Virat – विजय हजारे ट्रॉफी का मैदान इन दिनों विराट कोहली के लिए सिर्फ घरेलू क्रिकेट नहीं, बल्कि एक साफ़ संदेश देने का मंच बन चुका है। उम्र 37 साल, टेस्ट क्रिकेट से संन्यास, ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ में बैक-टू-बैक डक—इन सबके बाद जिस तरह की बातें होने लगी थीं, उनका जवाब कोहली ने शब्दों में नहीं, रनों से दिया है। और वो भी लगातार।
दिल्ली की जर्सी में उतरते हुए कोहली ने बता दिया कि फॉर्म कोई अचानक आने-जाने वाली चीज़ नहीं होती। वो आदत होती है। और किंग कोहली उस आदत को फिर से पकड़ चुके हैं।
गुजरात के खिलाफ 77 रन: शतक नहीं, लेकिन बयान पूरा
शुक्रवार, 26 दिसंबर। दिल्ली बनाम गुजरात।
कोहली ने 61 गेंदों पर 77 रन बनाए—13 चौके, 1 छक्का, स्ट्राइक रेट 126। शतक नहीं आया, लेकिन बल्लेबाज़ी में वही पुरानी धार दिखी। ड्राइव्स में टाइमिंग, गैप्स की पहचान और रन बनाने की भूख—सब कुछ मौजूद था।
यह उनकी विजय हजारे ट्रॉफी में दूसरी पारी थी। पहली पारी में आंध्र प्रदेश के खिलाफ 131 रन। यानी टूर्नामेंट की शुरुआत भी शतक से, और अगला मैच भी दमदार।
“अब नहीं खेल पाएंगे?”—यही सवाल उठे थे
विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास के बाद और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ में लगातार दो बार डक पर आउट होने के बाद माहौल बदलने लगा था।
2027 वर्ल्ड कप?
उम्र ज़्यादा नहीं हो गई?
क्या किंग का समय खत्म हो रहा है?
दो मैच। सिर्फ दो मैच। और उस पर पूरे करियर पर सवाल।
लेकिन यहीं से कहानी पलटी।
25 अक्टूबर से बदला मोमेंटम
25 अक्टूबर 2025।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरा वनडे।
कोहली ने 74 रन* बनाए।
यहीं से लय वापस आई। और फिर जो हुआ, वो आंकड़ों में सीधा लिखा है।
लगातार 6 मैच, हर मैच में 50+ स्कोर
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन दो डक के बाद विराट कोहली ने अब तक 6 मैच खेले हैं।
नतीजा?
- 6 में से 6 पारियों में 50+ स्कोर
- 3 शतक
- 3 अर्धशतक
- कुल रन: 584
यह सिर्फ फॉर्म नहीं, यह कंट्रोल है।
विराट कोहली – पिछले 6 मैचों का प्रदर्शन
| मैच | रन |
|---|---|
| दिल्ली vs गुजरात | 77 |
| दिल्ली vs आंध्र प्रदेश | 131 |
| भारत vs दक्षिण अफ्रीका | 65* |
| भारत vs दक्षिण अफ्रीका | 102 |
| भारत vs दक्षिण अफ्रीका | 135 |
| भारत vs ऑस्ट्रेलिया | 74* |
साउथ अफ्रीका सीरीज़: मैन ऑफ द सीरीज़
ऑस्ट्रेलिया के बाद आई दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़।
कोहली वहां भी रुके नहीं।
- रांची – 135 रन
- रायपुर – 102 रन
- विशाखापट्टनम – 65*
नतीजा: मैन ऑफ द सीरीज़।
यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी वही निरंतरता।
विजय हजारे खेलने का फैसला क्यों अहम है?
अक्सर सीनियर खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट से दूरी बनाते हैं।
लेकिन विराट कोहली ने न्यूजीलैंड सीरीज़ से पहले विजय हजारे ट्रॉफी खेलने का फैसला खुद किया।
कारण साफ था—
लय को थामे रखना।
ब्रेक नहीं, रिदम।
और वही हुआ।
फिटनेस वही, भूख वही
37 साल की उम्र में भी विराट कोहली की फिटनेस सवालों से बाहर है।
- फील्डिंग में वही एनर्जी
- रनिंग बिटवीन द विकेट्स में वही तेज़ी
- और बल्लेबाज़ी में वही अनुशासन
यह वही कोहली है, जिसने अपने करियर में खुद को कई बार दोबारा गढ़ा है।
2027 वर्ल्ड कप? सवाल अब उतने तेज़ नहीं
छह महीने पहले जो बातें तेज़ थीं, आज वो धीमी पड़ चुकी हैं।
क्योंकि सवालों का सबसे असरदार जवाब—परफॉर्मेंस—कोहली दे चुके हैं।
584 रन।
6 पारियां।
0 असंगति।
किंग अभी गया नहीं है
विराट कोहली ने यह साफ कर दिया है कि दो डक किसी करियर का फैसला नहीं करते।
फैसला करती है निरंतरता।
और फिलहाल, निरंतरता पूरी तरह कोहली के साथ है।
विजय हजारे ट्रॉफी में उनके रन सिर्फ स्कोरकार्ड नहीं भर रहे—
वो यह भी याद दिला रहे हैं कि क्लास स्थायी होती है।















