NZ – न्यूजीलैंड क्रिकेट के पावर कॉरिडोर में लंबे समय से चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। एनजेडसी (New Zealand Cricket) के सीईओ स्कॉट वीनिंक ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है, और इसकी वजह सिर्फ एक नहीं—बल्कि टी20 क्रिकेट के भविष्य को लेकर गहराता मतभेद है। ढाई साल तक शीर्ष पद पर रहने के बाद वीनिंक का कार्यकाल 30 जनवरी को औपचारिक रूप से खत्म हो जाएगा।
यह इस्तीफा अचानक नहीं है। यह उस बहस का नतीजा है, जो पिछले कई महीनों से बोर्डरूम के अंदर सुलग रही थी।
टी20 क्रिकेट बना टकराव की जड़
वीनिंक और न्यूजीलैंड क्रिकेट के भीतर मौजूद ताकतवर हितधारकों के बीच मतभेद की असली वजह है—फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग।
खबरों के मुताबिक:
– वीनिंक इस प्रस्तावित टी20 लीग के खिलाफ थे
– जबकि इसे न्यूजीलैंड क्रिकेट प्लेयर्स एसोसिएशन (NZCPA)
– और एनजेडसी के छह प्रमुख राज्य संघों का समर्थन हासिल है
यानी खिलाड़ी, राज्य संघ और सिस्टम का बड़ा हिस्सा एक तरफ—
और सीईओ दूसरी तरफ।
“भविष्य की दिशा पर मतभेद”—वीनिंक का साफ बयान
एनजेडसी की आधिकारिक विज्ञप्ति में स्कॉट वीनिंक ने खुद इस टकराव को स्वीकार किया।
उन्होंने कहा,
“गहन विचार-विमर्श के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि खेल की दीर्घकालिक दिशा और न्यूजीलैंड में टी20 क्रिकेट की भूमिका सहित एनजेडसी की भविष्य की प्राथमिकताओं पर मेरा दृष्टिकोण कई सदस्य संघों और एनजेडसीपीए से भिन्न है।”
यह बयान अपने आप में बहुत कुछ कह देता है—
यह सिर्फ रणनीति का फर्क नहीं था,
यह विजन की लड़ाई थी।
“नया नेतृत्व ही बेहतर विकल्प”—इस्तीफे की असली वजह
वीनिंक ने यह भी साफ किया कि वह संगठन को अस्थिरता की ओर नहीं धकेलना चाहते।
उनके शब्दों में,
“इन मतभेदों को देखते हुए मेरा मानना है कि संगठन के सर्वोत्तम हित में यही होगा कि नया नेतृत्व एनजेडसी को यहां से आगे ले जाए।”
यानी:
– मतभेद बने रहते
– निर्णय अटकते
– और बोर्ड के भीतर खेमेबंदी बढ़ती
इससे पहले कि हालात और बिगड़ते, वीनिंक ने खुद रास्ता अलग कर लिया।
छह राज्य संघ बनाम सीईओ: महीनों से चल रहा था तनाव
न्यूजीलैंड के:
– छह सदस्य संघ
– और खिलाड़ियों का संगठन NZCPA
पिछले कई महीनों से:
– घरेलू संरचना
– टी20 क्रिकेट की प्राथमिकता
– और फ्रेंचाइजी मॉडल
को लेकर वीनिंक से असहमत थे।
आज के दौर में, जब:
– दुनिया भर में टी20 लीग्स पैसा और टैलेंट खींच रही हैं
– खिलाड़ी वर्कलोड और कमाई को लेकर जागरूक हैं
न्यूजीलैंड क्रिकेट के भीतर यह बहस टल नहीं सकती थी।
“दुख है, लेकिन समर्थन के बिना आगे नहीं बढ़ सकता”
अपने विदाई बयान में वीनिंक ने भावनात्मक लहजा अपनाया।
उन्होंने कहा,
“इतने सफल कार्यकाल के बाद पद छोड़ने का मुझे दुख है, लेकिन मैं कुछ प्रमुख हितधारकों के समर्थन के बिना आगे बढ़कर अस्थिरता पैदा नहीं करना चाहता।”
यह एक तरह से स्वीकारोक्ति है कि:
– लीडरशिप सिर्फ पद से नहीं चलती
– उसे भरोसा और समर्थन भी चाहिए
और जब वह भरोसा टूट जाए, तो कुर्सी टिकती नहीं।
अब आगे क्या? एनजेडसी के सामने बड़े सवाल
स्कॉट वीनिंक के जाने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट के सामने कई अहम फैसले होंगे:
– क्या फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग को हरी झंडी मिलेगी?
– घरेलू क्रिकेट का ढांचा कैसे बदलेगा?
– खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच संतुलन कौन बनाएगा?
नया सीईओ सिर्फ एडमिनिस्ट्रेटर नहीं होगा—
उसे बदलते क्रिकेट इकोसिस्टम का मैनेजर बनना होगा।
टी20 बनाम परंपरा: सिर्फ न्यूजीलैंड की कहानी नहीं
यह लड़ाई सिर्फ एनजेडसी तक सीमित नहीं है।
– इंग्लैंड
– ऑस्ट्रेलिया
– वेस्टइंडीज
– और अब न्यूजीलैंड
हर जगह सवाल एक ही है—
टी20 क्रिकेट को कितना आगे बढ़ाया जाए, और किस कीमत पर?
वीनिंक का इस्तीफा इस वैश्विक बहस का एक और अध्याय है।















