Irfan – राजकोट में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरा वनडे खत्म होते-होते कहानी सिर्फ हार की नहीं रही। सात विकेट से मिली करारी शिकस्त के बाद असली चर्चा भारत के स्पिन आक्रमण पर टिक गई—और इस बार शब्द नरम नहीं थे।
पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने बिना घुमा-फिराकर कहा कि भारत के सीनियर स्पिनर, न्यूजीलैंड के कम अनुभवी स्पिनरों के सामने पूरी तरह फीके पड़ गए।
यह बयान यूं ही नहीं आया। आंकड़े भी वही कहानी सुना रहे थे।
आंकड़े जो सब कुछ बयां कर देते हैं
राजकोट की पिच पर, जहां स्पिनरों से असर की उम्मीद रहती है, तस्वीर उलटी दिखी।
| टीम | स्पिनर | ओवर | रन | विकेट | इकोनॉमी |
|---|---|---|---|---|---|
| भारत | रवींद्र जडेजा + कुलदीप यादव | 18 | 126 | 1 | 7.00 |
| न्यूजीलैंड | जेडन लेनोक्स + माइकल ब्रेसवेल | 20 | 76 | 2 | 3.80 |
भारत ने 284 रन बनाए, लेकिन न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन पर ब्रेक लगाया। जवाब में जब भारत गेंदबाजी करने उतरा, वही नियंत्रण गायब था।
“असली स्पिन उन्होंने दिखाई” – इरफान का सीधा वार
इरफान पठान ने न्यूजीलैंड की रणनीति की तारीफ करते हुए साफ कहा,
“न्यूजीलैंड ने परिस्थितियों को बेहतर पढ़ा। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की और हमें उनकी तरफ से असली स्पिन देखने को मिली।”
यह टिप्पणी सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि भारत के लिए चेतावनी थी—कि अनुभव होने के बावजूद सही लेंथ और गति नहीं मिली।
कुलदीप यादव की लय पर बड़ा सवाल
सबसे तीखी बात आई कुलदीप यादव को लेकर। 10 ओवर में 82 रन, सिर्फ एक विकेट। इरफान ने इसे “काफी कमतर” प्रदर्शन बताया।
अपने यूट्यूब चैनल पर इरफान ने एक अहम तकनीकी बिंदु उठाया—गति।
“कुलदीप की रफ्तार फिर से कम हो रही है। पहले जब उन्होंने गेंद तेज़ फेंकनी शुरू की थी, तब टर्न और रेव्स दोनों मिलने लगे थे। क्या वह फिर से स्लो हो रहे हैं?”
यही वह सवाल है जो भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए भी अहम होगा। क्योंकि कुलदीप की सबसे बड़ी ताकत—फ्लाइट + स्पीड का संतुलन—यहीं गड़बड़ा रहा है।
“80 रन देने से कहीं बेहतर गेंदबाज हैं कुलदीप”
इरफान ने उम्मीद भी छोड़ी।
“वह 10 ओवर में 80 रन देने से कहीं बेहतर गेंदबाज हैं। उन्हें अपनी गति पर दोबारा काम करने की जरूरत है।”
मतलब संदेश साफ है—समस्या पहचान में आ चुकी है, अब सुधार चाहिए।
जडेजा का बचाव, लेकिन उम्मीद ज्यादा
रवींद्र जडेजा को लेकर इरफान का रुख थोड़ा संतुलित रहा, लेकिन राहत नहीं।
उनका कहना था कि जडेजा के पास प्रतिकूल परिस्थितियों में विकल्प सीमित हो जाते हैं। अगर पिच मदद नहीं करती, तो वह संघर्ष करते दिखते हैं।
फिर भी, इरफान ने जोड़ा—
“जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी से इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहती है।”
न्यूजीलैंड के नए चेहरे, लेकिन पूरा कंट्रोल
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि न्यूजीलैंड ने स्पिन में कोई बड़ा नाम नहीं उतारा था।
- जेडन लेनोक्स (डेब्यू)
- माइकल ब्रेसवेल
फिर भी:
- लेनोक्स ने विराट कोहली और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाजों को बांधे रखा
- ब्रेसवेल ने 3.40 की इकोनॉमी से दबाव बनाए रखा
इरफान ने साफ कहा,
“अनुशासन और नियंत्रण की बात करें, तो भारतीय स्पिनर न्यूजीलैंड के आसपास भी नहीं थे।”
रणनीति की चूक या एग्जीक्यूशन की?
यह सवाल अब बड़ा हो गया है। क्या:
- लाइन-लेंथ गलत थी?
- या पिच रीडिंग में चूक?
- या फिर सिर्फ एग्जीक्यूशन कमजोर?
इंदौर से पहले चेतावनी
सीरीज अब 1-1 से बराबर है। निर्णायक मुकाबला इंदौर में है—और इरफान पठान के मुताबिक भारत के पास ज्यादा समय नहीं।
उनका मानना है कि:
- स्पिन की भूमिका दोबारा तय करनी होगी
- कुलदीप को गति पर काम करना होगा
- जडेजा से ज्यादा प्रभाव की उम्मीद रखनी होगी















