IPL – कई महीनों की चुप्पी, सवालों और अनिश्चितता के बाद बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम को लेकर आखिरकार तस्वीर साफ होने लगी है। लेकिन यह कोई खुली छूट नहीं है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने साफ शब्दों में कह दिया है—मैच होंगे, मगर सख्त शर्तों के साथ। जरा सी चूक और दरवाज़े फिर बंद हो सकते हैं।
रविवार को बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए परमेश्वर ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुमति किसी भावनात्मक आधार पर नहीं, बल्कि सुरक्षा रिपोर्ट और निरीक्षण के बाद दी गई है।
हाई लेवल कमेटी की रिपोर्ट के बाद मिली हरी झंडी
गृह मंत्री ने बताया कि एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की मौजूदा स्थिति की जांच के लिए न्यायमूर्ति जॉन माइकल कुन्हा समिति की सिफारिशों के आधार पर एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी।
इस समिति ने स्टेडियम का विस्तृत निरीक्षण किया, हर एंगल से सुरक्षा व्यवस्था को परखा और फिर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी।
परमेश्वर के मुताबिक,
“उसी रिपोर्ट के आधार पर कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) को मैच आयोजित करने की अनुमति दी गई है।”
अनुमति मिली है, लेकिन बिना शर्त नहीं
यह अनुमति पूरी तरह सशर्त है।
गृह मंत्री ने साफ किया कि KSCA पर कई खास शर्तें लगाई गई हैं—
- हर मैच से पहले स्टेडियम का निरीक्षण अनिवार्य होगा
- समिति द्वारा सुझाए गए सभी सुधार तय समय में पूरे करने होंगे
- सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा
परमेश्वर ने कहा कि KSCA ने लिखित में भरोसा दिया है कि सभी जरूरी बदलाव समय पर पूरे किए जाएंगे और काम पहले ही शुरू हो चुका है।
महीनों बाद लौटी क्रिकेट की रौनक
शनिवार को राज्य के गृह विभाग ने औपचारिक रूप से KSCA को अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी की अनुमति दी।
यह फैसला सरकार द्वारा नियुक्त कार्य बल की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद लिया गया।
वह हादसा, जिसने सब कुछ रोक दिया
यह पूरा मामला पिछले साल हुई एक भयावह घटना से जुड़ा है, जिसे बेंगलुरु अब भी भूल नहीं पाया है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की आईपीएल ट्रॉफी जीत के जश्न के दौरान, एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी।
उस हादसे में 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी।
जांच में सामने आया कि—
- भीड़ प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे
- अनुमान से कहीं ज्यादा लोग जमा हो गए थे
- लगभग 3 लाख प्रशंसक स्टेडियम के आसपास पहुंच गए थे
चार जून को हुई इस घटना के बाद स्टेडियम में सभी क्रिकेट गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी।
सरकार का संदेश: क्रिकेट से ज्यादा अहम जान
इस बार सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
गृह विभाग का रुख बिल्कुल साफ है—
क्रिकेट होगा, भीड़ आएगी, जश्न भी होगा, लेकिन सुरक्षा पहले।
परमेश्वर के बयान से यह भी संकेत मिला है कि आगे किसी भी लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई हो सकती है, चाहे मैच अंतरराष्ट्रीय हो या आईपीएल का।
RCB और IPL पर भी असर
चिन्नास्वामी स्टेडियम सिर्फ एक मैदान नहीं है।
यह RCB का घर है।
यह IPL की सबसे शोरगुल वाली जगहों में से एक है।
अब सवाल यह भी है कि—
- क्या RCB के बड़े मैचों में दर्शकों की संख्या सीमित की जाएगी?
- क्या टिकटिंग और एंट्री सिस्टम में बड़े बदलाव होंगे?
- क्या जश्न और रोड शो पर स्थायी रोक लगेगी?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।















