ODI – वडोदरा की दोपहर थोड़ी अलग होगी। स्टेडियम नया है, माहौल उत्सुकता से भरा हुआ, और सामने न्यूजीलैंड। तीन मैचों की वनडे सीरीज़ का पहला मुकाबला भले ही टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले आ रहा हो, लेकिन विराट कोहली और रोहित शर्मा की मौजूदगी इस सीरीज़ को अपने आप खास बना देती है। सवाल बस इतना है—क्या यह दिग्गजों की लय का विस्तार होगा, या बदलाव के दौर में एक और परीक्षा?
रविवार को कोटाम्बी स्थित बड़ौदा क्रिकेट संघ के नए स्टेडियम में इतिहास लिखा जाएगा। यह पहली बार है जब यहां पुरुषों का कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेला जाएगा। और पहले ही मैच में कहानी के केंद्र में होंगे—अनुभव, फॉर्म और चयन की कसौटी।
कोहली-रोहित: वनडे का आकर्षण अभी बाकी है
अगले महीने होने वाले टी20 वर्ल्ड कप ने भले ही वनडे सीरीज़ की चमक थोड़ी कम कर दी हो, लेकिन कोहली और रोहित के लिए यह मंच अलग मायने रखता है। विजय हजारे ट्रॉफी के लीग चरण में दोनों ने बड़े स्कोर बनाकर साफ संदेश दिया—“अभी खत्म नहीं हुआ।”
यह सिर्फ रन बनाने की बात नहीं है। यह लय, टाइमिंग और मैच-रेडी माइंडसेट का मामला है। भारत की नजरें सात दिनों में होने वाले तीन मैचों पर होंगी, और हर बार जब ये दोनों क्रीज़ पर उतरेंगे, स्टेडियम का शोर अपने आप बढ़ेगा।
शुभमन गिल पर दबाव, यशस्वी के लिए मुश्किल फैसला
टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर किए जाने के बाद कप्तान शुभमन गिल के लिए यह सीरीज़ जवाब देने का मौका है। फॉर्म पहले ही सवालों में रही है, ऊपर से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज़ चोट के कारण मिस करनी पड़ी।
गिल की वापसी का सीधा असर यशस्वी जायसवाल पर पड़ सकता है। यशस्वी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला वनडे शतक जड़ा था, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन में जगह बनाना अब आसान नहीं।
यह वही भारतीय टीम है, जहां प्रदर्शन के साथ-साथ टाइमिंग भी सब कुछ है।
अय्यर की वापसी, राहुल का रोल तय
श्रेयस अय्यर की वापसी से बल्लेबाजी क्रम में चल रहे प्रयोगों पर विराम लगने की उम्मीद है। 31 वर्षीय अय्यर का चौथे नंबर पर लौटना लगभग तय माना जा रहा है—वही नंबर, जहां उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा स्थिरता दिखाई है।
केएल राहुल निचले क्रम के बल्लेबाज़ और विकेटकीपर की भूमिका में बने रहेंगे। इसी वजह से ऋषभ पंत के प्लेइंग इलेवन में आने की संभावना फिलहाल कम दिखती है।
गेंदबाज़ी: बुमराह-हार्दिक नहीं, जिम्मेदारी बढ़ी
जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या को टी20 प्रतिबद्धताओं के कारण आराम दिया गया है। ऐसे में तेज़ गेंदबाज़ी का दारोमदार होगा—
- मोहम्मद सिराज
- अर्शदीप सिंह
- हर्षित राणा
- प्रसिद्ध कृष्णा
स्पिन विभाग में कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर और रविंद्र जडेजा की तिकड़ी अहम होगी। शाम की ओस और अपेक्षाकृत सपाट पिच को देखते हुए यहां आक्रामक विकेट लेने से ज़्यादा रन रोकने की रणनीति दिख सकती है।
नया स्टेडियम, नई चुनौतियां
कोटाम्बी का यह नया स्टेडियम पहले महिला वनडे सीरीज़ की मेजबानी कर चुका है, लेकिन पुरुषों के इंटरनेशनल मुकाबले का दबाव बिल्कुल अलग होगा। पिच को लेकर बहुत ज्यादा इतिहास नहीं है—और यही बात दोनों टीमों के लिए इसे दिलचस्प बनाती है।
टॉस यहां बड़ी भूमिका निभा सकता है।
न्यूजीलैंड: प्रयोग, लेकिन कमजोर नहीं
न्यूजीलैंड इस सीरीज़ को बेंच स्ट्रेंथ परखने के मौके के तौर पर देख रहा है। कई बड़े नाम मौजूद नहीं हैं—
- मिचेल सैंटनर (ग्रोइन इंजरी)
- टॉम लाथम (पिता बनने के कारण बाहर)
- केन विलियमसन (SA20 में व्यस्त)
कप्तानी की जिम्मेदारी माइकल ब्रेसवेल के हाथों में होगी। बावजूद इसके, बल्लेबाजी में डेवोन कॉन्वे, डेरिल मिचेल, हेनरी निकोल्स, विल यंग और ग्लेन फिलिप्स जैसे नाम किसी भी गेंदबाज़ी को चुनौती दे सकते हैं।
किन खिलाड़ियों पर रहेगी खास नजर?
न्यूजीलैंड के लिए इस सीरीज़ में कुछ नाम खास होंगे—
- काइल जैमीसन: लंबा कद, उछाल और नई गेंद
- आदित्य अशोक: 23 वर्षीय लेग स्पिनर, भविष्य की झलक
- जेडन लेनॉक्स: सैंटनर जैसे रोल में फिट होने की कोशिश
संभावित रणनीति: धैर्य बनाम आक्रामकता
भारत अनुभव और गहराई के साथ उतरेगा।
न्यूजीलैंड आज़ादी और प्रयोग के साथ।
यही टकराव अक्सर दिलचस्प मुकाबले पैदा करता है—खासतौर पर वनडे जैसे फॉर्मेट में, जहां एक साझेदारी पूरा मैच पलट सकती है।
टीमें (स्क्वॉड)
भारत:
शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल (विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा।
न्यूजीलैंड:
माइकल ब्रेसवेल (कप्तान), डेवोन कॉन्वे (विकेटकीपर), मिचेल हे (विकेटकीपर), निक केली, हेनरी निकोल्स, विल यंग, जोश क्लार्कसन, जैक फॉल्क्स, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, आदित्य अशोक, क्रिस्टियन क्लर्क, काइल जैमीसन, जेडन लेनॉक्स, माइकल रे।
भले तैयारी, लेकिन मुकाबला पूरा
यह सीरीज़ शायद टी20 वर्ल्ड कप की छाया में खेली जाएगी, लेकिन वडोदरा का पहला वनडे अधूरा मुकाबला नहीं होगा।
कोहली और रोहित की लय, गिल की परीक्षा, और न्यूजीलैंड के नए चेहरों की भूख—सब कुछ मौजूद है।
और कभी-कभी, ऐसे ही मैच सबसे ज्यादा सच बता देते हैं।















