Vijay Hazare – विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का सीजन अगर किसी एक चीज़ के लिए याद रखा जाएगा, तो वह है बल्लेबाज़ों का बेखौफ राज। गेंदबाज़ पिटे, रिकॉर्ड टूटे और स्कोरबोर्ड कई बार थक सा गया।
इस पूरे शोर में एक नाम सबसे ऊपर चमका—विदर्भ के अमन मोखाड़े। शांत स्वभाव, क्लासिक शॉट्स और रन बनाने की भूख। नतीजा? 10 मैचों में 814 रन और टूर्नामेंट के टॉप रन-स्कोरर।
यह सिर्फ एक सीजन नहीं था। यह कई युवा बल्लेबाज़ों के लिए स्टेटमेंट सीजन था।
अमन मोखाड़े: विदर्भ की रीढ़, टूर्नामेंट का चेहरा
अमन मोखाड़े ने इस सीजन जो किया, वह सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है।
5 शतक, 90.44 की औसत, और हर मैच में जिम्मेदारी।
विदर्भ की बल्लेबाज़ी उनके इर्द-गिर्द घूमती रही। चाहे शुरुआत संभालनी हो या दबाव में रन निकालने हों, मोखाड़े हर बार मौजूद थे। घरेलू क्रिकेट में ऐसे सीजन अक्सर सीधे इंडिया A और सेलेक्टर्स की नोटबुक तक पहुंच जाते हैं।
देवदत्त पडिक्कल: फॉर्म की दमदार वापसी
कर्नाटक के देवदत्त पडिक्कल के लिए यह सीजन किसी रीहैब से कम नहीं था।
9 मैच, 725 रन, औसत 90.62।
4 शतक, 2 अर्धशतक—और सबसे बड़ी बात, कंट्रोल।
पडिक्कल की बल्लेबाज़ी में वही पुरानी सहजता दिखी, जो कभी उन्हें टीम इंडिया तक ले गई थी। यह सीजन साफ कहता है—वह अभी खत्म नहीं हुए हैं।
सौराष्ट्र की जोड़ी: देसाई और जडेजा का कमाल
सौराष्ट्र ने हमेशा से टेक्निकली साउंड बल्लेबाज़ दिए हैं, और इस बार भी कहानी बदली नहीं।
हार्विक देसाई
10 मैच, 581 रन।
टूर्नामेंट के तीसरे सबसे सफल बल्लेबाज़।
वहीं विश्वराज जडेजा ने बड़े स्कोर की अहमियत दिखाई—
10 मैच, 545 रन, जिसमें नाबाद 165* की विशाल पारी शामिल रही।
पुखराज मान और ध्रुव जुरैल: निरंतरता की मिसाल
इस सीजन की सबसे दिलचस्प टाई रही चौथे और पांचवें स्थान पर।
पुखराज मान (हिमाचल प्रदेश)
- 7 मैच
- 558 रन
- 3 शतक
कम मैच, लेकिन ज्यादा असर।
ध्रुव जुरैल (उत्तर प्रदेश)
- 7 मैच
- 558 रन
- औसत 93.00
- स्ट्राइक रेट 122.90
- बेस्ट: 160*
जुरैल ने दिखा दिया कि वह सिर्फ टेस्ट या आईपीएल टैलेंट नहीं हैं—50 ओवर फॉर्मेट में भी पूरी तरह फिट।
मिडल ऑर्डर के भरोसेमंद नाम
टॉप-10 की सूची में कुछ ऐसे बल्लेबाज़ भी रहे, जिन्होंने अपनी टीमों को टूर्नामेंट में आगे तक पहुंचाया।
अनमोलप्रीत सिंह (पंजाब)
9 मैच, 527 रन, औसत 75.28, 2 शतक।
ध्रुव शौरी (विदर्भ)
9 मैच, 515 रन, औसत 73.57।
विदर्भ को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका।
आर्यन जुयाल (उत्तर प्रदेश)
8 मैच, 492 रन, बेस्ट 150*।
कप्तान के तौर पर भी और बल्लेबाज़ के तौर पर भी जिम्मेदारी।
करण लांबा: कम मैच, बड़ा असर
राजस्थान के करण लांबा ने सिर्फ 7 मैच खेले, लेकिन
471 रन, औसत 78.50।
3 शतक, 2 अर्धशतक—यह बताने के लिए काफी है कि मौका मिला तो वह उसे पकड़ना जानते हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26: टॉप 10 रन-स्कोरर
| रैंक | खिलाड़ी | टीम | मैच | रन |
|---|---|---|---|---|
| 1 | अमन मोखाड़े | विदर्भ | 10 | 814 |
| 2 | देवदत्त पडिक्कल | कर्नाटक | 9 | 725 |
| 3 | हार्विक देसाई | सौराष्ट्र | 10 | 581 |
| 4 | पुखराज मान | हिमाचल प्रदेश | 7 | 558 |
| 5 | ध्रुव जुरैल | उत्तर प्रदेश | 7 | 558 |
| 6 | विश्वराज जडेजा | सौराष्ट्र | 10 | 545 |
| 7 | अनमोलप्रीत सिंह | पंजाब | 9 | 527 |
| 8 | ध्रुव शौरी | विदर्भ | 9 | 515 |
| 9 | आर्यन जुयाल | उत्तर प्रदेश | 8 | 492 |
| 10 | करण लांबा | राजस्थान | 7 | 471 |















