Gill : हर्षित राणा ने खोली शुभमन गिल की कप्तानी की असली तस्वीर

Atul Kumar
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Gill – शुभमन गिल की कप्तानी को लेकर बातें पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस बार तारीफ ड्रेसिंग रूम के भीतर से आई है—और वह भी उस खिलाड़ी की, जिसने उसी मैच में दबाव झेला, फैसलों को नजदीक से देखा और फिर खुलकर बोला।

तेज गेंदबाज़ हर्षित राणा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे के बाद जो कहा, वह सिर्फ औपचारिक तारीफ नहीं थी। उसमें भरोसा था। स्पष्टता थी। और एक युवा कप्तान की झलक भी।

वडोदरा में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने 301 रन का लक्ष्य 49 ओवर में चेज किया। चार विकेट से जीत। रोमांच पूरा। लेकिन इस जीत के पीछे जो लीडरशिप थी, उसने खिलाड़ियों को खेलने की आज़ादी दी—और यही बात हर्षित राणा को सबसे ज्यादा पसंद आई।

“फ्री और अग्रेसिव कप्तान हैं शुभमन गिल”

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हर्षित राणा ने 26 वर्षीय कप्तान को सीधे शब्दों में परिभाषित किया।

“मेरे हिसाब से वह फ्री और अग्रेसिव कप्तान हैं। अगर उन्हें कोई फैसला लेना होता है, तो वह पहले से उसके बारे में सोचना शुरू कर देते हैं। और फिर स्ट्रेस नहीं लेते। वह प्रेशर में भी शांत रहते हैं।”

यह लाइन छोटी है, लेकिन इसके मायने बड़े हैं।
क्योंकि कप्तानी में सबसे मुश्किल चीज़ होती है—दबाव में साफ रहना।
और हर्षित के मुताबिक, गिल यही करते हैं।

खिलाड़ियों को एक्सप्रेस करने की आज़ादी

हर्षित की बात यहीं नहीं रुकी। उन्होंने बताया कि गिल की सबसे अच्छी खासियत क्या है—और वह उन्हें व्यक्तिगत तौर पर क्यों पसंद है।

“वह खिलाड़ियों को मैदान पर खुद को एक्सप्रेस करने का कॉन्फिडेंस देते हैं। मुझे पर्सनली यह बात पसंद है। वह फ्री कप्तान हैं। वह खिलाड़ियों को वो करने की आज़ादी देते हैं, जो वे करना चाहते हैं।”

आज के क्रिकेट में यह बात बेहद अहम है।
क्योंकि टी20 और वनडे—दोनों फॉर्मेट्स में खिलाड़ी तभी असर डालते हैं, जब वे डर के बिना खेलें।

यही वजह है कि गिल की कप्तानी को अब “कंट्रोल से ज्यादा कन्फिडेंस” वाली कप्तानी कहा जा रहा है।

वही मैच, वही जिम्मेदारी: हर्षित राणा का ऑलराउंड असर

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में हर्षित राणा सिर्फ बोलते नहीं दिखे—उन्होंने खेलकर भी दिखाया।

गेंद से:
न्यूजीलैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज़ों के विकेट
नई गेंद से दबाव

बल्ले से:
23 गेंदों पर 29 रन
2 चौके, 1 छक्का
दबाव में अहम साझेदारी

जब विराट कोहली (93), श्रेयस अय्यर (49) और रवींद्र जडेजा (4) के जल्दी आउट होने से मैच थोड़ा फिसलता दिखा, तब केएल राहुल और हर्षित राणा ने मिलकर पारी को संभाला।

कप्तान गिल का भी योगदान

इस पूरी कहानी में शुभमन गिल का बल्ला भी शांत नहीं रहा।

उन्होंने:
56 रनों की जिम्मेदार पारी खेली
विराट कोहली के साथ शतकीय साझेदारी की
रनचेज को स्थिरता दी

एक कप्तान के तौर पर गिल का यह संदेश साफ था—
पहले खुद जिम्मेदारी लो, फिर दूसरों को आज़ादी दो।

टीम मैनेजमेंट की योजना: हर्षित राणा ऑलराउंडर की ओर

हर्षित राणा ने इस मौके पर एक और अहम खुलासा किया—
टीम मैनेजमेंट उन्हें सिर्फ तेज गेंदबाज़ नहीं देख रहा।

“टीम मैनेजमेंट मुझे एक ऑलराउंडर के रूप में तैयार करना चाहता है। मैं लगातार अपनी बल्लेबाज़ी पर काम कर रहा हूं।”

उन्होंने साफ कहा कि उनसे नंबर 8 पर बल्लेबाज़ी की उम्मीद की जा रही है।

“मुझे भरोसा है कि जरूरत पड़ने पर मैं निचले क्रम में 30–40 रन बना सकता हूं और टीम मैनेजमेंट भी यही मानता है।”

यह सोच अचानक नहीं आई है।
मुख्य कोच गौतम गंभीर के दौर में भारत ज्यादा से ज्यादा मल्टी-स्किल खिलाड़ियों पर भरोसा कर रहा है।

केएल राहुल का रोल: भरोसे की आवाज़

हर्षित ने यह भी माना कि इस मैच में उन्हें आत्मविश्वास केएल राहुल से मिला।

“यह आत्मविश्वास का मामला था, जिसमें केएल भाई ने मेरी मदद की।”

यह वही राहुल हैं, जिन्होंने बाद में मैच को फिनिश भी किया।
ड्रेसिंग रूम में सीनियर्स का यह सपोर्ट—गिल की कप्तानी में और मजबूत होता दिख रहा है।

गिल की कप्तानी क्यों अलग दिखती है?

अब तक जो तस्वीर उभरती है, वह साफ है।

शुभमन गिल:
फैसलों में स्पष्ट हैं
प्रेशर में शांत रहते हैं
खिलाड़ियों को खुलकर खेलने देते हैं
और खुद जिम्मेदारी से भागते नहीं हैं

यह गुण आमतौर पर अनुभव से आते हैं।
लेकिन गिल में यह शुरुआत से दिख रहा है।

युवा कप्तान, लेकिन सोच परिपक्व

26 साल की उम्र में कप्तानी आसान नहीं होती।
खासतौर पर तब, जब:
टीम ट्रांजिशन में हो
सीनियर-जूनियर का बैलेंस बनाना हो
और हर मैच में नए चेहरे हों

लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में गिल ने दिखा दिया कि वह सिर्फ भविष्य का कप्तान नहीं—वर्तमान का भी विकल्प हैं।

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