BCCI : भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सिर्फ सीरीज़ नहीं – भविष्य की तैयारी

Atul Kumar
Published On:
BCCI

BCCI – शनिवार, 17 जनवरी की शाम बीसीसीआई के एक प्रेस नोट ने भारतीय महिला क्रिकेट की सर्दियों में अचानक गर्माहट भर दी। ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए वनडे और टी20 टीम का ऐलान हुआ, और हमेशा की तरह सिर्फ नामों की लिस्ट नहीं आई—उसके साथ आए कई संकेत, सवाल और साफ संदेश।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत अगले महीने ऑस्ट्रेलिया जाएगा, जहां तीन टी20, तीन वनडे और बाद में एक टेस्ट मैच खेला जाना है। लेकिन असली कहानी इस दौरे से ज्यादा, चयन के पैटर्न में छिपी है।

ऑस्ट्रेलिया दौरा: सिर्फ सीरीज़ नहीं, एक लिटमस टेस्ट

ऑस्ट्रेलिया में खेलना हमेशा से भारतीय महिला टीम के लिए आसान नहीं रहा है। तेज पिचें, उछाल और आक्रामक क्रिकेट—यह दौरा हर खिलाड़ी की तकनीक और मानसिक मजबूती की परीक्षा लेता है। 2025–26 के कैलेंडर को देखते हुए यह सीरीज़ सिर्फ द्विपक्षीय मुकाबला नहीं, बल्कि आने वाले आईसीसी टूर्नामेंट्स की तैयारी का बड़ा पड़ाव मानी जा रही है।

श्रेयंका पाटिल की वापसी: रिस्क या रिवॉर्ड?

टी20 टीम में सबसे बड़ी खबर है श्रेयंका पाटिल की वापसी। 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से चोटों से जूझ रहीं श्रेयंका ने लगभग पूरा 2025 रिकवरी में बिताया। पिछला WPL मिस करना उनके करियर का अहम मोड़ था, लेकिन मौजूदा WPL सीज़न में RCB के लिए उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजरों से छुपा नहीं रह सका।

यह चयन साफ बताता है कि टीम मैनेजमेंट अब सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि मैच-इम्पैक्ट देख रहा है। श्रेयंका की ऑफ-स्पिन और निचले क्रम की बल्लेबाज़ी ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ बड़ा हथियार बन सकती है।

शेफाली वर्मा की वनडे वापसी: दूसरा मौका, आखिरी चेतावनी?

वनडे टीम में शेफाली वर्मा की वापसी उतनी ही अहम है, जितनी संवेदनशील। पिछले कुछ महीनों में उनके खेल को लेकर सवाल उठते रहे हैं—खासतौर पर लंबे फॉर्मेट में शॉट सेलेक्शन और निरंतरता पर।

लेकिन चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि शेफाली को अभी छोड़ा नहीं गया है। यह वापसी एक तरह से संदेश है—
मौका है, लेकिन समय सीमित।

ऑस्ट्रेलिया में तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ उनका प्रदर्शन तय करेगा कि वह भविष्य की वनडे योजनाओं का हिस्सा रहेंगी या नहीं।

नई चेहरे, नई सोच: जी कमलिनी और वैष्णवी शर्मा

इस दौरे का सबसे दिलचस्प पहलू है नई खिलाड़ियों पर भरोसा।

जी कमलिनी

घरेलू क्रिकेट में लगातार रन, विकेटकीपिंग में स्थिरता और दबाव में खेलने की समझ—कमलिनी को सिर्फ “बैकअप” नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म प्रॉस्पेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है।

वैष्णवी शर्मा

बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा का चयन बताता है कि भारत अब वैरायटी पर फोकस कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया की दाएं हाथ की बैटिंग लाइन-अप के खिलाफ यह एक रणनीतिक कदम हो सकता है।

कुछ नाम बाहर, और वही सबसे बड़ा संकेत

हर चयन में जितने नाम आते हैं, उतने ही बाहर भी जाते हैं। इस बार राधा यादव और अरुंधति रेड्डी का बाहर होना चौंकाने वाला है, खासकर तब जब वे वर्ल्ड कप जीतने वाली स्क्वाड का हिस्सा थीं, भले ही उन्हें खेलने का मौका न मिला हो।

इस फैसले से एक बात साफ है—
पिछली उपलब्धियां अब गारंटी नहीं रहीं।

काश्वी गौतम का चयन इसी सोच का हिस्सा है। चयनकर्ता अब बेंच स्ट्रेंथ को मैच-रेडी देखना चाहते हैं, सिर्फ “अनुभवी नाम” नहीं।

कप्तानी में निरंतरता, लेकिन दबाव भी

हरमनप्रीत कौर कप्तान बनी रहेंगी और स्मृति मंधाना उपकप्तान। यह निरंतरता जरूरी है, खासकर तब जब टीम ट्रांज़िशन फेज़ में हो।

लेकिन दबाव भी उतना ही है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर:

  • मिडिल ऑर्डर की स्थिरता
  • डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ी
  • और फील्डिंग स्टैंडर्ड

इन तीनों मोर्चों पर कप्तान और लीडरशिप ग्रुप की असली परीक्षा होगी।

पूरा शेड्यूल एक नज़र में

मैचतारीखस्थान
पहला T20I15 फरवरीSCG
दूसरा T20I19 फरवरीमनुका ओवल
तीसरा T20I21 फरवरीएडिलेड ओवल
पहला ODI24 फरवरीएलन बॉर्डर फील्ड
दूसरा ODI27 फरवरीबेलेरिव ओवल
तीसरा ODI1 मार्चबेलेरिव ओवल

चयन का असली मतलब

यह टीम चयन सिर्फ ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए नहीं है।
यह एक रोडमैप है—
जहां भारत अनुभव और भविष्य के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।

कुछ खिलाड़ियों के लिए यह वापसी है।
कुछ के लिए मौका।
और कुछ के लिए सख्त लेकिन जरूरी संदेश।

टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Follow Us On