IPL – बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के एक पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में माहौल उस वक्त अचानक असहज हो गया, जब अफगानिस्तान के सीनियर ऑलराउंडर मोहम्मद नबी से एक ऐसा सवाल पूछ लिया गया, जिसका उनसे सीधा कोई लेना-देना ही नहीं था। सवाल था—मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने को लेकर। नबी का जवाब भी उतना ही सीधा, दो टूक और बेबाक आया।
नोआखली एक्सप्रेस की ओर से खेल रहे नबी ने पत्रकार की तरफ देखते हुए साफ कहा—
“इसका मेरे से क्या लेना-देना है भाई? मेरा मुस्तफिजुर से क्या काम है? पॉलिटिक्स में क्या काम है मेरा?”
बस यहीं पर यह मुद्दा क्रिकेट से निकलकर एक बड़े विवाद की याद दिलाने लगा, जो पिछले कुछ हफ्तों से भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
नबी का साफ इनकार: क्रिकेट खेलता हूं, राजनीति नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नबी का लहजा नाराज़ नहीं था, लेकिन स्पष्ट जरूर था। उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह किसी राजनीतिक या प्रशासनिक विवाद पर टिप्पणी करने के लिए वहां मौजूद नहीं हैं।
नबी ने आगे कहा,
“मुझे इतना पता है कि वह एक अच्छा गेंदबाज है। लेकिन जिस तरह से आप सवाल पूछ रहे हो, वह मुझसे जुड़ा ही नहीं है।”
अफगान ऑलराउंडर का यह जवाब इस बात की ओर इशारा करता है कि खिलाड़ी अब ऐसे सवालों से खुद को अलग रखना चाहते हैं, जिनका मैदान के खेल से सीधा रिश्ता नहीं है।
मुस्तफिजुर–आईपीएल विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके कुछ समय बाद ही केकेआर ने उन्हें रिलीज कर दिया।
इसके बाद मामला तेजी से बढ़ा और सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट प्रशासन तक चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, बीसीसीआई या केकेआर की ओर से इस फैसले को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक राजनीतिक टिप्पणी नहीं की गई।
विवाद ने लिया अंतरराष्ट्रीय रंग
मुस्तफिजुर के आईपीएल से बाहर होने के बाद यह मुद्दा सिर्फ फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इसके बाद यह मांग रखी कि आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश के मैच भारत के बाहर कराए जाएं, और इसके पीछे वजह बताई गई—सुरक्षा चिंताएं।
हालांकि, आईसीसी की ओर से आई रिपोर्ट्स ने इस मांग को खारिज कर दिया।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश का शेड्यूल
मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार:
- बांग्लादेश को कोलकाता में 3 मैच
- और मुंबई में 1 मैच
खेलना है।
आईसीसी ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर कोई टीम तय कार्यक्रम के अनुसार मैच नहीं खेलती, तो उसे अंक गंवाने पड़ सकते हैं।
खिलाड़ी क्यों बचना चाहते हैं ऐसे सवालों से?
मोहम्मद नबी का रिएक्शन यह दिखाता है कि:
- खिलाड़ी खुद को राजनीतिक बहसों से अलग रखना चाहते हैं
- वे चाहते हैं कि सवाल परफॉर्मेंस और क्रिकेट तक सीमित रहें
- और किसी और देश के आंतरिक या प्रशासनिक मामलों पर उनसे जवाब न मांगा जाए
नबी जैसे अनुभवी खिलाड़ी, जो कई लीग और देशों में खेल चुके हैं, यह अच्छी तरह समझते हैं कि एक बयान कैसे बेवजह विवाद खड़ा कर सकता है।
क्रिकेट बनाम विवाद: आईसीसी का रुख साफ
आईसीसी पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि:
- टूर्नामेंट की मेजबानी से जुड़े फैसले सुरक्षा आकलन पर आधारित होंगे
- किसी एक घटना या बयान के आधार पर शेड्यूल नहीं बदला जाएगा
- और क्रिकेट को राजनीतिक दबाव से अलग रखा जाएगा
यह रुख आने वाले समय में और सख्त हो सकता है, क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत अब ज्यादा दूर नहीं है।















