Vijay Hazare : प्रभसिमरन के बल्ले से गरजा पंजाब – सेमीफाइनल में एंट्री

Atul Kumar
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Vijay Hazare

Vijay Hazare – पंजाब ने मंगलवार को विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में ऐसा बयान दिया, जिसे सुनकर बाकी टीमों की नींद उड़ना तय है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी, फिर 345 रन का पहाड़ और उसके बाद मध्यप्रदेश को 31.2 ओवर में समेट देना—यह सिर्फ जीत नहीं थी, यह डोमिनेशन था।

183 रन की करारी हार के साथ मध्यप्रदेश का सफर थम गया और पंजाब सेमीफाइनल में पूरे कॉन्फिडेंस के साथ दाखिल हो गया।

यह मुकाबला उस पंजाब की कहानी बन गया, जिसकी बल्लेबाज़ी लाइन-अप एक के बाद एक वार करती रही और गेंदबाज़ों ने बिना रहम किए काम तमाम कर दिया।

प्रभसिमरन–हरनूर की ओपनिंग ने तोड़ दी स्क्रिप्ट

मध्यप्रदेश ने पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया था, लेकिन 21 ओवर बाद ही साफ हो गया कि यह दांव उल्टा पड़ गया है।
प्रभसिमरन सिंह और हरनूर सिंह ने पहले विकेट के लिए 166 रन जोड़ दिए। कोई जल्दबाज़ी नहीं, कोई घबराहट नहीं—बस सधी हुई आक्रामकता।

प्रभसिमरन ने 86 गेंदों में 88 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। हरनूर ने 71 गेंदों में 51 रन जोड़कर उन्हें शानदार साथ दिया। 22वें ओवर में आर्यन पांडे ने हरनूर को आउट कर साझेदारी तोड़ी, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।

मिडिल ऑर्डर ने रफ्तार को दी आग

ओपनिंग के बाद भी पंजाब रुका नहीं।
अनमोलप्रीत सिंह आए और सिर्फ 62 गेंदों में 70 रन ठोक दिए। दूसरी ओर, नेहाल वढेरा ने 38 गेंदों में 56 रन बनाकर स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।

वढेरा और अनमोलप्रीत के बीच चौथे विकेट के लिए 76 रन की साझेदारी ने मध्यप्रदेश की बची-खुची उम्मीदें भी खत्म कर दीं। कप्तान प्रभसिमरन शतक से जरूर चूक गए, लेकिन तब तक टीम को मजबूत प्लेटफॉर्म मिल चुका था।

अंत में रमनदीप सिंह के 15 गेंदों में 24 रन और हरनूर की शुरुआत की बदौलत पंजाब 6 विकेट पर 345 रन तक पहुंच गया।

मध्यप्रदेश की ओर से वेंकटेश अय्यर और त्रिपुरेश सिंह को दो-दो विकेट मिले, लेकिन वे स्कोर पर कोई ब्रेक नहीं लगा सके।

345 का पीछा और मध्यप्रदेश की बिखरती पारी

इतने बड़े लक्ष्य के सामने मध्यप्रदेश की शुरुआत लड़खड़ा गई।
17वें ओवर तक 66 रन पर 5 विकेट गिर चुके थे। मैच वहीं फिसल गया।

रजत पाटीदार ने 40 गेंदों में 38 रन बनाए, त्रिपुरेश सिंह ने 31 रन जोड़े, लेकिन कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी। पूरी टीम 31.2 ओवर में 162 रन पर ढेर हो गई।

पंजाब की ओर से सनवीर सिंह ने छह ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट झटके और रनचेज को पूरी तरह तोड़ दिया।

विदर्भ भी सेमीफाइनल में, दिल्ली को झटका

उधर दूसरे क्वार्टरफाइनल में विदर्भ ने दिल्ली को 76 रन से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया।
यह जीत भी एक ऑल-राउंड प्रदर्शन की मिसाल रही।

यश राठौड़ की क्लास और विदर्भ का ठोस स्कोर

विदर्भ ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 300 रन बनाए।
यश राठौड़ ने 73 गेंदों में 86 रन की बेहतरीन पारी खेली—आठ चौके, दो छक्के और पूरा कंट्रोल।

  • अथर्व तायडे – 62 रन
  • ध्रुव शौरी – 49 रन

दिल्ली की ओर से ईशांत शर्मा, नवदीप सैनी, प्रिंस यादव और नीतीश राणा को दो-दो विकेट मिले, लेकिन स्कोर बोर्ड लगातार चलता रहा।

दिल्ली की कोशिश, लेकिन वापसी नहीं

300 के जवाब में दिल्ली की शुरुआत भी कमजोर रही।
80 रन तक चार विकेट गिर चुके थे और मैच हाथ से निकल चुका था।

  • अनुज रावत – 66 रन
  • वैभव कांडपाल – 28
  • प्रियांश आर्य – 28
  • हर्ष त्यागी – 27

लेकिन कोई भी साझेदारी मैच को मोड़ नहीं सकी।

विदर्भ के लिए नचिकेत भूटे ने 51 रन देकर 4 विकेट झटके, वहीं हर्ष दुबे ने 36 रन पर 3 विकेट लेकर दिल्ली की पारी समेट दी।

सेमीफाइनल की तस्वीर साफ

पंजाब और विदर्भ—दोनों ने यह दिखा दिया है कि सेमीफाइनल में पहुंचना सिर्फ किस्मत नहीं, बल्कि पूरी टीम के परफॉर्मेंस का नतीजा है।

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