ODI – भारत में न्यूजीलैंड से वनडे सीरीज हारने के बाद आलोचनाओं की बाढ़ आ चुकी है, लेकिन इस बार आवाज़ किसी आम एक्सपर्ट की नहीं है। यह आवाज़ है 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य, पूर्व भारतीय कप्तान और पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत की—और उनकी बातों में नाराज़गी भी है, चिंता भी और थोड़ा दर्द भी।
श्रीकांत के शब्दों में यह सिर्फ एक सीरीज हार नहीं थी। यह सिस्टम फेल्योर था।
“विराट पर दया आती है” – श्रीकांत का तीखा बयान
तीसरे और निर्णायक वनडे में विराट कोहली ने 124 रन की शानदार पारी खेली। 338 के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक छोर पर विराट खड़े रहे, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। भारत 296 पर ढेर हो गया।
श्रीकांत ने सीधे कहा—
“मुझे विराट कोहली पर दया आती है। वह आखिर कितने मैचों में अकेले रन बनाता रहेगा?”
यह सिर्फ भावनात्मक बयान नहीं था। यह टीम स्ट्रक्चर पर सीधा सवाल था।
जडेजा पर सबसे बड़ा सवाल: “अब भी ODI टीम में क्यों?”
श्रीकांत ने सबसे तीखा हमला रविंद्र जडेजा पर बोला। नाम लेने से नहीं कतराए। वजह भी ठोस रखी—नंबर।
पिछले 6 वनडे मैचों में जडेजा का प्रदर्शन
| डिपार्टमेंट | आंकड़े |
|---|---|
| विकेट | 1 |
| रन | 99 |
| सीरीज | दक्षिण अफ्रीका + न्यूजीलैंड |
| मैच | 6 |
श्रीकांत ने कहा कि वह यह समझ ही नहीं पा रहे कि जडेजा को लगातार ODI टीम में क्यों रखा जा रहा है, जबकि प्रदर्शन औसत से भी नीचे है।
उनका मानना है कि अगर इंदौर में विराट को थोड़ा भी साथ मिल जाता, तो मैच का नतीजा बदल सकता था।
“2023 WC में साइलेंट किलर थे, अब वही धार नहीं”
श्रीकांत ने जडेजा के अतीत को नकारा नहीं। उल्टा, उन्होंने उनकी तारीफ भी की।
अपने यूट्यूब चैनल पर श्रीकांत ने कहा—
“2023 वर्ल्ड कप में जडेजा साइलेंट किलर थे। लेकिन अब उनमें वो भूख, वो इंटेंट नहीं दिखता।”
यह बयान अहम है, क्योंकि यह सीधा बताता है कि समस्या स्किल की नहीं, फॉर्म और माइंडसेट की है।
“भारत एक खिलाड़ी पर निर्भर हो गया है”
श्रीकांत की सबसे बड़ी चिंता यह है कि भारत अब वनडे क्रिकेट में वन-मैन टीम बनता जा रहा है।
उन्होंने साफ कहा—
“अगर सिर्फ विराट कोहली ही रन बनाएगा, तो भारत कितने मैच जीत पाएगा?”
यह सवाल सिर्फ एक मैच का नहीं है। यह आने वाले टूर्नामेंट्स, खासकर ICC इवेंट्स की तैयारी पर सवाल है।
न्यूजीलैंड की ‘कम अनुभवी’ टीम ने कैसे मात दी?
श्रीकांत ने भारतीय खिलाड़ियों की तुलना न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ों से भी की—और यहीं बात और चुभती है।
उनके मुताबिक, न्यूजीलैंड की टीम में कोई “सुपरस्टार बॉलिंग लाइनअप” नहीं था। फिर भी—
- जायडेन लेनेक्स: 10 ओवर, 42 रन, 2 विकेट
- ज़ैक फोल्क्स: महंगे रहे, लेकिन विकेट निकाले
- काइल जैमीसन: शुभमन गिल को आउट करने वाली खतरनाक गेंद
- क्रिस्टियन क्लार्क: सटीक लाइन-लेंथ
श्रीकांत बोले—
“नाम बड़े नहीं थे, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी निभाई।”
असली चिंता: चयन या भरोसा?
श्रीकांत का गुस्सा सिर्फ जडेजा पर नहीं है।
यह चयन प्रक्रिया पर भी है।
- क्या सीनियर होने का मतलब ऑटोमैटिक सिलेक्शन है?
- क्या परफॉर्मेंस से ज्यादा भरोसे को तवज्जो दी जा रही है?
- क्या भारत नए ODI ऑलराउंडर्स को मौका देने से डर रहा है?
विराट का शतक और टीम की खामोशी
इंदौर की उस पारी में विराट कोहली ने—
- 108 गेंदें
- 10 चौके
- 3 छक्के
सब कुछ किया।
बस एक चीज़ नहीं मिली—साथ।
और शायद यही बात श्रीकांत को सबसे ज्यादा चुभी।















