World Cup – टी-20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले जिम्बाब्वे क्रिकेट ने एक ऐसा नाम जोड़ लिया है, जो ड्रेसिंग रूम में मौजूद होते ही गेंदबाज़ों की रीढ़ सीधी कर देता है। वेस्टइंडीज के दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ कर्टनी वॉल्श अब जिम्बाब्वे टीम के सलाहकार की भूमिका में होंगे। यह फैसला सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि जिम्बाब्वे की उस सोच का संकेत है, जिसमें वह इस बार वर्ल्ड कप को “सिर्फ भागीदारी” तक सीमित नहीं रखना चाहता।
टीम पहले ही अपनी तैयारियों में जुट चुकी है और वॉल्श ने टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों के साथ काम शुरू कर दिया है। यह टी-20 विश्वकप 7 फरवरी से 8 मार्च तक खेला जाएगा।
ग्रुप बी में जिम्बाब्वे, चुनौती आसान नहीं
आईसीसी के अनुसार जिम्बाब्वे को ग्रुप बी में रखा गया है, जहां उसके सामने चुनौती किसी भी तरह से हल्की नहीं है। ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका जैसे दिग्गजों के साथ आयरलैंड और ओमान जैसी अंडररेटेड टीमें भी मौजूद हैं।
| ग्रुप बी टीमें |
|---|
| ऑस्ट्रेलिया |
| श्रीलंका |
| आयरलैंड |
| ओमान |
| जिम्बाब्वे |
जिम्बाब्वे की वापसी भी आसान नहीं रही है। टीम 2024 संस्करण में हिस्सा नहीं ले सकी थी, जब वह 2023 अफ्रीका क्वालिफायर के जरिए टिकट हासिल करने में नाकाम रही थी।
क्वालिफायर से वापसी, अब नजर वर्ल्ड कप पर
इस बार कहानी बदली है। जिम्बाब्वे ने आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप अफ्रीका क्वालिफायर 2025 में दमदार प्रदर्शन करते हुए नामीबिया के साथ टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। यह सिर्फ योग्यता नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी भी थी।
और शायद यही वजह है कि बोर्ड ने तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी।
क्यों खास है कर्टनी वॉल्श की एंट्री?
कर्टनी वॉल्श सिर्फ एक पूर्व खिलाड़ी नहीं हैं।
वे उस दौर के गेंदबाज़ हैं, जहां रफ्तार के साथ धैर्य, रणनीति और माइंड गेम भी चलता था।
उपमहाद्वीप की पिचों पर उनका अनुभव जिम्बाब्वे के लिए सोने पर सुहागा साबित हो सकता है, खासकर तब जब मुकाबले श्रीलंका जैसे हालात में खेले जाने हैं।
जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड का साफ संदेश
जिम्बाब्वे क्रिकेट के प्रबंध निदेशक गिवमोर माकोनी ने इस नियुक्ति के पीछे की सोच बिल्कुल साफ शब्दों में रखी।
माकोनी ने कहा,
“कर्टनी वॉल्श के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के उच्चतम स्तर का अनुभव है, खासकर तेज गेंदबाज़ी में। जब आप वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट की तैयारी कर रहे हों, तो ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है जो जानता हो कि बड़े मंच पर जीत कैसे हासिल की जाती है।”
उन्होंने आगे कहा कि वॉल्श का प्रोफेशनलिज़्म और खिलाड़ियों को मेंटर करने की क्षमता गेंदबाज़ी आक्रमण को नई धार देगी।
शेड्यूल भी तय, शुरुआत ओमान से
जिम्बाब्वे अपने टी-20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 9 फरवरी को करेगा। पहला मुकाबला कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड में ओमान के खिलाफ होगा।
इसके बाद सबसे बड़ा टेस्ट इंतजार कर रहा है—
13 फरवरी, आर. प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला।
| तारीख | मुकाबला | स्थान |
|---|---|---|
| 9 फरवरी | जिम्बाब्वे vs ओमान | कोलंबो |
| 13 फरवरी | जिम्बाब्वे vs ऑस्ट्रेलिया | कोलंबो |
सिर्फ सलाहकार नहीं, सोच बदलने की कोशिश
कर्टनी वॉल्श की नियुक्ति को सिर्फ “सहयोगी स्टाफ” की एंट्री समझना भूल होगी। यह उस सोच का हिस्सा है, जहां जिम्बाब्वे खुद को फिर से प्रतिस्पर्धी टीम के रूप में स्थापित करना चाहता है।
- नई गेंद से आक्रमण
- डेथ ओवर्स की प्लानिंग
- और दबाव में शांत रहने की मानसिकता
ये सभी चीजें वॉल्श के अनुभव से सीधे जुड़ी हैं।



















