World Cup – टी20 क्रिकेट में शतक किसी लग्ज़री से कम नहीं। 20 ओवर, 120 गेंदें, और ऊपर से दबाव—यहां सौ रन तक पहुंचना ताक़त से ज़्यादा टाइमिंग, मौके और हालात का खेल बन जाता है।
इसी वजह से आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में शतक आज भी “रेयर अचीवमेंट” माना जाता है। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि 2007 से अब तक खेले गए तमाम टी20 वर्ल्ड कप में कुल सिर्फ 11 शतक लगे हैं।
और यहीं एक बात भारतीय फैंस को चौंकाती है। इतने साल, इतने दिग्गज—रोहित शर्मा, विराट कोहली, युवराज सिंह—लेकिन इस खास लिस्ट में भारत की तरफ से सिर्फ एक नाम दर्ज है: सुरेश रैना।
टी20 वर्ल्ड कप में भारत का अकेला शतक: सुरेश रैना
2 मई 2010। ग्रोस आइलेट, सेंट लूसिया। सामने थी दक्षिण अफ्रीका जैसी मज़बूत टीम। और भारत की ओर से सुरेश रैना ने वो कर दिखाया, जो आज तक कोई दूसरा भारतीय नहीं कर पाया।
रैना ने महज़ 60 गेंदों में 101 रन ठोक दिए। 9 चौके, 5 छक्के और 168.33 का स्ट्राइक रेट। यह पारी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं थी—इसने दिखाया कि टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर आक्रामक क्रिकेट कैसे खेला जाता है।
[Image: Suresh Raina celebrating his T20 World Cup century against South Africa in 2010]
क्यों इतने कम शतक लगते हैं?
टी20 इंटरनेशनल में शतक लगना ही मुश्किल होता है, और वर्ल्ड कप में तो चुनौती दोगुनी हो जाती है। वजह साफ है।
- पिचें अक्सर टूर्नामेंट बैलेंस के हिसाब से तैयार होती हैं
- गेंदबाज़ पूरी तैयारी के साथ आते हैं
- हर मैच “नॉकआउट जैसा” दबाव लेकर चलता है
- और सबसे बड़ी बात—टीम अक्सर व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज़्यादा जीत पर ध्यान देती है
इसीलिए कई बार 70–80 की पारी भी मैच जिताने वाली साबित होती है, और बल्लेबाज़ जोखिम नहीं लेता।
क्रिस गेल: वर्ल्ड कप का इकलौता डबल सेंचुरियन क्लब
अगर टी20 वर्ल्ड कप में शतकों की बात हो और क्रिस गेल का ज़िक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता।
गेल इस टूर्नामेंट के इतिहास में दो शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज़ हैं।
- 2007 में, पहले ही वर्ल्ड कप के शुरुआती मैच में, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 117 रन
- 2016 में, इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 100 रन
गेल की पारियां सिर्फ रन नहीं थीं, वो एंटरटेनमेंट थीं। गेंदबाज़ों पर दबदबा, दर्शकों का शोर और “यूनिवर्स बॉस” वाला अंदाज़—सब कुछ पैकेज में।
[Image: Chris Gayle raising his bat after a T20 World Cup century]
सबसे बड़ा स्कोर: मैकुलम का तूफान
टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम के नाम है।
2012 में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने 123 रन ठोके। यह पारी उस दौर में टी20 बल्लेबाज़ी की परिभाषा बदलने वाली मानी जाती है—रिस्क, इनोवेशन और 360-डिग्री शॉट्स का पूरा प्रदर्शन।
11 शतकवीर, 11 यादगार पारियां
अब ज़रा पूरी लिस्ट को एक नज़र में समझते हैं।
| क्रम | खिलाड़ी | देश | रन | विपक्ष | साल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | क्रिस गेल | वेस्टइंडीज | 117 | दक्षिण अफ्रीका | 2007 |
| 2 | सुरेश रैना | भारत | 101 | दक्षिण अफ्रीका | 2010 |
| 3 | महेला जयवर्धने | श्रीलंका | 100 | ज़िम्बाब्वे | 2010 |
| 4 | ब्रेंडन मैकुलम | न्यूज़ीलैंड | 123 | बांग्लादेश | 2012 |
| 5 | एलेक्स हेल्स | इंग्लैंड | 116* | श्रीलंका | 2014 |
| 6 | अहमद शहजाद | पाकिस्तान | 111* | बांग्लादेश | 2014 |
| 7 | तमीम इकबाल | बांग्लादेश | 103* | ओमान | 2016 |
| 8 | क्रिस गेल | वेस्टइंडीज | 100* | इंग्लैंड | 2016 |
| 9 | जोस बटलर | इंग्लैंड | 101* | श्रीलंका | 2021 |
| 10 | राइली रूसो | दक्षिण अफ्रीका | 109 | बांग्लादेश | 2022 |
| 11 | ग्लेन फिलिप्स | न्यूज़ीलैंड | 104 | श्रीलंका | 2022 |
इन नामों पर गौर करें तो एक बात साफ दिखती है—यह क्लब सिर्फ निरंतरता से नहीं, बल्कि “उस दिन सब कुछ सही बैठ जाने” से बनता है।
2024 वर्ल्ड कप: बिना शतक के भी चैंपियन
दिलचस्प बात यह है कि 2024 में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीता, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में एक भी शतक नहीं लगा।
यह इस फॉर्मेट की बदलती सच्चाई दिखाता है। अब टीमें 200 रन के बजाय 160–170 को डिफेंड करने पर ज़्यादा भरोसा करती हैं। मैच का टेंपो अलग हो गया है।
2026 में बदलेगा ट्रेंड?
भारत और श्रीलंका की मेज़बानी में होने वाला 2026 टी20 वर्ल्ड कप सब-कॉन्टिनेंट की पिचों पर खेला जाएगा।
यहां उम्मीद की जा रही है कि—
- बल्लेबाज़ों को ज़्यादा मदद मिलेगी
- छोटे मैदान होंगे
- और हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलेंगे
ऐसे में यह मुमकिन है कि शतकवीरों की यह सूची आगे बढ़े। सवाल बस इतना है—कौन?
शतक कम हैं, इसलिए खास हैं
टी20 वर्ल्ड कप में शतक कोई आम रिकॉर्ड नहीं। यही इसकी खूबसूरती है। जब भी कोई बल्लेबाज़ यहां तीन अंकों तक पहुंचता है, वह पारी सालों तक याद रखी जाती है।
सुरेश रैना का नाम आज भी इसलिए चमकता है क्योंकि वह अकेले भारतीय हैं जिन्होंने यह कारनामा किया।
2026 में कोई नया भारतीय नाम जुड़ता है या नहीं—यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन तब तक, यह 11 पारियां क्रिकेट इतिहास की सबसे चुनिंदा यादों में रहेंगी।















