World Cup – शनिवार की सुबह जैसे ही चयन समिति की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हुई, यह साफ हो गया था कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया सिर्फ नामों से नहीं, संदेशों से चुनी गई है। कुछ फैसले अनुमानित थे, लेकिन कुछ ऐसे भी, जिन्होंने क्रिकेट गलियारों में हलचल बढ़ा दी।
शुभमन गिल का ड्रॉप होना, रिंकू सिंह की वापसी, अक्षर पटेल को उप-कप्तानी और सबसे चौंकाने वाला नाम—ईशान किशन। यह स्क्वॉड सिर्फ टीम लिस्ट नहीं है, यह आने वाले डेढ़ साल की टी20 सोच का ब्लूप्रिंट है।
चयन का चेहरा: अगरकर–SKY की जोड़ी
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मिलकर यह टीम चुनी है। दोनों का संदेश साफ है—
टी20 में अब फॉर्म > नाम और कॉम्बिनेशन > सीनियरिटी।
यह वही सोच है, जो पिछले कुछ महीनों से भारतीय टी20 सेट-अप में दिख रही है। और इस स्क्वॉड में वह सोच पूरी तरह झलकती है।
शुभमन गिल बाहर, सवाल लाज़मी
सबसे बड़ा झटका—शुभमन गिल का ड्रॉप होना।
कुछ महीने पहले तक वही खिलाड़ी कप्तानी कर रहे थे। और अब? टीम से बाहर।
अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा,
“यह फैसला टीम कॉम्बिनेशन को देखते हुए लिया गया है। अगर टॉप ऑर्डर में विकेटकीपर है, तो नीचे अन्य बल्लेबाज़ों को मौका मिल सकता है।”
लेकिन सिर्फ कॉम्बिनेशन ही वजह नहीं है।
फॉर्म भी बड़ी चिंता
गिल का 2025 टी20 रिकॉर्ड:
– औसत: निराशाजनक
– अर्धशतक: 0
टी20 जैसे फॉर्मेट में यह आंकड़ा चयनकर्ताओं के लिए अलार्म है। बड़े नाम के बावजूद गिल का बल्ला खामोश रहा, और यही उनकी कीमत बन गया।
जितेश शर्मा और शहबाज़ अहमद: बिना गलती, फिर भी बाहर
अगरकर ने एक लाइन में यह भी साफ किया,
“जितेश शर्मा ने कुछ गलत नहीं किया, लेकिन टीम संतुलन के चलते उन्हें बाहर करना पड़ा।”
साउथ अफ्रीका सीरीज़ की स्क्वॉड से:
– शुभमन गिल
– जितेश शर्मा
– शहबाज़ अहमद
तीनों बाहर हो गए।
शहबाज़ को अक्षर पटेल की गैरमौजूदगी में मौका मिला था। अब अक्षर लौटे—और सिर्फ लौटे नहीं, उप-कप्तान बनकर लौटे।
अक्षर पटेल: भरोसे का प्रमोशन
अक्षर पटेल को उप-कप्तान बनाना शायद सबसे रणनीतिक फैसला है।
क्यों?
– बाएं हाथ का स्पिन
– निचले क्रम में रन
– दबाव में शांत दिमाग
– और टीम मैनेजमेंट का भरोसा
टी20 में अब उप-कप्तान सिर्फ नाम नहीं होता, वह लीडरशिप बैक-अप होता है। अक्षर इस रोल में फिट बैठते हैं।
रिंकू सिंह: वापसी नहीं, मान्यता
रिंकू सिंह का चयन किसी सरप्राइज से कम नहीं, लेकिन यह सरप्राइज प्रदर्शन से पैदा हुआ है।
– फिनिशर की भूमिका
– कम गेंदों में इम्पैक्ट
– और दबाव में शांत रहना
टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में यही प्रोफाइल मैच पलटती है। रिंकू अब प्रयोग नहीं, प्लान-A का हिस्सा हैं।
ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट का इनाम
सबसे दिलचस्प नाम—ईशान किशन।
लंबे समय से टीम से बाहर।
आलोचनाएं।
सवाल।
और फिर—सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025।
– 10 मैच
– 517 रन
– औसत: 57+
– दो शतक
– फाइनल में सेंचुरी
– झारखंड को पहला खिताब
चयनकर्ताओं ने साफ संदेश दिया है:
घरेलू क्रिकेट दिखेगा, तो दरवाज़ा खुलेगा।
ईशान का चयन सिर्फ विकेटकीपर के तौर पर नहीं, बल्कि टॉप-ऑर्डर फ्लेक्सिबिलिटी के तौर पर देखा जा रहा है।
SKY कप्तान ही रहेंगे, फिलहाल
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। खराब व्यक्तिगत फॉर्म के बावजूद मैनेजमेंट का भरोसा कायम है।
क्यों?
– रणनीति में स्पष्टता
– खिलाड़ियों का समर्थन
– और एशिया कप जीत का बैक-अप
वर्ल्ड कप से पहले कप्तानी बदलने का रिस्क टीम नहीं लेना चाहती।
टीम कॉम्बिनेशन: क्या कहती है लिस्ट?
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम:
– सूर्यकुमार यादव (कप्तान)
– अभिषेक शर्मा
– संजू सैमसन
– तिलक वर्मा
– हार्दिक पांड्या
– शिवम दुबे
– अक्षर पटेल (उप-कप्तान)
– रिंकू सिंह
– जसप्रीत बुमराह
– हर्षित राणा
– अर्शदीप सिंह
– कुलदीप यादव
– वरुण चक्रवर्ती
– वॉशिंगटन सुंदर
– ईशान किशन
यह स्क्वॉड बताती है:
– बैटिंग गहराई
– स्पिन विकल्पों की भरमार
– और डेथ ओवर्स में पेस वैरायटी
संभावित प्लेइंग इलेवन की झलक
| भूमिका | खिलाड़ी |
|---|---|
| ओपनर | अभिषेक शर्मा |
| ओपनर/कीपर | ईशान किशन |
| नंबर 3 | सूर्यकुमार यादव |
| मिडिल ऑर्डर | तिलक वर्मा |
| ऑलराउंडर | हार्दिक पांड्या |
| फिनिशर | रिंकू सिंह |
| ऑलराउंडर | अक्षर पटेल |
| स्पिन | कुलदीप यादव |
| पेस | जसप्रीत बुमराह |
| पेस | अर्शदीप सिंह |
| पेस | हर्षित राणा / वरुण चक्रवर्ती (पिच के अनुसार) |
चयन से क्या संकेत मिला?
तीन बड़े संकेत:
- घरेलू प्रदर्शन अब सिर्फ बोनस नहीं
- नाम से ज़्यादा भूमिका अहम
- वर्ल्ड कप के लिए प्रयोग सीमित होंगे
बीसीसीआई पहले ही साफ कर चुका है कि टी20 टीम को लेकर स्पष्ट रोडमैप होगा यह चयन उसी दिशा का अगला कदम है।
आगे क्या?
यह टीम फाइनल नहीं है, लेकिन कोर ज़रूर है।
अब हर खिलाड़ी जानता है:
– मौका मिला है
– और गलती की गुंजाइश कम है
शुभमन गिल जैसे नाम बाहर हैं, तो वापसी आसान नहीं होगी।
और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी अंदर हैं, तो सीट सुरक्षित भी नहीं।















