T20I : सूर्या का अगला माइलस्टोन – नागपुर में टिकी होंगी नजरें

Atul Kumar
Published On:
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T20I – नागपुर की सर्द शाम, फ्लडलाइट्स की चमक और एक कप्तान जो इतिहास के बस 25 रन दूर खड़ा है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 21 जनवरी से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज सिर्फ एक और द्विपक्षीय मुकाबला नहीं है। यह सीरीज सूर्यकुमार यादव के करियर के उस मोड़ पर आ रही है, जहां हर रन के साथ एक नया अध्याय लिखा जाना तय है।

पहला टी20 नागपुर में खेला जाएगा और सारी निगाहें भारतीय कप्तान पर होंगी। वजह साफ है। सूर्यकुमार यादव टी20 क्रिकेट में अपने 9,000 रन पूरे करने से महज 25 रन दूर हैं। जैसे ही यह आंकड़ा पार होगा, सूर्या भारत के उन चुनिंदा बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने इस फॉर्मेट में लंबी और असरदार पारी खेली है।

25 रन और इतिहास का दरवाजा

टी20 क्रिकेट (अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और लीग मुकाबलों को मिलाकर) में अब तक सिर्फ तीन भारतीय बल्लेबाज 9,000 या उससे ज्यादा रन बना सके हैं। विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन। अब उसी दरवाजे पर सूर्यकुमार यादव दस्तक देने वाले हैं।

यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। यह उस सफर की कहानी है, जिसमें देर से पहचान मिली, लेकिन फिर रफ्तार ऐसी पकड़ी कि दुनिया की हर गेंदबाजी यूनिट के लिए सूर्या एक पहेली बन गए।

  • विराट कोहली – 13,543 रन
  • रोहित शर्मा – 12,248 रन
  • शिखर धवन – 9,797 रन

और अब, 8,975 रनों के साथ सूर्यकुमार यादव। 25 रन। बस इतने से फासले पर एक नया नाम जुड़ने वाला है।

हालिया फॉर्म बनाम बड़ी उम्मीदें

यह भी सच है कि पिछले कुछ समय से सूर्या के बल्ले से वो धार नहीं दिखी है, जिसकी आदत फैंस को लग चुकी है। कुछ पारियां आईं, कुछ मौके बने, लेकिन निरंतरता थोड़ी गड़बड़ाई है। इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट और फैंस की उम्मीदें कम नहीं हुई हैं।

क्योंकि टी20 क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड सिर्फ नंबर नहीं बोलता, उसका अंदाज बोलता है। 360 डिग्री शॉट्स, फील्डिंग प्रतिबंधों का बखूबी इस्तेमाल और बड़े मैचों में जिम्मेदारी लेने का माद्दा।

वर्ल्ड कप का साल है और ऐसी सीरीज कप्तान-बल्लेबाज दोनों के तौर पर सूर्या के लिए बेहद अहम हैं।

सूर्यकुमार यादव का टी20 सफर एक नजर में

346 मैच।
320 पारियां।
8,975 रन।

औसत 34.78 और स्ट्राइक रेट 152.29। यह आंकड़े बताते हैं कि सूर्या सिर्फ टिकने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि मैच बदलने वाले खिलाड़ी हैं।

6 शतक और 59 अर्धशतक।
टी20 जैसे फॉर्मेट में यह उपलब्धि अपने आप में खास है।

कप्तानी की दोहरी चुनौती

न्यूजीलैंड के खिलाफ यह सीरीज सूर्या के लिए सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं है। यह उनकी कप्तानी की परीक्षा भी है।

रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभालना आसान काम नहीं होता। युवा खिलाड़ियों का भरोसा जीतना, सही समय पर फैसले लेना और मैदान पर शांत रहना—ये सब सूर्या के कंधों पर होगा।

नागपुर का मुकाबला इसलिए भी अहम है क्योंकि शुरुआती मैच अक्सर सीरीज की दिशा तय कर देते हैं।

नागपुर की पिच और सूर्या का स्टाइल

नागपुर की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों को शुरुआत में मदद देती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिनर्स खेल में आते हैं। ऐसे में सूर्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाज का रोल और भी अहम हो जाता है, जो गैप ढूंढना जानते हैं और स्पिन के खिलाफ जोखिम लेने से नहीं डरते।

अगर सूर्या क्रीज पर टिक गए, तो 25 रन का आंकड़ा पावरप्ले में ही पार हो सकता है।

[Image: VCA Stadium Nagpur during night match]

टॉप-10 भारतीय टी20 रन स्कोरर्स

नीचे टी20 क्रिकेट (अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और लीग मिलाकर) में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची दी गई है:

खिलाड़ीमैचपारियांरन
विराट कोहली41439713,543
रोहित शर्मा46345012,248
शिखर धवन3343319,797
सूर्यकुमार यादव3463208,975
सुरेश रैना3363198,654
केएल राहुल2392268,125
संजू सैमसन3203038,033
अजिंक्य रहाणे2942777,633
एमएस धोनी4053557,628
दिनेश कार्तिक4153677,557

यह लिस्ट बताती है कि सूर्या किस तरह के दिग्गजों के बीच अपनी जगह बनाने जा रहे हैं।

न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड और चुनौती

न्यूजीलैंड की टीम हमेशा से भारत के लिए tricky रही है। खासकर उनकी disciplined bowling और मैदान पर शांत रणनीति। लेकिन सूर्या जैसे बल्लेबाज ऐसे ही मुकाबलों के लिए जाने जाते हैं।

यह सीरीज युवा भारतीय टीम के लिए भी एक तरह का ट्रायल रन है। और कप्तान के तौर पर सूर्या का प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास को सीधा प्रभावित करेगा।

क्या पहले मैच में पूरा होगा 9,000 का सपना?

फैंस यही सवाल पूछ रहे हैं। क्या नागपुर में ही सूर्या यह माइलस्टोन छू लेंगे?

टी20 क्रिकेट की फितरत देखते हुए जवाब है—पूरी संभावना है। लेकिन उससे भी अहम यह होगा कि वह किस तरह की पारी खेलते हैं। तेज शुरुआत, जिम्मेदार कप्तानी और टीम को जीत की ओर ले जाना—यही असली पैमाना होगा।

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