Test – एडिलेड टेस्ट से ठीक पहले जब ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में प्लेइंग XI को लेकर चर्चा चल रही थी, तब सबसे चौंकाने वाला नाम टीम शीट से गायब था—स्टीव स्मिथ। वजह न चोट थी, न फॉर्म। वजह थी एक ऐसी मेडिकल समस्या, जो दिखती नहीं, लेकिन बल्लेबाज़ के करियर पर भारी पड़ सकती है—वर्टिगो।
अब चौथे टेस्ट से पहले स्मिथ ने पहली बार खुलकर बताया है कि आखिर उस दिन उनके साथ क्या हो रहा था। और यह कहानी सिर्फ एक मैच मिस करने की नहीं है, बल्कि शरीर और दिमाग के बीच उस जंग की है, जिसे खिलाड़ी अक्सर कैमरों से दूर लड़ते हैं।
“मैं गेंद को ट्रैक ही नहीं कर पा रहा था”
36 वर्षीय स्टीव स्मिथ ने बताया कि एडिलेड टेस्ट से पहले उन्हें वेस्टिबुलर सिस्टम से जुड़ी समस्या हो रही थी। आसान शब्दों में—कान के अंदरूनी हिस्से का वह सिस्टम, जो शरीर का संतुलन बनाए रखता है।
स्मिथ के शब्दों में, जैसे ही उन्होंने नेट्स में बल्लेबाज़ी शुरू की, कुछ गलत लगा।
उन्हें गेंद साफ दिखाई नहीं दे रही थी। सिर भारी लग रहा था। फोकस टूट रहा था।
और एक बल्लेबाज़ के लिए इससे बुरी स्थिति शायद ही हो।
तीन दिन पहले ही मिल गए थे संकेत
स्मिथ ने बताया कि मैच से करीब तीन दिन पहले ही उन्हें दोबारा वही फीलिंग आने लगी थी। उन्होंने तुरंत हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड से बात की।
कोच ने उन्हें हल्की गतिविधि करने की सलाह दी—बस शरीर को परखने के लिए।
स्मिथ उस दोपहर गोल्फ खेलने गए। लेकिन कहानी यहीं बिगड़ गई।
उस रात उनकी हालत और खराब हो गई।
जब सिर घुमाते ही दुनिया घूमने लगे
अगले दिन स्मिथ ने कुछ भी नहीं किया। पूरी तरह आराम।
उसके बाद वाली सुबह उन्होंने फिर बल्लेबाज़ी की कोशिश की—लेकिन हालात नहीं बदले।
मैच की सुबह, टॉस से पहले, आखिरी बार उन्होंने खुद को टेस्ट किया।
और तभी फैसला लगभग तय हो गया।
स्मिथ ने बताया कि जब वह स्टांस में सिर पीछे से आगे लाते थे, तो हर बार उन्हें खुद को दोबारा संतुलित करना पड़ता था।
तेज़ चक्कर।
दिशा का भ्रम।
और लगातार असहजता।
उस दिन एडिलेड की भीषण गर्मी हालात को और बिगाड़ सकती थी।
“फैसला सही था, भले ही दिल नहीं मान रहा था”
स्मिथ ने माना कि उस पिच पर बल्लेबाज़ी करना उन्हें बेहद पसंद आता।
लेकिन शरीर साथ नहीं दे रहा था।
आख़िरकार टीम मैनेजमेंट और मेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर फैसला लिया गया—मैच नहीं खेलना ही सही विकल्प है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सूत्रों के मुताबिक, स्मिथ को टेस्ट से पहले मतली और चक्कर आने जैसे लक्षण भी महसूस हो रहे थे। इसी वजह से वह सोमवार के मुख्य अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं ले पाए।
उस्मान ख्वाजा ने संभाली जिम्मेदारी
स्मिथ की गैरमौजूदगी में उस्मान ख्वाजा को प्लेइंग XI में शामिल किया गया—और उन्होंने मौके को दोनों हाथों से भुनाया।
ख्वाजा के प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि ऑस्ट्रेलिया की बेंच स्ट्रेंथ कितनी मजबूत है।
लेकिन टीम जानती है—स्मिथ की जगह कोई नहीं ले सकता।
यह पहली बार नहीं है
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह स्मिथ के लिए नई समस्या नहीं है।
- 2023 वनडे वर्ल्ड कप
- 2022 श्रीलंका सीरीज़
इन दोनों मौकों पर भी उन्हें वर्टिगो के लक्षण महसूस हुए थे।
पिछले छह टेस्ट मैचों में यह दूसरी बार है जब वह किसी स्वास्थ्य कारण से बाहर रहे हैं।
यानी मामला संयोग नहीं, पैटर्न बनता दिख रहा है।
आईसीसी के मेडिकल गाइडलाइंस के मुताबिक, वेस्टिबुलर डिसऑर्डर जैसे मामलों में खिलाड़ियों को बिना पूरी रिकवरी के मैदान पर उतरने से रोका जाता है।
चौथे टेस्ट को लेकर क्या अपडेट है?
फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई टीम को उम्मीद है कि स्मिथ मेलबर्न टेस्ट तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे।
उन्होंने नेट्स में एक छोटा फिटनेस टेस्ट दिया है।
रिज़ल्ट्स पॉजिटिव हैं।
लेकिन अंतिम फैसला मेडिकल टीम लेगी।
एशेज जैसे हाई-प्रेशर सीरीज़ में कोई भी रिस्क लेना ऑस्ट्रेलिया नहीं चाहेगा—खासतौर पर तब, जब बात उनके सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ की हो।
वर्टिगो: छोटी लगने वाली, बड़ी समस्या
वर्टिगो को अक्सर “साधारण चक्कर” समझ लिया जाता है।
लेकिन एक इंटरनेशनल क्रिकेटर के लिए यह करियर-डिफाइनिंग समस्या बन सकती है।
बैलेंस, रिफ्लेक्स और विज़न—तीनों पर असर पड़ता है।
और टेस्ट क्रिकेट में, जहां एक सेकंड की देरी भी विकेट बन सकती है, वहां यह खतरनाक है।
यह सिर्फ एक टेस्ट की कहानी नहीं
स्टीव स्मिथ का तीसरा टेस्ट मिस करना सिर्फ टीम कॉम्बिनेशन की खबर नहीं थी।
यह याद दिलाने वाला पल था कि:
- खिलाड़ी मशीन नहीं होते
- हर समस्या प्लास्टर या स्ट्रैप से ठीक नहीं होती
- और कभी-कभी बाहर बैठना ही सबसे बहादुरी भरा फैसला होता है
अब निगाहें मेलबर्न पर हैं।
स्मिथ लौटेंगे या नहीं—यह सवाल अभी खुला है।
लेकिन एक बात तय है—अगर वह लौटे, तो सिर्फ फिट होकर।















