ODI – राजकोट की पिच पर बुधवार की दोपहर सब कुछ विराट कोहली के पक्ष में जाता दिख रहा था। फॉर्म शानदार थी, आत्मविश्वास ऊंचा और रिकॉर्ड्स बस एक रन दूर खड़े थे। लेकिन क्रिकेट का खेल यही सिखाता है—हर दिन आपका नहीं होता। भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरे वनडे में कोहली बड़ी पारी खेलने से चूक गए, मगर इतिहास फिर भी उनके नाम दर्ज हो गया।
37 साल की उम्र में भी जब विराट क्रीज पर उतरे, तो स्टेडियम की हवा बदल गई। फैंस को उम्मीद थी कि पहले वनडे की तरह इस बार भी ‘चेज़ मास्टर’ धमाल मचाएंगे। लेकिन कहानी ने अचानक मोड़ ले लिया।
राजकोट में विराट की पारी: शुरुआत ठीक, अंत चौंकाने वाला
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने ठोस शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 70 रन जोड़े। रोहित 24 रन बनाकर 13वें ओवर में आउट हुए, और तभी विराट कोहली मैदान में उतरे।
पहली गेंद से ही विराट का इरादा साफ था। चौका लगाकर खाता खोला, स्ट्राइक रोटेट की और गिल के साथ साझेदारी आगे बढ़ाई। लेकिन 17वें ओवर के बाद भारत की रन गति अचानक सुस्त पड़ गई। बाउंड्री सूख गई, सिंगल्स के लिए संघर्ष शुरू हो गया।
22वें ओवर में सिर्फ एक रन आया। दबाव बढ़ रहा था। और फिर 24वें ओवर की वह गेंद—जिसने मैच का रंग बदल दिया।
क्रिस्टियन क्लार्क की गेंद और उड़ता मिडिल स्टंप
24 साल के तेज गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क के लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था। ओवर की शुरुआती दो गेंदें विराट ने डॉट खेलीं। तीसरी गेंद ऑफ स्टंप के बाहर गुड लेंथ पर थी। विराट ने डीप थर्ड की ओर रन लेने का मन बनाया, लेकिन गेंद हल्की सी अंदर आई।
बस वही अंतर काफी था।
बल्ले का किनारा, और मिडिल स्टंप उखड़ गया।
विराट कुछ सेकेंड तक क्रीज पर खड़े रहे। चेहरा बता रहा था कि उन्हें खुद यकीन नहीं हो रहा। 29 गेंदों में 23 रन, दो चौके—बस यहीं कहानी खत्म हो गई।
बड़ी पारी नहीं, लेकिन बड़ा रिकॉर्ड
भले ही विराट राजकोट में बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन यह मैच उनके करियर का एक और ऐतिहासिक अध्याय बन गया।
जैसे ही उन्होंने 1 रन पूरा किया, विराट कोहली भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया।
भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे में सबसे ज्यादा रन
| खिलाड़ी | रन | मैच |
|---|---|---|
| रिकी पोंटिंग | 1971 | 50 |
| विराट कोहली | 1773* | 35 |
| सचिन तेंदुलकर | 1750 | 41 |
| कुमार संगकारा | 1568 | 45 |
| सनथ जयसूर्या | 1519 | 45 |
कम मैचों में ज्यादा रन—यही विराट कोहली की सबसे बड़ी पहचान रही है।
सचिन से आगे निकलना, वो भी कम पारियों में
सचिन तेंदुलकर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 41 वनडे पारियों में 1750 रन बनाए थे। विराट ने सिर्फ 35 पारियों में 1773 रन ठोक दिए। औसत? 55 से ऊपर।
क्या दबाव बना वजह?
मैच को ध्यान से देखने वालों ने एक बात जरूर नोट की—विराट आउट होने से पहले लगातार डॉट गेंदों का सामना कर रहे थे। जब रन नहीं आते, तो दिमाग भी फैसले जल्दी लेने लगता है। यही टी20 युग का असर है, जो अब वनडे में भी दिखने लगा है।
हालांकि, यह भी सच है कि क्लार्क की गेंद खराब नहीं थी। सीम मूवमेंट, सही लेंथ और हल्का सा इनस्विंग—बस एक पल की चूक।
फॉर्म पर सवाल? शायद नहीं
अगर कोई इस पारी को देखकर विराट की फॉर्म पर सवाल उठाए, तो यह जल्दबाजी होगी। इससे पहले:
- पहले वनडे में 93 रन
- लगातार कई 50+ स्कोर
- आईसीसी वनडे रैंकिंग में फिर से टॉप के करीब
एक आउट, वो भी 23 पर, किसी बड़े बल्लेबाज की कहानी नहीं बदलता।
न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट का दबदबा
न्यूजीलैंड उन टीमों में से एक है, जिसके खिलाफ विराट हमेशा सहज दिखे हैं। चाहे सीमिंग कंडीशंस हों या स्पिन-अनुकूल पिच—उनका रिकॉर्ड बोलता है।















