Vijay Hazare – मुंबई के ड्रेसिंग रूम में उस वक्त हलचल थी, लेकिन मैदान पर जो हो रहा था, वो इतिहास बन चुका था। विजय हजारे ट्रॉफी के इस मुकाबले में गुरुवार, 8 जनवरी को सरफराज खान ने ऐसा तूफान उठाया कि रिकॉर्ड बुक को नया पन्ना जोड़ना पड़ा।
पंजाब के खिलाफ सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक—और भारत के लिस्ट-ए क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज़ फिफ्टी का ताज अब सरफराज के नाम है।
यह कोई साधारण पारी नहीं थी। यह उस बल्लेबाज़ की कहानी थी, जो मौके मिलते ही मैच की रफ्तार बदल देता है। भले ही अंत में मुंबई को हार झेलनी पड़ी, लेकिन सरफराज का बल्ला उस दिन हार मानने को तैयार नहीं था।
15 गेंद, 50 रन और इतिहास
लिस्ट-ए क्रिकेट में भारत के लिए सबसे तेज़ अर्धशतक का रिकॉर्ड अब तक बड़ोदा के अतीत सेठ के नाम था, जिन्होंने 2020–21 सीज़न में छत्तीसगढ़ के खिलाफ 16 गेंदों में फिफ्टी ठोकी थी।
सरफराज खान ने इस रिकॉर्ड को एक गेंद पहले ही तोड़ दिया।
उन्होंने पंजाब के खिलाफ 20 गेंदों पर 62 रन की पारी खेली, जिसमें
7 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। गेंदबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था—लाइन बदली, लेंथ बदली, लेकिन नतीजा वही रहा।
वर्ल्ड रिकॉर्ड अभी दूर, लेकिन नाम उसी दिशा में
अगर वैश्विक स्तर की बात करें, तो लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज़ अर्धशतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड अभी भी श्रीलंका के कौशल्य वीरारत्ने के नाम है।
उन्होंने 1 नवंबर 2005 को कोलंबो के थर्स्टन कॉलेज ग्राउंड में सिर्फ 12 गेंदों में 50 रन बनाए थे।
टॉस, शुरुआत और पंजाब की लड़खड़ाहट
मैच में मुंबई के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी।
पंजाब की शुरुआत बेहद खराब रही।
- कप्तान अभिषेक शर्मा – 8 रन
- प्रभसिमरन सिंह – 11 रन
ये दोनों बल्लेबाज़ इस सीज़न पंजाब के लिए लगातार मजबूत शुरुआत दिला रहे थे, लेकिन इस मुकाबले में लय नहीं पकड़ पाए।
अनमोलप्रीत और रमनदीप ने संभाला मोर्चा
शुरुआती झटकों के बाद अनमोलप्रीत सिंह और रमनदीप सिंह ने पारी को संभाला। दोनों ने अर्धशतक जमाए और पंजाब को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
हालांकि टीम पूरे 50 ओवर नहीं खेल पाई और 216 रन पर सिमट गई।
स्कोर ऐसा था, जिसे चेज़ किया जा सकता था—और मुंबई की शुरुआत ने यही संकेत दिए।
मुंबई की सधी शुरुआत, फिर सरफराज तूफान
217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अंगक्रिश रघुवंशी और मुशीर खान ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। पिच पढ़ी जा रही थी, हालात नियंत्रण में लग रहे थे।
फिर नंबर-3 पर आए सरफराज खान।
और यहीं से मैच की स्क्रिप्ट बदली।
अभिषेक शर्मा का ओवर और 30 रन की कहानी
पंजाब के कप्तान अभिषेक शर्मा का 10वां ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया।
सरफराज ने इस ओवर में जो किया, वो लंबे वक्त तक याद रखा जाएगा।
6, 4, 6, 4, 6, 4
कुल 30 रन—और स्टेडियम में सन्नाटा।
गेंदबाज़ दबाव में, फील्डर बेबस और स्कोरबोर्ड आग उगलता हुआ।
रिकॉर्ड बना, लेकिन मैच हाथ से फिसला
सरफराज की पारी ने मुंबई को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया था। लेकिन क्रिकेट टीम गेम है।
उनके आउट होने के बाद मुंबई की पारी लड़खड़ा गई।
मिडिल और लोअर ऑर्डर दबाव नहीं झेल पाया और नतीजा चौंकाने वाला रहा—
मुंबई यह मैच सिर्फ 1 रन से हार गई।
स्टैट्स में यह हार दर्ज होगी, लेकिन चर्चा सरफराज की ही रहेगी।
सरफराज खान और अधूरी कहानियां
यह पहली बार नहीं है जब सरफराज ने घरेलू क्रिकेट में अपनी काबिलियत दिखाई हो।
लगातार रन, आक्रामक अंदाज़ और बड़े शॉट खेलने की क्षमता—सब कुछ उनके पक्ष में है।
रिकॉर्ड बना, संदेश गया
भले ही मुंबई को हार मिली हो, लेकिन सरफराज खान ने यह साफ कर दिया कि वह बड़े मंच के लिए तैयार हैं।
15 गेंदों में अर्धशतक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं—यह चयनकर्ताओं के लिए एक सीधा संदेश है।
अब सवाल यही है—
क्या अगला मौका उन्हें नीली जर्सी में मिलेगा?















