WPL 2026 – नवी मुंबई की रात, डीवाई पाटिल स्टेडियम की फ्लडलाइट्स और आखिरी गेंद तक खिंचा मैच। विमेंस प्रीमियर लीग 2026 का सातवां मुकाबला उन मैचों में शामिल हो गया, जिन्हें फैंस सालों तक याद रखेंगे।
दिल्ली कैपिटल्स विमेंस और यूपी वॉरियर्स के बीच खेला गया यह मैच सिर्फ स्कोर का नहीं था, बल्कि नर्व्स, दबाव और बड़े खिलाड़ियों के बड़े फैसलों की परीक्षा थी। और अंत में—जीत आई आखिरी गेंद पर।
यूपी वॉरियर्स की पारी: मेग लैनिंग ने संभाली कमान
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए यूपी वॉरियर्स की शुरुआत संभली हुई रही। कप्तान मेग लैनिंग ने वही किया, जिसके लिए वह जानी जाती हैं—दबाव में जिम्मेदारी। लैनिंग ने 54 रनों की अहम पारी खेली और पारी को एक दिशा दी।
हालांकि, उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना पाया। दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों ने लाइन-लेंथ में अनुशासन दिखाया और रन फ्लो पर लगातार ब्रेक लगाए। नतीजा यह रहा कि यूपी की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 154 रन ही बना सकी। यह स्कोर लड़ने लायक तो था, लेकिन मैच जिताऊ नहीं लग रहा था।
दिल्ली की शुरुआत: सब कुछ कंट्रोल में… तब तक
155 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ने मैच पर शुरुआत से पकड़ बना ली। लिजेल ली ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और 67 रनों की शानदार पारी खेली। उनके साथ शेफाली वर्मा ने भी तेजी से रन जोड़े।
एक वक्त ऐसा लग रहा था कि यह मुकाबला 17–18 ओवर में ही खत्म हो जाएगा। लेकिन यहीं से मैच ने करवट ली।
आशा शोभना और दीप्ति शर्मा ने बदला खेल
यूपी वॉरियर्स की वापसी की शुरुआत की आशा शोभना ने। उन्होंने शेफाली वर्मा का बड़ा विकेट निकालकर दिल्ली की लय तोड़ी। इसके बाद गेंद थामी दीप्ति शर्मा ने—और मैच में अचानक टेंशन लौट आई।
दीप्ति ने 3 ओवर में 26 रन देकर 2 अहम विकेट चटकाए, जिसमें जेमिमा रोड्रिग्स (21) का विकेट सबसे बड़ा था। दिल्ली का रन चेज अब सीधा नहीं रहा। स्टेडियम में बैठे फैंस को समझ आ गया था—यह मैच आखिरी ओवर तक जाएगा।
आखिरी ओवर का ड्रामा: सोफी एक्लेस्टोन बनाम दिल्ली
अब सारा दारोमदार आखिरी ओवर पर था।
समीकरण: 6 गेंद, 6 रन
गेंदबाजी: दुनिया की नंबर-1 गेंदबाज सोफी एक्लेस्टोन
पहली गेंद—डॉट।
दूसरी गेंद—मारिज़ैन कैप का शानदार चौका।
अब 4 गेंदों पर 2 रन।
मैच खत्म? नहीं।
एक्लेस्टोन ने अगली दो गेंदें फिर डॉट कर दीं। स्टेडियम में सन्नाटा, यूपी कैंप में उम्मीद और दिल्ली डगआउट में बेचैनी। पांचवीं गेंद पर लेग बाई से 1 रन आया। अब हालात साफ थे—
1 गेंद, 1 रन।
सुपर ओवर की खुशबू हवा में थी।
आखिरी गेंद, आखिरी वार
स्ट्राइक पर थीं लौरा वोल्वार्ड्ट।
सोफी एक्लेस्टोन ने यॉर्कर डालने की कोशिश की, लेकिन गेंद फुल-टॉस हो गई। और इस लेवल पर, इतनी ढीली गेंद… माफ नहीं होती।
वोल्वार्ड्ट ने कवर्स की ओर जोरदार ड्राइव लगाया। गेंद सीधी बाउंड्री के पार।
मैच खत्म। दिल्ली जीत गई।
दिल्ली कैपिटल्स ने यह मुकाबला आखिरी गेंद पर 7 विकेट से अपने नाम कर लिया। वोल्वार्ड्ट 25* और कैप 5* रन बनाकर नाबाद रहीं।
भावनाएं चरम पर: जश्न और निराशा
जैसे ही गेंद बाउंड्री पार गई, दिल्ली की खिलाड़ी खुशी से उछल पड़ीं। डगआउट में सेलिब्रेशन था। दूसरी तरफ, यूपी वॉरियर्स की कप्तान मेग लैनिंग मैदान पर ही निराशा में बैठ गईं। वह पल इस मैच की कहानी बयां कर रहा था—इतना करीब आकर हार।
WPL इतिहास का यादगार मुकाबला
यह मैच उन चुनिंदा WPL मुकाबलों में शामिल हो गया, जिनका फैसला आखिरी गेंद पर हुआ।
इसमें सब कुछ था—
- कप्तान की जिम्मेदार पारी
- गेंदबाजों की वापसी
- आखिरी ओवर का दबाव
- और एक ठंडे दिमाग से लगाया गया विनिंग शॉट















