BBL – बिग बैश लीग को अक्सर बल्लेबाज़ों की आज़ादी, बड़े शॉट्स और तेज़ रफ्तार क्रिकेट का मंच माना जाता है। लेकिन 2025-26 सीज़न में यही मंच पाकिस्तान के दो सबसे बड़े नामों के लिए कठोर आईना बन गया है।
ऑस्ट्रेलिया पहुंचे बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान का मकसद था—अपनी T20 बल्लेबाज़ी को नए दौर के मुताबिक ढालना। नतीजा? सवाल, आलोचना और अनकम्फर्टेबल सुर्खियां।
रन बने हैं, लेकिन सवाल स्ट्राइक रेट पर है
काग़ज़ पर देखें तो बाबर और रिज़वान ने पूरी तरह फेल नहीं किया है। रन आए हैं, फिफ्टी भी बनी हैं। लेकिन T20 क्रिकेट अब सिर्फ रन गिनने का खेल नहीं रहा—कैसे और कितनी तेजी से रन बने, वही असली पैमाना है।
यहीं दोनों सीनियर बल्लेबाज़ फंसते दिखे।
बिग बैश लीग 2025-26: सबसे धीमी स्ट्राइक रेट (कम से कम 120 गेंद)
| खिलाड़ी | स्ट्राइक रेट |
|---|---|
| मोहम्मद रिज़वान | 102.74 |
| बाबर आज़म | 107.48 |
| कॉन्टॉस | 110.21 |
| टॉम रोजर्स | 127.50 |
ये आंकड़े साफ कहते हैं कि बाबर और रिज़वान सिर्फ नीचे नहीं हैं—सूची में सबसे ऊपर (नीचे से) हैं।
रिज़वान का रिटायर्ड आउट: एक ऐतिहासिक, लेकिन शर्मनाक पल
मेलबर्न रेनिगेड्स के लिए खेलते हुए मोहम्मद रिज़वान के साथ जो हुआ, वह बिग बैश लीग के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया।
26 रन, 23 गेंद।
रफ्तार नहीं बढ़ी।
और कप्तान विल सदरलैंड ने उन्हें रिटायर्ड आउट कर दिया।
यह बिग बैश में किसी विदेशी खिलाड़ी के साथ पहली बार हुआ।
और संदेश बिल्कुल साफ था—
नाम नहीं, टेंपो चाहिए।
बाबर आज़म: फिफ्टी के बावजूद बेचैनी
सिडनी सिक्सर्स के लिए बाबर आज़म ने 8–9 पारियों में करीब 195 रन बनाए हैं। दो अर्धशतक भी शामिल हैं। लेकिन आधुनिक T20 के हिसाब से उनकी बल्लेबाज़ी ठहराव भरी रही।
एक मैच में, स्टीव स्मिथ के साथ ओपनिंग करते हुए बाबर की स्ट्राइक रेट 64 तक गिर गई। यह वही फॉर्मेट है, जहां पावरप्ले में 140–150 की स्ट्राइक रेट को “नॉर्मल” माना जाता है।
यही नहीं, सिडनी थंडर के खिलाफ मैच में बाबर–स्मिथ के बीच तालमेल की कमी भी साफ दिखी।
- स्मिथ ने एक आसान रन लेने से मना कर दिया ताकि स्ट्राइक उनके पास रहे
- बाबर का हाव-भाव साफ बता रहा था कि वह खुश नहीं थे
- फील्डिंग में भी एक बाउंड्री रोकने की कोशिश अधूरी रही, जिस पर स्मिथ हैरान दिखे
ऑस्ट्रेलिया गए थे सीखने, सवाल लेकर लौट रहे हैं
बाबर और रिज़वान ऑस्ट्रेलिया इसलिए नहीं गए थे कि बस लीग खेल लें। मकसद बड़ा था—
T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले खुद को अपडेट करना।
लेकिन बिग बैश लीग ने उल्टा सवाल खड़े कर दिए हैं।
- क्या बाबर आज़म पावरप्ले में आक्रामक हो सकते हैं?
- क्या रिज़वान अपनी एंकर वाली भूमिका से बाहर निकलेंगे?
- या पाकिस्तान अब नए टेंपो वाले बल्लेबाज़ों की ओर देखेगा?
T20 वर्ल्ड कप 2026: खतरे की घंटी?
2026 का T20 वर्ल्ड कप अब दूर नहीं है। और पाकिस्तान के पास विकल्प भी हैं—
- युवा हिटर
- मिडिल ऑर्डर में फ्लेक्सिबिलिटी
- और ऐसे खिलाड़ी जो 15 गेंद में 30 रन को “नॉर्मल” मानते हैं
ऐसे में अगर बाबर और रिज़वान का टेंपो नहीं बदला, तो उनकी जगह पर सवाल उठना तय है।
सिर्फ तकनीक नहीं, सोच का भी इम्तिहान
बाबर और रिज़वान की क्लास पर कोई शक नहीं।
लेकिन T20 क्रिकेट अब क्लास से ज्यादा कमिटमेंट टू इंटेंट मांगता है।
- डॉट बॉल से डर नहीं
- आउट होने का डर नहीं
- और हर ओवर में दबाव बनाने की सोच
बिग बैश लीग ने दोनों को यह संदेश बहुत साफ तरीके से दे दिया है।















