Kohli : शतक नहीं आया लेकिन इतिहास बन गया कोहली ने तोड़ा बेवन का रिकॉर्ड

Atul Kumar
Published On:
Kohli

Kohli – विजय हजारे ट्रॉफी इस बार विराट कोहली के लिए सिर्फ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं रह गई है। यह मंच बन गया है—रिकॉर्ड, फॉर्म और इतिहास का। पहले मैच में 131 रन की दमदार शतकीय पारी खेलने के बाद अब गुजरात के खिलाफ दूसरे मुकाबले में भी किंग कोहली का बल्ला आग उगलता दिखा।

शतक भले ही नहीं आया, लेकिन 77 रनों की इस पारी ने विराट को ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया, जहां दुनिया के सबसे भरोसेमंद वनडे बल्लेबाज़ भी पीछे छूट गए।

शतक नहीं, लेकिन इतिहास जरूर बना

गुजरात के खिलाफ विराट कोहली ने 77 रन बनाए। यह पारी सिर्फ स्कोरकार्ड की एंट्री नहीं थी, बल्कि लिस्ट ए क्रिकेट का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने साथ लाई।

इस पारी के बाद विराट कोहली का लिस्ट ए क्रिकेट में औसत 57.87 हो गया है। यह अब तक का सबसे ज्यादा औसत है। इस लिस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज़ माइकल बेवन को पीछे छोड़ दिया है।

माइकल बेवन का रिकॉर्ड टूटा

अब तक यह रिकॉर्ड माइकल बेवन के नाम था, जिन्हें वनडे क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद फिनिशर माना जाता रहा है।

लिस्ट ए क्रिकेट में सर्वाधिक औसत (टॉप बल्लेबाज़)

बल्लेबाज़रनऔसत
विराट कोहली57.87
माइकल बेवन1510357.86
चेतेश्वर पुजारा57.01
ऋतुराज गायकवाड़56.68

सिर्फ 0.01 के अंतर से विराट कोहली इस लिस्ट में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। यह छोटा सा आंकड़ा, लेकिन इसका मतलब बहुत बड़ा है।

29 गेंदों में अर्धशतक, फिर भी नियंत्रण

गुजरात के खिलाफ विराट कोहली की पारी क्लास और आक्रामकता का शानदार मिश्रण थी।

  • सिर्फ 29 गेंदों में अर्धशतक
  • कुल 61 गेंदों पर 77 रन
  • 13 चौके और 1 छक्का

शुरुआत से ही कोहली पूरी तरह कंट्रोल में दिखे। कवर ड्राइव, स्ट्रेट ड्राइव और कट—सब कुछ किताब की तरह साफ। लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे।

साथी नहीं मिले, दबाव बढ़ा

दिल्ली की पारी के दौरान विराट कोहली को दूसरे छोर से ज्यादा लंबा साथ नहीं मिला। लगातार विकेट गिरने के कारण रन गति बढ़ाने का दबाव बना।

इसी दबाव में बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कोहली स्टंप आउट हो गए। यह आउट भले ही निराशाजनक रहा हो, लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे।

स्कोरबोर्ड पर कोहली का दबदबा

खबर लिखे जाने तक:

  • दिल्ली – 5 विकेट पर 150 रन
  • विराट कोहली – 77 रन अकेले

यानी टीम के आधे से ज्यादा रन सिर्फ एक बल्लेबाज़ के बल्ले से आए।

पहले राउंड में जिस तरह से बड़े-बड़े लक्ष्य चेज़ हुए हैं, उसे देखते हुए यह साफ है कि दिल्ली को इस मैच में जीत के लिए कम से कम 300 रन बोर्ड पर लगाने होंगे।

विजय हजारे में विराट कोहली का संदेश

इस टूर्नामेंट में विराट कोहली सिर्फ रन नहीं बना रहे—वह एक संदेश दे रहे हैं।

  • फॉर्म में वापसी
  • घरेलू क्रिकेट का सम्मान
  • और निरंतरता की मिसाल

विजय हजारे ट्रॉफी विराट के लिए रिहैब नहीं, बल्कि डॉमिनेशन स्टेटमेंट बनती जा रही है।

निष्कर्ष: किंग का राज अभी खत्म नहीं हुआ

शतक से चूकने के बावजूद विराट कोहली ने यह दिखा दिया कि क्लास कभी आउट ऑफ फॉर्म नहीं होती। लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा औसत—यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि सालों की निरंतरता का नतीजा है।

विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली का बल्ला जिस अंदाज़ में चल रहा है, वह साफ संकेत है—किंग अभी सिंहासन छोड़ने के मूड में नहीं हैं।

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