Jitesh – टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम अनाउंस होते ही कई नामों पर बहस शुरू हो गई थी, लेकिन जिस फैसले ने सबसे ज़्यादा चुप्पी और बेचैनी पैदा की—वह था जितेश शर्मा का बाहर होना। पिछले कुछ महीनों में वह भारत के लिए सिर्फ विकेटकीपर नहीं थे, बल्कि फिनिशर की उस भूमिका में दिखे, जिसकी तलाश टीम सालों से करती रही है। इसलिए जब उनका नाम स्क्वॉड में नहीं आया, तो सवाल उठना तय था।
अब, खुद जितेश शर्मा ने पहली बार इस फैसले पर खुलकर बात की है—और उनकी बातें गुस्से से ज़्यादा ईमानदारी और स्वीकार की कहानी कहती हैं।
“टीम की घोषणा तक मुझे कुछ नहीं बताया गया”
क्रिकट्रैकर से बातचीत में जितेश शर्मा ने साफ कहा कि उन्हें पहले से कोई संकेत नहीं दिया गया था कि वह टी20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
उनके शब्दों में,
“जब तक टीम की घोषणा नहीं हुई, मुझे अपने बाहर होने का पता नहीं था।”
यह लाइन अपने आप में बहुत कुछ कह जाती है। एक खिलाड़ी, जो लगातार टीम के साथ था, जिसे मौके मिल रहे थे—उसे आखिरी पल तक यह नहीं पता कि वह रेस से बाहर है।
चयनकर्ताओं का तर्क: कॉम्बिनेशन ने बदल दी कहानी
टीम अनाउंसमेंट के बाद चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वजह साफ की। वही वजह, जिसे बाद में जितेश ने भी स्वीकार किया।
अगरकर ने कहा था कि टीम ऐसे कॉम्बिनेशन की तलाश में थी:
- जो विकेटकीपर भी हो
- जरूरत पड़ने पर ओपनर या बैकअप ओपनर भी बन सके
- खासकर संजू सैमसन की अनुपस्थिति में
यहीं जितेश शर्मा की कहानी अटक गई। वह फिनिशर थे, मिडिल-ऑर्डर विकेटकीपर थे—लेकिन ओपनिंग प्रोफाइल उस तरह की नहीं थी, जिसकी मांग मैनेजमेंट कर रहा था।
“रीजन सही था, मैं समझ गया”
कई खिलाड़ी ऐसे हालात में चयनकर्ताओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जितेश का रुख अलग था। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस सुनने के बाद वह चयनकर्ताओं की सोच से सहमत हो गए।
“बाद में मैंने कोच और सिलेक्टर्स से बात की। मुझे लगा कि उनका रीजन सही था। मैं समझ गया कि वे मुझे क्या समझाना चाहते थे।”
यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि यह बताता है कि बाहर होने के बावजूद, खिलाड़ी और सिस्टम के बीच संवाद टूटा नहीं है।
दिल टूटा, लेकिन शिकायत नहीं
यहां तक सब प्रोफेशनल लग सकता है, लेकिन अगली बात पूरी तरह इंसानी है।
जितेश ने माना कि यह पल उनके लिए बेहद मुश्किल था।
“यह दिल तोड़ने वाला था। मैंने ICC T20 वर्ल्ड कप खेलने के लिए बहुत मेहनत की थी। उस पल मैं सुन्न था।”
कोई नाटकीय बयान नहीं। कोई आरोप नहीं। बस एक खिलाड़ी, जो जानता है कि उसने सब कुछ किया—फिर भी नाम नहीं आया।
परिवार और दिनेश कार्तिक: दो सहारे
इस मुश्किल दौर में जितेश शर्मा को सबसे ज़्यादा सहारा मिला परिवार और भारत के पूर्व विकेटकीपर दिनेश कार्तिक से।
उन्होंने कहा कि परिवार के साथ समय बिताने और डीके से बातचीत करने से उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिली। यह दिलचस्प है, क्योंकि दिनेश कार्तिक खुद इस रास्ते से गुजर चुके हैं—बाहर होना, वापस आना, फिर खुद को नए रोल में ढालना।
सिर्फ जितेश नहीं, बड़े नाम भी बाहर
यह फैसला अकेले जितेश तक सीमित नहीं था।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 स्क्वॉड से बाहर हुए नामों में शामिल थे:
- शुभमन गिल (उपकप्तान)
- जितेश शर्मा
इनकी जगह टीम में आए:
- रिंकू सिंह
- ईशान किशन
और उपकप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई अक्षर पटेल को।
यह बदलाव बताता है कि टीम मैनेजमेंट अनुभव और फ्लेक्सिबिलिटी के बीच नया बैलेंस ढूंढ रहा है।
जितेश शर्मा का टी20 रोल: क्या अधूरा रह गया?
पिछली कुछ सीरीज़ में जितेश शर्मा को:
- फिनिशर
- लोअर मिडिल ऑर्डर हिटर
- विकेटकीपर
इन तीनों भूमिकाओं में आज़माया गया। लेकिन टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में, जहां स्क्वॉड सीमित होता है, मल्टी-डायमेंशनल रोल सबसे बड़ा हथियार बन जाता है।
और शायद यही जगह है, जहां जितेश से आगे निकल गए दूसरे नाम।















