ODI – वडोदरा की सुबह अभी पूरी तरह खुली भी नहीं है, लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम में बातचीत शुरू हो चुकी है। सामने न्यूजीलैंड है, तीन मैचों की वनडे सीरीज़ का पहला मुकाबला और माहौल में एक अलग-सी शांति। वजह साफ है—विराट कोहली और रोहित शर्मा फिर से वनडे जर्सी में लौट रहे हैं। और उनके साथ लौट रहा है अनुभव, भरोसा और वह ठहराव, जिसकी कप्तान को सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।
इसी ठहराव की बात शुभमन गिल ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर की। शब्द साधारण थे, लेकिन भाव गहरे।
“कप्तान के लिए काम आसान हो जाता है”
गिल ने बिना घुमा-फिरा कर कहा कि रोहित और विराट जैसे खिलाड़ी किसी भी कप्तान का सपना होते हैं।
उनके मुताबिक, इन दोनों की मौजूदगी सिर्फ रन या नाम की वजह से नहीं, बल्कि सोच और अनुभव की वजह से अमूल्य है।
गिल ने कहा,
“रोहित भाई इतिहास के सबसे महान ओपनर्स में से एक हैं और विराट भाई वनडे क्रिकेट के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। जब ये दोनों टीम में होते हैं, तो कप्तान के लिए काम बहुत आसान हो जाता है।”
यह बयान तारीफ भर नहीं था। यह उस कप्तान की स्वीकारोक्ति थी, जो जानता है कि मैदान पर हर फैसला अकेले नहीं लिया जाता।
मुश्किल हालात में सबसे बड़ा सहारा
गिल ने आगे एक ऐसी बात कही, जो अक्सर कैमरों से बाहर रह जाती है।
उन्होंने माना कि विराट और रोहित जैसे खिलाड़ी दबाव वाली परिस्थितियों से बार-बार गुजर चुके हैं—और यही उन्हें अलग बनाता है।
“मुश्किल हालात में आप उनसे सलाह ले सकते हैं, उनकी सोच जान सकते हैं। एक कप्तान के लिए यह जानकारी बहुत कीमती होती है,” गिल ने कहा।
वनडे क्रिकेट में, जहां एक ओवर पूरी कहानी बदल सकता है, वहां यह अनुभव स्कोरकार्ड से कहीं ज़्यादा मायने रखता है।
फॉर्म में हैं दोनों दिग्गज
रोहित शर्मा और विराट कोहली सिर्फ नाम के भरोसे टीम में नहीं लौट रहे।
दोनों शानदार फॉर्म में हैं।
हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में दोनों ने शतक लगाकर यह साफ कर दिया कि उनकी भूख अब भी बाकी है। घरेलू क्रिकेट में समय बिताने के बाद यह वापसी और भी ठोस लगती है।
पिछली सीरीज़ की यादें भी ताज़ा
पिछला साल इन दोनों के लिए खास रहा।
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ में रोहित शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया और प्लेयर ऑफ द सीरीज़ बने।
- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ में विराट कोहली ने वही अवॉर्ड अपने नाम किया।
यह कोई संयोग नहीं था। यह दिखाता है कि बड़े मंच पर, बड़े मुकाबलों में—ये दोनों अब भी सबसे भरोसेमंद नाम हैं।
कप्तानी, युवा ऊर्जा और सीनियर का संतुलन
शुभमन गिल इस वक्त भारतीय क्रिकेट के उस दौर का चेहरा हैं, जहां युवा नेतृत्व और सीनियर अनुभव साथ चल रहे हैं।
यह आसान संतुलन नहीं है, लेकिन विराट और रोहित की मौजूदगी इसे स्वाभाविक बना देती है।
गिल के लिए यह सिर्फ रन बनाने वाले बल्लेबाज़ नहीं हैं—
यह मैदान पर चलती-फिरती रणनीति हैं।
[Image: Indian team huddle with senior players]
न्यूजीलैंड के खिलाफ क्या बदलेगा?
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की यह सीरीज़ भले ही टी20 वर्ल्ड कप की छाया में खेली जा रही हो, लेकिन इसकी अहमियत कम नहीं है।
यह वनडे कॉम्बिनेशन, टॉप ऑर्डर की लय और कप्तानी के फैसलों की सीधी परीक्षा है।
और जब आपके पास रोहित शर्मा और विराट कोहली हों, तो यह परीक्षा थोड़ी आसान हो जाती है—कम से कम कप्तान के लिए।
अनुभव जो बोलता नहीं, संभालता है
विराट कोहली और रोहित शर्मा का होना सिर्फ स्कोरकार्ड की कहानी नहीं है।
यह ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास है।
यह वह आवाज़ है, जो मुश्किल वक्त में कप्तान के कान में फुसफुसाकर सही रास्ता दिखा देती है।
शुभमन गिल यह बात समझते हैं।
और शायद इसी वजह से उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे सच्ची बात कही—
जब ये दोनों साथ हों, तो कप्तानी अकेली नहीं लगती।
















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