Asia Cup : कप्तान-कोच रडार पर – एशिया कप फाइनल की हार का असर

Atul Kumar
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Asia Cup – दुबई की उस रात स्कोरबोर्ड सिर्फ़ एक हार नहीं दिखा रहा था, एक चेतावनी दिखा रहा था।
191 रन से फाइनल हारना—वो भी पाकिस्तान के खिलाफ—अंडर-19 लेवल पर भी हल्की बात नहीं होती। और यही वजह है कि बीसीसीआई ने अब नरमी छोड़ दी है।

U19 एशिया कप 2025 के फाइनल में मिली करारी शिकस्त के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने टीम इंडिया के पूरे प्रदर्शन की बड़ी समीक्षा (Major Review) का फैसला कर लिया है। असर सिर्फ़ रिपोर्ट तक सीमित नहीं रह सकता—कप्तान से लेकर कोच तक सवालों के घेरे में हैं।

एपेक्स काउंसिल मीटिंग: जहां टोन बदली

सोमवार, 22 दिसंबर की शाम।
बीसीसीआई की ऑनलाइन एपेक्स काउंसिल मीटिंग।

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी मीटिंग में यह महसूस किया गया कि:

  • हार सिर्फ़ फाइनल की नहीं थी
  • पूरे टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन अपेक्षाओं से नीचे रहा
  • और अब “रूटीन रिव्यू” काफी नहीं होगा

यहीं से तय हुआ—डिटेल्ड रिव्यू होगा, और जवाब मांगे जाएंगे।

सिर्फ़ मैनेजर नहीं, कप्तान और कोच भी रडार पर

अब तक अंडर-19 टूर्नामेंट्स में:

  • रिपोर्ट मैनेजर देता था
  • मामला वहीं खत्म हो जाता था

लेकिन इस बार मामला अलग है।

बीसीसीआई सिर्फ़ टीम मैनेजर सलिल दातार से रिपोर्ट नहीं मांगेगा, बल्कि:

  • हेड कोच ऋषिकेश कानिटकर
  • और कप्तान आयुष म्हात्रे

से भी सीधे बात करने का मन बना चुका है।

यह कदम अपने-आप में बड़ा संकेत है—
बोर्ड इस हार को “एक्सीडेंट” मानने के मूड में नहीं है।

कप्तान आयुष म्हात्रे: प्रदर्शन और प्रेशर

आयुष म्हात्रे पर दोहरी मार पड़ी है।

एक तरफ़:

  • कप्तान होने की जिम्मेदारी

दूसरी तरफ़:

  • टूर्नामेंट में खुद का फीका प्रदर्शन

फाइनल जैसे बड़े मैच में:

  • टॉप ऑर्डर पूरी तरह ढह गया
  • और कप्तान से कोई लीडिंग पारी नहीं आई

बीसीसीआई के भीतर यह सवाल उठ रहा है—

क्या कप्तानी का बोझ प्रदर्शन पर हावी हो गया?

और यही वजह है कि कप्तान पर भी गाज गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

348 का पीछा, 156 पर ढेर: आंकड़े जो डराते हैं

फाइनल में भारत को मिला लक्ष्य था—348 रन।
लेकिन मुकाबला आधे रास्ते में ही खत्म हो गया।

U19 एशिया कप फाइनल: स्कोरकार्ड की सच्चाई

पहलूआंकड़ा
लक्ष्य348 रन
भारत का स्कोर156
ओवर26.2
हार191 रन
टॉप 6 विकेट50 रन पर

स्टार माने जा रहे:

  • आयुष म्हात्रे
  • वैभव सूर्यवंशी

दोनों ही दबाव में नाकाम रहे।

सपोर्ट स्टाफ के एक सदस्य ने क्रिकबज से साफ कहा—

“दुर्भाग्य से हमारे बड़े नाम फाइनल में खड़े नहीं हो पाए।”

खिलाड़ियों के व्यवहार पर भी सवाल?

रिव्यू का दायरा सिर्फ़ तकनीक तक सीमित नहीं हो सकता।

सूत्रों के मुताबिक:

  • फाइनल के दौरान खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर भी रिपोर्ट्स आई हैं
  • पाकिस्तान के मेंटर सरफराज अहमद ने भारतीय टीम को लेकर कुछ कड़े शब्द कहे

हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि:

  • यह पहलू औपचारिक रिव्यू का हिस्सा बनेगा या नहीं

लेकिन बीसीसीआई इस बार कुछ भी नज़रअंदाज़ करने के मूड में नहीं है।

टाइमिंग क्यों अहम है? वजह—U19 वर्ल्ड कप 2026

इस रिव्यू के पीछे सबसे बड़ा कारण है—भविष्य का डर।

जनवरी-फरवरी 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप होना है।
और बीसीसीआई नहीं चाहता कि:

  • वही कमज़ोरियां
  • वही मानसिक चूक
  • और वही बड़े मैचों की नाकामी

फिर दोहराई जाए।

यही वजह है कि बोर्ड:

  • समस्याओं को अभी पकड़ना चाहता है
  • और जरूरत पड़ी तो कड़े फैसले भी लेने को तैयार है

यह सिर्फ़ एक हार नहीं, सिस्टम टेस्ट है

U19 क्रिकेट भारत के लिए हमेशा टैलेंट पाइपलाइन रहा है।
यहां से खिलाड़ी सीधे:

  • IPL
  • इंडिया A
  • और फिर सीनियर टीम तक जाते हैं

अगर इस स्तर पर:

  • दबाव में बैटिंग फेल हो
  • कप्तानी में स्पष्टता न हो
  • और बड़े मैचों में टूटन दिखे

तो खतरे की घंटी बजना लाज़मी है।

क्या बदलाव संभव हैं?

रिव्यू के बाद संभावित कदम:

  • सपोर्ट स्टाफ में बदलाव
  • कप्तानी पर पुनर्विचार
  • मेंटल कंडीशनिंग पर ज़ोर
  • बड़े मैचों की तैयारी का नया ढांचा

हालांकि बीसीसीआई की तरफ़ से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

एक कड़वी हार, लेकिन ज़रूरी झटका

191 रन की हार शर्मनाक ज़रूर है,
लेकिन अगर इससे:

  • सिस्टम सुधरता है
  • फैसले समय पर होते हैं
  • और खिलाड़ी मानसिक तौर पर मज़बूत बनते हैं

तो शायद यह झटका लंबे समय में फायदेमंद साबित हो।

क्योंकि अंडर-19 लेवल पर हार से ज़्यादा खतरनाक होता है—
सब कुछ ठीक है, ऐसा मान लेना।

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