List A – क्रिसमस के दिन जब देश का बड़ा हिस्सा छुट्टी के मूड में था, तब भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम—रोहित शर्मा और विराट कोहली—विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में रिकॉर्ड्स की बारिश कर रहे थे।
एक तरफ कोहली ने सचिन तेंदुलकर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ा, तो दूसरी तरफ रोहित शर्मा ने 38 की उम्र में ऐसा शतक जड़ा कि पूरा घरेलू सीज़न अचानक सुर्खियों में आ गया।
यह सिर्फ दो पारियां नहीं थीं। यह भारतीय क्रिकेट के दो दौरों का एक साथ जश्न था।
विराट कोहली: 16,000 रन और सचिन से आगे
आंध्र प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए विराट कोहली ने अपनी 330वीं लिस्ट ए पारी में 16,000 रन पूरे किए। खास बात यह रही कि इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए उन्होंने सचिन तेंदुलकर से कम पारियां लीं।
यानी रिकॉर्ड सिर्फ टूटा नहीं—अपग्रेड हुआ।
लिस्ट ए क्रिकेट में यह उपलब्धि विराट की निरंतरता, फिटनेस और भूख का सबूत है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भले ही हर पारी पर माइक्रोस्कोप रहता हो, लेकिन घरेलू मंच पर आकर कोहली ने दिखाया कि क्लास कभी फॉर्म की मोहताज नहीं होती।
बीसीसीआई के आधिकारिक घरेलू रिकॉर्ड और ESPNcricinfo के आंकड़े इस उपलब्धि की पुष्टि करते हैं।
रोहित शर्मा: उम्र सिर्फ नंबर है
अब बात उस पारी की, जिसने स्टेडियम में बैठे करीब 20 हजार दर्शकों को क्रिसमस का तोहफा दे दिया।
मुंबई की तरफ से खेलते हुए रोहित शर्मा ने सिक्किम के खिलाफ सिर्फ 62 गेंदों में शतक पूरा किया और 94 गेंदों पर 155 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी में:
18 चौके
9 छक्के
और हर गेंद पर आत्मविश्वास
यह रोहित शर्मा का क्लासिक “हिटमैन मोड” था—कम शब्द, ज्यादा असर।
150+ स्कोर का वर्ल्ड रिकॉर्ड: वॉर्नर की बराबरी
इस पारी के साथ रोहित शर्मा ने लिस्ट ए क्रिकेट में 150 या उससे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड साझा कर लिया।
| खिलाड़ी | 150+ स्कोर (लिस्ट ए) |
|---|---|
| रोहित शर्मा | 9 |
| डेविड वॉर्नर | 9 |
| सचिन तेंदुलकर | 5 |
| विराट कोहली | 5 |
| क्रिस गेल | 5 |
ODI और घरेलू 50-ओवर क्रिकेट मिलाकर यह आंकड़ा रोहित को उस लीग में ले जाता है, जहां सिर्फ “बड़े दिन” वाले बल्लेबाज़ टिकते हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में उम्र का रिकॉर्ड
38 साल और 238 दिन की उम्र में शतक जड़कर रोहित शर्मा इस टूर्नामेंट में शतक बनाने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज बल्लेबाज़ बन गए।
इस लिस्ट में उनसे आगे सिर्फ एक नाम है—अनुस्तुप मजूमदार, जिन्होंने 39 साल की उम्र में 2023–24 सीज़न में दो शतक जड़े थे।
यह आंकड़ा बताता है कि अनुभव जब फिटनेस से मिले, तो उम्र पीछे छूट जाती है।
सिक्किम के गेंदबाज़ और रोहित का तूफान
सिक्किम के लिए यह मैच सीखने वाला रहा। पाल्जर तमांग, क्रांति कुमार, गुरिंदर सिंह और अंकुर मलिक—कोई भी रोहित की टाइमिंग और पावर के सामने टिक नहीं पाया।
रोहित ने पारी की शुरुआत ही मिडविकेट पर चौके से की और फिर स्पिन हो या पेस—किसी को नहीं छोड़ा। दो जीवनदान मिले, लेकिन स्कोरबोर्ड पर कोई ब्रेक नहीं लगा।
मुंबई ने 237 रन का लक्ष्य सिर्फ 30.3 ओवर में हासिल कर लिया और मैच 8 विकेट से जीत लिया।
घरेलू क्रिकेट का बदलता मतलब
यह मैच सिर्फ एक ग्रुप गेम नहीं था।
यह संदेश था।
जब सीनियर खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट को गंभीरता से लेते हैं, तो उसका असर सिर्फ स्टैट्स में नहीं—पूरे सिस्टम में दिखता है। युवा खिलाड़ियों के लिए यह सीधा मैसेज है कि भारत में रास्ता अभी भी रणजी और विजय हजारे से होकर ही जाता है।
रो-को का एक साथ चमकना क्यों खास है?
रोहित और कोहली—अक्सर तुलना, बहस और सोशल मीडिया की लड़ाइयों में घिरे रहते हैं।
लेकिन जब दोनों एक ही दिन रिकॉर्ड बनाएं, तो वह पल भारतीय क्रिकेट के लिए खास बन जाता है। एक ने सचिन को पीछे छोड़ा। दूसरे ने वॉर्नर की बराबरी की।
दोनों ने बताया कि वे अभी खत्म नहीं हुए हैं।
यह सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, संकेत है
विजय हजारे ट्रॉफी 2025 का यह दिन लंबे वक्त तक याद रखा जाएगा।
रोहित शर्मा ने दिखाया कि बड़े स्कोर अभी बाकी हैं।
विराट कोहली ने साबित किया कि रन मशीन अभी भी चालू है।
और भारतीय घरेलू क्रिकेट ने फिर याद दिलाया—असली कहानी अक्सर कैमरों से दूर लिखी जाती है।















