Shefali – तिरुवनंतपुरम की रात आमतौर पर शांत रहती है। लेकिन रविवार को ग्रीनफील्ड स्टेडियम में जो हुआ, उसने वुमेंस टी20 क्रिकेट के इतिहास की किताब में बिल्कुल नई लाइन जोड़ दी। रन बरसे, रिकॉर्ड टूटे, लेकिन शतक नहीं आया—और यही इस मैच को सबसे अलग बना गया।
भारत बनाम श्रीलंका चौथे टी20 इंटरनेशनल में कुल 412 रन बने। दोनों टीमों ने मिलकर इतना बड़ा स्कोर खड़ा किया कि पुराने रिकॉर्ड खुद-ब-खुद छोटे लगने लगे। हैरानी की बात? इतने रनों के बावजूद किसी भी बल्लेबाज़ ने शतक नहीं जड़ा। वुमेंस टी20 इंटरनेशनल इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।
भारत का 221: टी20 इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर
टॉस जीतकर श्रीलंकाई कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने गेंदबाज़ी चुनी। शायद उन्हें लगा कि शाम की पिच मदद करेगी। लेकिन पहली ही ओवर से साफ हो गया—यह फैसला भारी पड़ने वाला है।
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने जो किया, वो सिर्फ शुरुआत नहीं थी—वो एक चेतावनी थी।
- स्मृति मंधाना – 80 रन
- शेफाली वर्मा – 79 रन
दोनों ने मिलकर 15.2 ओवर में 162 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। गेंदबाज़ बदलते रहे, फील्ड बदली गई, लेकिन रन रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
इसके बाद नंबर तीन पर आईं ऋचा घोष। सिर्फ 16 गेंदें, और 40 रन। मैच वहीं लगभग खत्म हो गया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी नाबाद 16 रन जोड़कर स्कोर को ऐतिहासिक ऊंचाई तक पहुंचाया।
भारत ने 20 ओवर में 221 रन बना डाले—यह अब भारतीय महिला टीम का टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़ा स्कोर है।
222 का पीछा और श्रीलंका की कोशिश
इतने बड़े लक्ष्य का पीछा आसान नहीं होता, लेकिन श्रीलंका ने हाथ खड़े नहीं किए। कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने एक छोर संभाले रखा।
- चमीरा अट्टापट्टू – 53 रन
उनकी पारी ने स्कोरबोर्ड को सम्मानजनक बनाए रखा, लेकिन रनरेट लगातार बढ़ता गया। आखिरकार श्रीलंका की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 191 रन ही बना सकी।
भारत ने मैच 30 रनों से जीत लिया—और सीरीज़ पहले ही 4–0 से अपने नाम कर ली।
बिना शतक के बना सबसे बड़ा कुल स्कोर
अब आते हैं उस रिकॉर्ड पर, जिसने इस मैच को इतिहास बना दिया।
| रिकॉर्ड | रन |
|---|---|
| कुल रन (IND vs SL) | 412 |
| शतक | 0 |
| स्थान | तिरुवनंतपुरम |
यह वुमेंस टी20 इंटरनेशनल इतिहास का सबसे बड़ा टोटल स्कोर है, जिसमें किसी भी बल्लेबाज़ ने शतक नहीं लगाया।
आमतौर पर जब टी20 में 400 के आसपास रन बनते हैं, तो एक नहीं, दो-दो शतक दिख जाते हैं। लेकिन इस मैच में रन साझेदारियों और स्ट्राइक रोटेशन से आए—और यही इसे खास बनाता है।
एक्सट्रा हटाने पर भी वर्ल्ड रिकॉर्ड
अगर आप सोच रहे हैं कि एक्सट्रा ने स्कोर बढ़ाया होगा, तो आंकड़े यहां भी चौंकाते हैं।
- भारत के एक्सट्रा – 11 रन
- श्रीलंका के एक्सट्रा – 6 रन
यानि कुल 17 अतिरिक्त रन। इन्हें हटा भी दें, तब भी मैच का कुल स्कोर 395 रन रहता है—जो अपने आप में वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
खास बात यह भी है कि ये सभी टॉप रिकॉर्ड भारतीय सरजमीं पर बने हैं।
भारत में बने सबसे बड़े संयुक्त WT20I स्कोर
| कुल रन | मुकाबला | स्थान | साल |
|---|---|---|---|
| 395 | भारत vs श्रीलंका | तिरुवनंतपुरम | 2025 |
| 356 | भारत vs ऑस्ट्रेलिया | मुंबई | 2022 |
| 356 | भारत vs वेस्टइंडीज | मुंबई | 2024 |
| 354 | भारत vs ऑस्ट्रेलिया | मुंबई | 2022 |
| 350 | भारत vs साउथ अफ्रीका | चेन्नई | 2024 |
इन आंकड़ों को देखकर एक बात साफ है—भारतीय मैदान अब वुमेंस क्रिकेट में बड़े स्कोर की प्रयोगशाला बनते जा रहे हैं।
मंधाना–शेफाली: फॉर्म का परफेक्ट जवाब
इस मैच से पहले चर्चा स्मृति मंधाना की फॉर्म को लेकर थी। तीन मैचों में रन नहीं आए थे। जवाब चौथे में मिला—और कैसे।
मंधाना की 80 रन की पारी सिर्फ आंकड़ा नहीं थी, वो एक बयान थी। वहीं शेफाली वर्मा ने दिखा दिया कि पावरप्ले में वो क्यों सबसे खतरनाक बल्लेबाज़ों में गिनी जाती हैं।
यह ओपनिंग जोड़ी अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के लिहाज़ से भी बड़ा संकेत देती है।
रन, रिकॉर्ड और नई पहचान
यह सिर्फ एक मैच नहीं था। यह उस बदलाव का सबूत था, जहां वुमेंस क्रिकेट अब “कम स्कोर वाला फॉर्मेट” नहीं रहा। 400 से ज्यादा रन, बिना शतक—यह दिखाता है कि खेल अब कितनी गहराई और आक्रामकता के साथ आगे बढ़ रहा है।
तिरुवनंतपुरम की इस रात ने साफ कर दिया—अब रिकॉर्ड टूटने से पहले पूछते नहीं, सीधे बनते हैं।















