Tilak – अहमदाबाद की रात में जब रन बरस रहे थे, तब एक नाम चुपचाप रिकॉर्ड्स की कतार तोड़ता हुआ आगे निकल गया। स्कोरबोर्ड पर 231/5 चमक रहा था, स्टेडियम शोर में डूबा था, और बीच में खड़ा था 22 साल का एक बल्लेबाज़—तिलक वर्मा।
इंडिया बनाम साउथ अफ्रीका पांचवें टी20 में 42 गेंदों पर 73 रन… और इसके साथ ही रोहित शर्मा और विराट कोहली—दोनों के रिकॉर्ड—पीछे छूट गए।
यह सिर्फ एक अच्छी पारी नहीं थी।
यह नई पीढ़ी का सिग्नेचर मोमेंट था।
73 रन, लेकिन कहानी उससे बड़ी
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में तिलक वर्मा ने जिस तरह बल्लेबाज़ी की, उसमें हड़बड़ी नहीं थी।
10 चौके, 1 छक्का।
30 गेंदों में अर्धशतक।
और हर शॉट में कंट्रोल।
यह वही तिलक हैं, जिन्हें लंबे समय तक “प्रॉमिस” कहा गया। अब वह डिलीवरी कर रहे हैं।
रोहित और कोहली का रिकॉर्ड टूटा—सीधे, साफ
इस अर्धशतकीय पारी के साथ तिलक वर्मा टी20 इंटरनेशनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए।
अब तक SA के खिलाफ:
– पारियां: 10
– रन: 496
और यही आंकड़ा रोहित शर्मा और विराट कोहली—दोनों से आगे है।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ T20I में सबसे ज़्यादा रन (भारतीय)
| बल्लेबाज़ | पारियां | रन |
|---|---|---|
| तिलक वर्मा | 10 | 496 |
| रोहित शर्मा | 17 | 429 |
| सूर्यकुमार यादव | 14 | 406 |
| विराट कोहली | 13 | 394 |
| हार्दिक पांड्या | 15 | 373 |
रोहित और कोहली—दोनों अब टेस्ट और टी20I से संन्यास ले चुके हैं। रिकॉर्ड्स उनकी विरासत हैं, लेकिन मौजूदा वक्त का पता तिलक दे रहे हैं।
एक टीम के खिलाफ सबसे ज़्यादा रन: कोहली भी पीछे
यहां कहानी और दिलचस्प हो जाती है।
तिलक ने एक टीम के खिलाफ सबसे ज़्यादा T20I रन की भारतीय सूची में भी छलांग लगाई—और विराट कोहली को पीछे छोड़ा।
कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 492 रन बनाए थे।
तिलक अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ 496 पर हैं।
हालांकि, ऑल-टाइम टॉप पर अब भी विराट ही हैं।
T20I में एक टीम के खिलाफ सबसे ज़्यादा रन (भारतीय)
| रन | बल्लेबाज़ | विरोधी |
|---|---|---|
| 794 | विराट कोहली | ऑस्ट्रेलिया |
| 693 | रोहित शर्मा | वेस्टइंडीज |
| 648 | विराट कोहली | इंग्लैंड |
| 570 | विराट कोहली | वेस्टइंडीज |
| 511 | रोहित शर्मा | न्यूज़ीलैंड |
| 496 | तिलक वर्मा | साउथ अफ्रीका |
| 492 | विराट कोहली | पाकिस्तान |
यह लिस्ट बताती है—तिलक अब सिर्फ “यंग टैलेंट” नहीं, स्टैट्स वाले खिलाड़ी हैं।
मैच का टेम्पलेट: पहले शुरुआत, फिर तूफान
टॉस हारने के बाद भारत को शुरुआत चाहिए थी—और वह मिली।
– अभिषेक शर्मा: 34
– संजू सैमसन: 37
छठे ओवर में स्कोर 63।
बेस तैयार था।
इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव (5) फिर फ्लॉप रहे।
यहीं से मिडिल ऑर्डर की परीक्षा शुरू हुई—और तिलक पास हुए।
हार्दिक + तिलक: साझेदारी जिसने मैच तोड़ा
चौथे विकेट के लिए:
– गेंदें: 44
– रन: 105
यह साझेदारी सिर्फ तेज़ नहीं थी, स्मार्ट थी।
हार्दिक पांड्या ने जहां गैप ढूंढे, वहीं तिलक ने फील्ड सेटिंग पढ़ी।
हार्दिक का रिकॉर्ड:
– 16 गेंदों में अर्धशतक
– भारत के लिए T20I में दूसरा सबसे तेज़
दोनों 20वें ओवर में आउट हुए, लेकिन तब तक कहानी लिखी जा चुकी थी।
231/5: स्कोर जो दबाव बनाता है
भारत ने 20 ओवर में 231/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
यह स्कोर इसलिए भी अहम है क्योंकि:
– मिडिल ओवर्स में रन नहीं रुके
– डेथ में क्लीन हिटिंग हुई
– और साझेदारियां बिखरी नहींं
टी20 में यही फार्मूला जीत दिलाता है।
तिलक की बल्लेबाज़ी क्यों अलग दिखी?
क्योंकि:
– ऑफ-साइड में जबरदस्त कवरेज
– शॉर्ट बॉल पर कंट्रोल
– स्पिन के खिलाफ सिंगल्स की भूख
और सबसे अहम—रोल की समझ।
जब पावर हिटर साथ में हो, तो एंकर बनना भी उतना ही जरूरी है।
क्या यह वर्ल्ड कप इलेवन का टिकट है?
टी20 वर्ल्ड कप नज़दीक है।
और टीम इंडिया को चाहिए:
– भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर
– बाएं हाथ का बैलेंस
– और बड़े मैचों का टेम्परामेंट
तिलक वर्मा इन तीनों बॉक्स को टिक कर रहे हैं।
चयनकर्ताओं के लिए संदेश साफ है—फॉर्म बोल रही है।
रोहित–कोहली युग के बाद का संकेत
रोहित शर्मा और विराट कोहली ने जो मानक सेट किए, उन्हें छूना आसान नहीं।
लेकिन तिलक का यह रिकॉर्ड कहता है कि:
– ट्रांजिशन चल रहा है
– नई पीढ़ी डर नहीं रही
– और जिम्मेदारी उठा रही है
टी20I क्रिकेट में यह सही दिशा का संकेत है।















