेगा?
– और कौन वर्ल्ड कप जिताने का दम रखता है?
शुभमन गिल टेस्ट-वनडे के लिए बेहतरीन खिलाड़ी हैं, इसमें कोई शक नहीं।
लेकिन टी20 में उन्हें जबरदस्ती फिट करना,
और बदले में संजू सैमसन व यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों को नज़रअंदाज़ करना,
भारत को महंगा पड़ सकता है।
बहस दो की, कीमत तीसरे की
आज बहस गिल बनाम सैमसन की है।
लेकिन सबसे ज़्यादा नुकसान यशस्वी जायसवाल का हो रहा है—जो परफॉर्म कर चुका है, फिर भी बाहर है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 दूर नहीं है।
अब समय नामों से आगे बढ़कर टी20-स्पेशल सोच अपनाने का है।
वरना इतिहास यही पूछेगा—
इतने तैयार बल्लेबाज़ होते हुए भी, भारत क्यों उलझा रहा?
















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