India women – तिरुवनंतपुरम की शाम भारतीय महिला क्रिकेट के लिए सिर्फ एक और जीत नहीं थी, बल्कि एक बयान था। वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद अगर किसी को शक था कि यह टीम टी20 फॉर्मेट में कितनी जल्दी ढल पाएगी, तो हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने उसका जवाब पूरे ठाठ के साथ दे दिया।
श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज में 5-0 का क्लीन स्वीप—और वो भी कप्तान के बल्ले से आई लीडिंग पारी के साथ।
175/7 का स्कोर, फिर 15 रनों की जीत। आखिरी मैच में भारत ने सीरीज को वहीं खत्म किया, जहां से शुरू किया था—डोमिनेशन के साथ।
हरमनप्रीत कौर: कप्तान भी, फिनिशर भी
सीरीज का आखिरी मैच हरमनप्रीत कौर के नाम रहा। कप्तान ने 43 गेंदों में 9 चौके और 1 छक्का जड़ते हुए 68 रन बनाए और यह साफ कर दिया कि जिम्मेदारी क्या होती है। स्कोरबोर्ड पर रन सिर्फ नंबर नहीं थे, बल्कि एक मैसेज थे—टीम इस मोमेंटम को छोड़ने वाली नहीं है।
हरमनप्रीत को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया और मैच के बाद उनके चेहरे पर वही सुकून था, जो एक लीडर को तब मिलता है जब प्लान जमीन पर उतर जाए।
वनडे वर्ल्ड कप के बाद पहली सीरीज, वही भूख
महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद यह भारतीय टीम की पहली इंटरनेशनल सीरीज थी। अक्सर देखा जाता है कि बड़े टूर्नामेंट जीतने के बाद टीमों का ग्राफ थोड़ा नीचे आता है। लेकिन यहां उल्टा हुआ।
हरमनप्रीत ने साफ कहा—
“2025 हमारे लिए वाकई बहुत अच्छा रहा। हमें कड़ी मेहनत का नतीजा मिला। अब इन अच्छी आदतों को दोहराते रहना है।”
यह सिर्फ जीत की बात नहीं थी, बल्कि उस कल्चर की थी जो इस टीम ने बनाया है।
वनडे से टी20 मोड: आसान नहीं, लेकिन मुमकिन
जब हरमनप्रीत से पूछा गया कि वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 माइंडसेट में आना कितना मुश्किल था, तो उन्होंने बिना घुमाए जवाब दिया।
उनके शब्दों में—
“हम सबने साथ में काफी टी20 क्रिकेट खेला है। सभी को खुद पर भरोसा था। हम अपने लिए स्टैंडर्ड सेट करना चाहते थे।”
यह बयान बताता है कि यह टीम अब सिर्फ मैच नहीं खेलती, बल्कि बेंचमार्क सेट करती है—खुद के लिए।
बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस सीरीज को पोस्ट-वर्ल्ड कप ट्रांजिशन का अहम हिस्सा बताया गया है।
आंकड़ों में भारत का दबदबा
यह सीरीज सिर्फ भावनाओं की नहीं, आंकड़ों की भी कहानी है।
- भारत ने महिला T20I में तीसरी बार 5-0 से सीरीज जीती
- इससे पहले:
- 2019 – वेस्टइंडीज के खिलाफ
- 2024 – बांग्लादेश के खिलाफ
- श्रीलंका ने:
- अब तक चार बार पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली
- और पहली बार 5-0 से हारी
यानी यह हार श्रीलंका के लिए भी ऐतिहासिक—लेकिन गलत वजह से।
बतौर बल्लेबाज और कप्तान: हरमन का स्पष्ट रोल
36 साल की उम्र में हरमनप्रीत कौर जिस स्पष्टता के साथ अपने रोल की बात करती हैं, वही उन्हें अलग बनाता है।
उन्होंने कहा—
“बतौर बल्लेबाज मेरी जिम्मेदारी है कि मैं बैटिंग लाइनअप को मजबूती दूं। मैं हमेशा टीम की जरूरत के मुताबिक योगदान देना चाहती हूं।”
यह बयान किसी सुपरस्टार का नहीं, बल्कि एक सिस्टम लीडर का है। कप्तान के तौर पर उन्होंने माना कि वनडे के बाद टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था, लेकिन टीम का पॉजिटिव एटीट्यूड ही सबसे बड़ी ताकत रहा।
श्रीलंका के लिए सबक, भारत के लिए बूस्ट
श्रीलंका के लिए यह सीरीज कई सवाल छोड़ गई—खासतौर पर डेथ ओवर्स और मिडिल फेज की बैटिंग को लेकर। दूसरी ओर, भारत के लिए यह सीरीज एक कंफर्मेशन स्टैम्प की तरह रही कि वर्ल्ड कप जीत कोई एक्सीडेंट नहीं था।
आईसीसी के विमेंस क्रिकेट कैलेंडर के मुताबिक, अगले एक साल में भारत को काफी टी20 क्रिकेट खेलना है, और यह सीरीज उसी तैयारी की पहली सीढ़ी थी।
आगे का रास्ता: WPL और टी20 की असली परीक्षा
हरमनप्रीत ने आने वाले महीनों को लेकर भी साफ संकेत दिए।
“अब WPL होगा। सभी फिर से टी20 मोड में होंगे। अगले छह महीने हमारे लिए बहुत अहम हैं।”
महिला प्रीमियर लीग न सिर्फ खिलाड़ियों की फॉर्म तय करेगी, बल्कि टीम इंडिया के टी20 कोर को भी मजबूत करेगी। यही वह प्लेटफॉर्म है जहां से अगली इंटरनेशनल रणनीति निकलेगी।
जीत से ज्यादा, दिशा की कहानी
यह 5-0 की जीत सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ नहीं थी। यह उस सोच के खिलाफ थी कि बड़ी ट्रॉफी के बाद टीम ढीली पड़ जाती है। हरमनप्रीत की टीम ने दिखाया कि—
- जीत के बाद भी भूख जिंदा है
- फॉर्मेट बदला है, फोकस नहीं
- और नेतृत्व सिर्फ शब्दों से नहीं, प्रदर्शन से आता है
अगर यह सिलसिला यूं ही चलता रहा, तो टी20 क्रिकेट में भी भारत वही कहानी दोहरा सकता है, जो उसने वनडे वर्ल्ड कप में लिखी थी।















