World Cup – न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जैसे-जैसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है, वैसे-वैसे भारतीय टीम के भीतर एक साफ संदेश दिया जा रहा है—टी20 वर्ल्ड कप अभी प्राथमिकता नहीं है।
यह बात किसी फैन या एक्सपर्ट ने नहीं, बल्कि खुद भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने कही है। उनके शब्दों में, अगले महीने होने वाला टी20 वर्ल्ड कप अभी “काफी दूर” है और फिलहाल टीम का पूरा फोकस इसी सीरीज पर है।
सीरीज 1-1 से बराबर है। तीसरा वनडे अब सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि टेस्ट ऑफ माइंडसेट बन चुका है।
वर्ल्ड कप सोचते रहे तो आज का मैच हाथ से निकल जाएगा
दूसरे वनडे में सात विकेट की हार के बाद डोएशे ने जिस अंदाज़ में बात रखी, वह काफी कुछ बयान कर देता है।
उन्होंने कहा,
“पूरी संभावना रहती है कि आप वर्ल्ड कप के बारे में इतना सोचने लगें कि इस हफ्ते के तीन मैच आपको बस आते-जाते लगें। इससे न हम सीख पाते हैं और न ही अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखा पाते हैं।”
यह सीधा संकेत था—अगर टीम अभी से फरवरी के बड़े मंच में उलझ गई, तो मौजूदा मौके हाथ से फिसल सकते हैं। कोचिंग स्टाफ ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता।
निर्णायक मुकाबला, लेकिन नजरें सिर्फ इंदौर पर
भारत और न्यूजीलैंड की यह एकदिवसीय श्रृंखला जितनी कड़ी रही है, उतनी ही शिक्षाप्रद भी। तीसरा और आखिरी मुकाबला इंदौर में खेला जाएगा। सीरीज जीतने का मौका है, लेकिन उससे ज्यादा अहम है कैरेक्टर और कंसिस्टेंसी।
डोएशे ने साफ किया कि रणनीतिक तौर पर ऐसा कुछ नहीं है, जिसे टी20 वर्ल्ड कप की वजह से टाल दिया गया हो।
“रणनीति के लिहाज से हमें ऐसा कुछ नहीं दिखता, जिसे वर्ल्ड कप की तैयारी के नाम पर छोड़ा गया हो। हम पूरी तरह से इस सीरीज पर केंद्रित हैं।”
यानी—आज का क्रिकेट, आज के लिए।
हर सीरीज मायने रखती है
यह बयान शायद उन खिलाड़ियों के लिए ज्यादा अहम है, जो टीम में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में हैं।
डोएशे ने कहा,
“हर सीरीज महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत तौर पर इन खिलाड़ियों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है।”
यह लाइन साफ बताती है कि प्रयोग हो सकते हैं, लेकिन ढील नहीं। कोई भी मैच “बस ट्रायल” नहीं माना जा रहा।
वर्ल्ड कप की तैयारी, लेकिन बिना शोर के
डोएशे ने यह भी माना कि वर्ल्ड कप की तैयारी पूरी तरह अलग नहीं रखी जा सकती। फर्क बस इतना है कि टीम उसे लेकर ओवरएक्साइटेड नहीं होना चाहती।
उनके शब्दों में,
“वर्ल्ड कप अभी भी काफी दूर है। यह सीरीज बेहतर प्रदर्शन करने और अच्छी आदतें डालने के बारे में है। हम दोनों को मैनेज कर रहे हैं, लेकिन वर्ल्ड कप के उत्साह को फिलहाल कुछ दिनों के लिए ठंडे बस्ते में डाल रहे हैं।”
यह एक बैलेंस्ड अप्रोच है—भविष्य को नजर में रखते हुए वर्तमान को प्राथमिकता।
टी20 टीम के खिलाड़ियों को ‘सुरक्षित’ रखने की सोच
डोएशे ने यह भी माना कि जिन खिलाड़ियों का टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में होना तय माना जा रहा है, उन्हें लेकर सावधानी बरती जा रही है।
उन्होंने कहा,
“आप उन खिलाड़ियों को सुरक्षित रखना चाहते हैं जो टी20 वर्ल्ड कप में खेलने वाले हैं, और हम इस पर सोच रहे हैं।”
यह बयान सीधे तौर पर वर्कलोड मैनेजमेंट की तरफ इशारा करता है—एक ऐसा मुद्दा जिस पर बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट लंबे वक्त से जोर देता आया है
चोटों ने बढ़ाई चिंता
टीम इंडिया की यह सावधानी बेवजह नहीं है। पहले से ही कई अहम खिलाड़ी चोटिल हैं:
– तिलक वर्मा
– ऋषभ पंत
– वॉशिंगटन सुंदर
तीनों टी20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं, लेकिन फिलहाल रिकवरी फेज़ में हैं। ऐसे में बाकी खिलाड़ियों को लेकर रिस्क लेने का कोई तुक नहीं बनता।
डिफेंडिंग चैंपियन का दबाव, लेकिन जल्दबाज़ी नहीं
भारत डिफेंडिंग चैंपियन है और इस बार टी20 वर्ल्ड कप की सह-मेजबानी भी कर रहा है। दबाव स्वाभाविक है। उम्मीदें उससे भी ज्यादा।
लेकिन डोएशे के बयान बताते हैं कि टीम उस दबाव को अभी सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहती। पहले न्यूजीलैंड, फिर आगे की कहानी।















