Mandhana : स्मृति मंधाना का कहर – 80 रन और टूटे वर्ल्ड रिकॉर्ड

Atul Kumar
Published On:
Mandhana

Mandhana – भारतीय महिला क्रिकेट में इस वक्त अगर किसी एक नाम की सबसे ज़्यादा गूंज है, तो वो है स्मृति मंधाना। बल्ला ऐसा बोल रहा है कि रिकॉर्ड्स को सांस लेने का मौका तक नहीं मिल रहा। टेस्ट हो, वनडे हो या टी20—फॉर्मेट बदलता है, लेकिन मंधाना की रन मशीन रुकती नहीं।

रविवार, 29 दिसंबर को श्रीलंका के खिलाफ चौथे टी20 में खेली गई उनकी 80 रनों की तूफानी पारी उसी कहानी का अगला अध्याय बन गई।

इस एक पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि वुमेंस क्रिकेट के इतिहास में कई नए मील के पत्थर भी जोड़ दिए।

सबसे तेज़ 10,000 रन: मंधाना का नया इतिहास

श्रीलंका के खिलाफ इस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो उनसे पहले किसी महिला बल्लेबाज़ ने नहीं किया था। वह वुमेंस क्रिकेट में सबसे तेज़ 10,000 रन पूरे करने वाली खिलाड़ी बन गईं।

खास बात यह रही कि यह उपलब्धि उन्होंने किसी धीमी, संभली हुई पारी में नहीं, बल्कि पूरी आक्रामकता के साथ हासिल की। यह मंधाना की पहचान बन चुकी है—बड़े मौके, बड़ा मंच और बेखौफ बल्लेबाज़ी।

कैलेंडर ईयर में सबसे ज़्यादा रन: अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा

रिकॉर्ड बनाना एक बात है, और फिर खुद उसी रिकॉर्ड को तोड़ देना—यह अलग ही स्तर की निरंतरता दिखाता है।

  • 2024 में स्मृति मंधाना – 1659 रन
  • 2025 (अब तक) – 1703 रन

श्रीलंका के खिलाफ 80 रन बनाते ही मंधाना ने एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज़्यादा रन बनाने का अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। और कहानी यहीं खत्म नहीं होती—सीरीज़ का पांचवां और आखिरी टी20 अभी बाकी है।

यानी यह आंकड़ा और आगे जा सकता है।

शेफाली के साथ रिकॉर्ड साझेदारी

यह सिर्फ एक खिलाड़ी का शो नहीं था। मंधाना के साथ ओपनिंग कर रहीं शेफाली वर्मा ने भी पूरी आक्रामकता दिखाई।

  • मंधाना + शेफाली
  • 15.2 ओवर में 162 रन

यह साझेदारी भारत की सबसे खतरनाक टी20 ओपनिंग जोड़ियों में से एक के तौर पर खुद को फिर साबित कर गई। दोनों ने मिलकर पावरप्ले से ही श्रीलंकाई गेंदबाज़ों को मैच से बाहर कर दिया।

टॉस जीता श्रीलंका ने, मैच भारत ने

टॉस का सिक्का श्रीलंकाई कप्तान चमारी अट्टापट्टू के पक्ष में गिरा और उन्होंने बिना देरी गेंदबाज़ी चुनी। लेकिन यह फैसला शुरुआती ओवरों में ही उल्टा पड़ गया।

मंधाना और शेफाली ने—

  • फील्डिंग सेट होने से पहले रन बटोर लिए
  • गेंदबाज़ों को लाइन-लेंथ बदलने पर मजबूर कर दिया
  • और मैच का टेम्पो पूरी तरह भारत के कंट्रोल में ला दिया

ऋचा घोष की एंट्री, स्कोर 220 के पार

ओपनर्स के आउट होने के बाद भी श्रीलंका को राहत नहीं मिली। नंबर तीन पर आईं ऋचा घोष ने सिर्फ 16 गेंदों में 40 रन ठोक दिए।

यह वो फेज़ था, जहां भारत ने मैच को पूरी तरह सील कर दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी नाबाद 16 रन जोड़कर स्कोर को मजबूती दी।

भारत का स्कोर—221 रन
महिला टी20 इंटरनेशनल में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर।

222 का पीछा और श्रीलंका की कोशिश

इतिहास के बोझ तले उतरी श्रीलंकाई टीम ने कोशिश तो की, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा था।

कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने एक छोर संभालते हुए 52 रन बनाए, लेकिन रनरेट लगातार बढ़ता गया। आखिरकार श्रीलंका की टीम—

  • 20 ओवर
  • 6 विकेट
  • 191 रन

तक ही पहुंच सकी।

भारत ने मुकाबला 30 रनों से जीत लिया।

मंधाना का साल: सिर्फ फॉर्म नहीं, मैसेज

स्मृति मंधाना का 2025 सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है। यह एक साफ संदेश है—

  • लंबा करियर
  • तीनों फॉर्मेट में पकड़
  • और बड़े टूर्नामेंट से पहले पीक फॉर्म

टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी के लिहाज़ से यह भारतीय टीम के लिए सबसे अच्छी खबरों में से एक है।

रिकॉर्ड टूट रहे हैं, मंधाना नहीं

क्रिकेट में फॉर्म आती-जाती रहती है, लेकिन स्मृति मंधाना इस वक्त जिस ज़ोन में हैं, वहां रिकॉर्ड्स टिक नहीं पा रहे। सबसे तेज़ 10,000 रन, कैलेंडर ईयर का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड और मैच जिताऊ पारी—सब एक ही रात में।

और अभी एक मैच बाकी है।

शायद अगली हेडलाइन पहले से लिखी जा चुकी है—
“स्मृति मंधाना ने फिर कर दिया।”

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