IND vs NZ – राजकोट की शाम भारतीय फैंस के लिए भारी रही। स्टेडियम भरा हुआ था, स्कोरबोर्ड पर भारत ने 284 रन टांगे थे और माहौल ऐसा लग रहा था कि मुकाबला बराबरी का रहेगा।
लेकिन जैसे ही डेरिल मिचेल क्रीज पर जमे, कहानी धीरे-धीरे भारत के हाथ से फिसलती चली गई। यह सिर्फ एक और शतक नहीं था, यह एक चेतावनी थी—और वो भी लगातार चौथी बार।
जब संकट में आए मिचेल, और मैच वहीं खत्म हो गया
285 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत लड़खड़ाती दिखी। 46 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। स्टेडियम में शोर था, भारतीय गेंदबाज़ों में आत्मविश्वास। लेकिन तभी डेरिल मिचेल ने विकेट पर कदम रखा—और यहीं से मैच का कंट्रोल बदल गया।
मिचेल ने शुरुआत में कोई जल्दबाज़ी नहीं दिखाई। सिंगल-डबल, स्ट्राइक रोटेशन, गेंदबाज़ों को थकाना। फिर जैसे-जैसे सेट होते गए, भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बढ़ता चला गया। नतीजा—117 गेंदों में नाबाद 131 रन, 11 चौके, 2 छक्के और 111.97 का स्ट्राइक रेट।
यह पारी सिर्फ स्कोर नहीं थी, यह भारतीय गेंदबाज़ी की कमजोरी पर एक पूरी रिपोर्ट थी।
विल यंग के साथ वो साझेदारी, जिसने मैच छीन लिया
तीसरे विकेट के लिए विल यंग (87) के साथ मिचेल ने 162 रनों की साझेदारी की। यह वही फेज था जहां भारत को विकेट चाहिए थे, लेकिन हर ओवर के साथ मैच न्यूजीलैंड की तरफ झुकता गया।
स्पिन हो या पेस—कोई भी मिचेल को रोकता नहीं दिखा। खास तौर पर स्पिन के खिलाफ उनका आत्मविश्वास चौंकाने वाला था।
भारत में, भारत के खिलाफ: मिचेल का खौफनाक रिकॉर्ड
डेरिल मिचेल अब भारत के खिलाफ भारत में सिर्फ अच्छा नहीं खेल रहे—वह डोमिनेट कर रहे हैं।
भारत में भारत के खिलाफ उनकी पिछली चार वनडे पारियां:
- 130 रन (127 गेंद)
- 134 रन (119 गेंद)
- 84 रन (71 गेंद)
- 131* रन (117 गेंद) – राजकोट
ये आंकड़े सिर्फ संयोग नहीं हैं। यह साफ दिखाता है कि मिचेल ने भारतीय परिस्थितियों, पिचों और खासकर स्पिन आक्रमण को पूरी तरह समझ लिया है।
कुलदीप यादव पर भारी पड़े मिचेल
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चोट भारतीय स्पिन आक्रमण को लगी। कुलदीप यादव, जो आमतौर पर बीच के ओवरों में मैच पलटने के लिए जाने जाते हैं, यहां पूरी तरह बेअसर नजर आए।
- 10 ओवर
- 82 रन
- 0 विकेट
मिचेल ने कुलदीप को न सिर्फ डिफेंड किया, बल्कि मौके मिलते ही स्ट्रोक्स भी खेले। स्वीप, रिवर्स स्वीप, क्रीज का इस्तेमाल—सब कुछ पाठ्यपुस्तक जैसा।
राहुल का शतक, लेकिन कहानी बदल गई
इससे पहले भारत ने एक मजबूत स्कोर खड़ा किया था। केएल राहुल का नाबाद 112 रन और शुभमन गिल के 56 रन की बदौलत भारत 284/7 तक पहुंचा। स्कोर खराब नहीं था, और आम तौर पर घरेलू मैदान पर यह काफी माना जाता है।
न्यूजीलैंड के लिए क्रिस्टियन क्लार्क ने 3 विकेट लेकर भारत की रफ्तार थोड़ी धीमी की थी, लेकिन राहुल का शतक मैच जिताऊ लग रहा था।
लेकिन मिचेल की पारी ने उस शतक को भी बैकफुट पर डाल दिया।
47.3 ओवर में लक्ष्य हासिल, और भारत के लिए खतरे की घंटी
न्यूजीलैंड ने 47.3 ओवर में ही 286 रन बनाकर मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी—यह सीरीज में उनकी स्थिति को मजबूत करने वाली जीत थी।
और भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता?
डेरिल मिचेल अभी रुकने वाले नहीं लगते।
भारत के सामने अब सबसे बड़ा सवाल
- क्या मिचेल के लिए अलग रणनीति बनेगी?
- क्या स्पिन अटैक में बदलाव होगा?
- या फिर वही पुरानी गेंदबाज़ी, और वही नतीजा?
भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए यह सिर्फ एक मैच की हार नहीं है, बल्कि एक पैटर्न है—जो अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मिचेल नाम की समस्या, जो बढ़ती जा रही है
राजकोट में डेरिल मिचेल ने यह साफ कर दिया कि भारत के खिलाफ खेलना उन्हें पसंद है—और भारत में खेलना तो और भी ज्यादा। यह शतक सिर्फ रन नहीं लाया, बल्कि भारतीय गेंदबाज़ी की पोल भी खोल गया।
अगर अगले मैचों में भारत को वापसी करनी है, तो सबसे पहले एक नाम को रोकना होगा—
डेरिल मिचेल।















