Healy – आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक युग धीरे-धीरे पर्दा गिरा रहा है। पहले मिचेल स्टार्क ने टी20 इंटरनेशनल से दूरी बनाई, और अब उनकी पत्नी—ऑस्ट्रेलिया महिला टीम की कप्तान एलिसा हीली—ने भी टी20I क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया है। यह कोई अचानक लिया गया कदम नहीं लगता।
यह एक सोच-समझकर चुना गया एग्ज़िट है, उस खिलाड़ी की तरफ से जिसने जीत, रिकॉर्ड और ट्रॉफियों से भरा करियर जिया—और अब सही समय पर पीछे हटना चुन रही है।
भारत के खिलाफ फरवरी-मार्च में होने वाली मल्टी-फॉर्मेट सीरीज़ से पहले हीली ने साफ कर दिया है कि वह टी20 टीम का हिस्सा नहीं होंगी, लेकिन वनडे सीरीज़ और डे-नाइट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करती नजर आएंगी। कारण भी उतना ही सीधा है—टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी। टीम को आगे बढ़ाने के लिए वह खुद रास्ता खाली कर रही हैं।
क्यों टी20 से दूरी, लेकिन ODI-टेस्ट में मौजूदगी?
एलिसा हीली ने यह फैसला भावनाओं में नहीं, बल्कि टीम की ज़रूरतों को सामने रखकर लिया। उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के पास टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए तैयारी का समय सीमित है और ऐसे में वह चाहती हैं कि टीम भविष्य की कोर के साथ आगे बढ़े।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, हीली ने कहा:
“यह मिली-जुली भावनाओं के साथ है कि भारत के खिलाफ आने वाली सीरीज़ ऑस्ट्रेलिया के लिए मेरी आख़िरी सीरीज़ होगी। मुझे अब भी अपने देश के लिए खेलना पसंद है, लेकिन मुझे लगता है कि जो कॉम्पिटिटिव एज मुझे लंबे समय से मिला, वह अब पहले जैसा नहीं रहा। टाइमिंग सही लग रही है।”
यानी, यह रिटायरमेंट नहीं—एक ट्रांज़िशन है।
2010 से 2026: एक कप्तान, एक क्रांतिकारी विकेटकीपर-बैटर
एलिसा हीली ने 2010 में, महज़ 19 साल की उम्र में, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू किया था। तब से लेकर अब तक उन्होंने जो बनाया, वह सिर्फ़ रन और कैच नहीं थे—एक नई परिभाषा थी कि आधुनिक महिला विकेटकीपर-बैटर कैसा होता है।
उनका करियर संक्षेप में:
- T20I: 162 मैच
- ODI: 126 मैच
- Tests: 11 मैच
और यह सिर्फ़ मैचों की गिनती नहीं है। यह निरंतरता, फिटनेस और टॉप-लेवल क्रिकेट में टिके रहने की कहानी है।
कप्तानी में ‘हीली युग’: दबदबा, भरोसा और बैलेंस
मेग लैनिंग के रिटायरमेंट के बाद 2023 में जब एलिसा हीली फुल-टाइम कप्तान बनीं, तो सवाल थे—क्या वह उस विरासत को संभाल पाएंगी? जवाब मैदान ने दिया।
उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि:
- इंग्लैंड में 16-0 से मल्टी-फॉर्मेट एशेज क्लीन स्वीप
- 2024 महिला T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल
- 2025 महिला वर्ल्ड कप सेमीफाइनल
हालांकि भारत के खिलाफ पिछले साल सेमीफाइनल में हार मिली, लेकिन उस हार ने भी ऑस्ट्रेलिया की बेंच-स्ट्रेंथ और भविष्य की दिशा साफ कर दी।
रिकॉर्ड्स, जो नाम के साथ हमेशा रहेंगे
एलिसा हीली सिर्फ़ कप्तान नहीं रहीं—वह वर्ल्ड-क्लास मैच विनर थीं।
उनकी कुछ बड़ी उपलब्धियां:
- 8 ICC वर्ल्ड कप जीत (6 T20, 2 ODI)
- महिला वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
- महिला T20I में विकेटकीपर द्वारा सबसे ज़्यादा डिसमिसल्स
- 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल
ये रिकॉर्ड्स इसलिए खास हैं क्योंकि वे अलग-अलग दौर में बने—और हर बार हीली ने खेल को नए तरीके से प्रभावित किया।
स्टार्क और हीली: संयोग या संकेत?
दिलचस्प बात यह है कि एलिसा हीली का टी20I से हटना, उनके पति मिचेल स्टार्क के टी20 इंटरनेशनल रिटायरमेंट के बाद आया है। दोनों फैसले अलग-अलग हैं, लेकिन संदेश एक-सा है—लंबी रेस के लिए खुद को और टीम को तैयार करना।
स्टार्क टेस्ट और ODI पर फोकस कर रहे हैं। हीली ODI और टेस्ट में कप्तानी जारी रखेंगी। दोनों का रास्ता अलग है, सोच एक-सी।
भारत के खिलाफ आख़िरी सीरीज़: सम्मान के साथ विदाई
भारत के खिलाफ होने वाली यह सीरीज़—खासतौर पर घर पर ODI और डे-नाइट टेस्ट—हीली के करियर का फाइनल चैप्टर होगी। वह इसे “कैलेंडर की सबसे बड़ी सीरीज़” मानती हैं और कप्तान के तौर पर इसे जीत के साथ खत्म करना चाहती हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: बिना हीली, लेकिन उनकी छाया में
एलिसा हीली खुद टी20 वर्ल्ड कप 2026 में नहीं होंगी, लेकिन टीम की तैयारी, लीडरशिप स्ट्रक्चर और माइंडसेट—सब पर उनकी छाप रहेगी। यह वही कप्तान है जिसने जीत की संस्कृति को सिर्फ़ जिया नहीं, ट्रांसफर किया।
उनका जाना खालीपन ज़रूर छोड़ेगा, लेकिन वह खालीपन किसी भ्रम के साथ नहीं—एक तैयार रोडमैप के साथ आएगा।















