WPL – बेंगलुरु की रात थी, स्टेडियम में शोर था और आरसीबी की जर्सी में एक नाम धीरे-धीरे सबका ध्यान खींच रहा था। गौतमी नाईक। गुजरात जायंट्स के खिलाफ महिला प्रीमियर लीग 2026 के मुकाबले में उन्होंने जो पारी खेली, वह सिर्फ स्कोरबोर्ड की कहानी नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और बड़े सपनों की झलक भी थी।
55 गेंदों में 77 रन। सात चौके, एक छक्का। और यह उनकी डब्ल्यूपीएल करियर की पहली फिफ्टी थी। उसी पारी के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 178/6 का मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर गुजरात जायंट्स को 61 रनों से करारी शिकस्त दी।
जब जिम्मेदारी आई, गौतमी ने संभाला मोर्चा
मैच की शुरुआत आरसीबी के लिए बिल्कुल आसान नहीं थी। पहले ओवर में ग्रेस हैरिस और दूसरे ओवर में जॉर्जिया वोल पवेलियन लौट गईं। स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 9 रन टंगे थे और दबाव साफ दिख रहा था।
यहीं से गौतमी नाईक की पारी शुरू हुई।
उन्होंने न तो हड़बड़ी दिखाई, न ही गैरजरूरी जोखिम लिया। गेंद को गैप में खेला, सिंगल-डबल्स से रन बटोरे और मौका मिलते ही बाउंड्री लगाई। पावरप्ले निकलते-निकलते आरसीबी मैच में लौट चुकी थी और उसकी वजह साफ थी—गौतमी की ठंडी सोच।
पहली फिफ्टी, और वो भी बड़े मंच पर
यह सिर्फ एक अर्धशतक नहीं था। यह उस भरोसे की मुहर थी, जो टीम मैनेजमेंट ने उन पर लगाया था। 27 वर्षीय ऑलराउंडर ने दिखा दिया कि वह दबाव में भी टिक सकती हैं और टीम को निकाल सकती हैं।
उनकी पारी की सबसे खास बात थी—कंट्रोल। स्पिन हो या पेस, गौतमी ने हर गेंदबाज को समय लेकर खेला। 55 गेंदों में 77 रन, यानी स्ट्राइक रेट भी वहीं, जहां टीम को जरूरत थी।
जब आइडल का मैसेज आ जाए…
मैच के बाद जो हुआ, उसने इस शाम को गौतमी के लिए और भी खास बना दिया।
डब्ल्यूपीएल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया गया। वीडियो में थे—हार्दिक पांड्या। वही खिलाड़ी, जिन्हें गौतमी अपना क्रिकेटिंग आइडल मानती हैं।
हार्दिक ने कहा,
“हाय गौतमी, मैं हार्दिक हूं। मुझे पता चला कि मैं तुम्हारा क्रिकेटिंग आइडल हूं। युवा क्रिकेटरों को इंस्पायर करना बहुत अच्छा लगता है। और तुम्हारी पहली फिफ्टी के लिए बहुत-बहुत बधाई। खेल को एंजॉय करो। मुझे उम्मीद है कि तुम अपनी फ्रेंचाइजी और देश के लिए और बेहतर करोगी।”
इतना सुनते ही गौतमी की मुस्कान सब कुछ कह रही थी।
लाइफ में कुछ तो अचीव किया”
हार्दिक के मैसेज पर रिएक्ट करते हुए गौतमी की खुशी शब्दों में छुप ही नहीं रही थी।
उन्होंने कहा,
“मेरे क्रिकेटिंग आइडल हार्दिक पांड्या हैं। मैं उनकी तरह खेलना चाहती हूं। मैं उनके मैच देखती हूं। वह प्रेशर सिचुएशन में भी शांत रहते हैं। यह मेरा भी नेचर है।”
फिर थोड़ी भावुक होकर बोलीं,
“आइडल की तरफ से मैसेज आया है। लाइफ में कुछ तो अचीव किया। बता नहीं सकती कि क्या फील हो रहा।”
यह सिर्फ एक खिलाड़ी की प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि उस सपने की आवाज थी, जो हर युवा क्रिकेटर दिल में पालता है।
आरसीबी की जीत, प्लेऑफ का टिकट पक्का
इस जीत के साथ आरसीबी मौजूदा डब्ल्यूपीएल सीजन में प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। गुजरात जायंट्स के खिलाफ यह उनकी लगातार पांचवीं जीत थी।
टीम का संतुलन, बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजी का अनुशासन—सब कुछ इस मैच में दिखा। लेकिन इस जीत का चेहरा अगर कोई था, तो वह गौतमी नाईक थीं।
स्कोरकार्ड पर एक नजर
| टीम | स्कोर |
|---|---|
| रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु | 178/6 |
| गुजरात जायंट्स | 117 ऑलआउट |
| जीत का अंतर | 61 रन |
गौतमी नाईक: 77 रन (55 गेंद)
प्लेयर ऑफ द मैच: गौतमी नाईक
डब्ल्यूपीएल में उभरता नाम
गौतमी नाईक का यह प्रदर्शन ऐसे समय पर आया है, जब महिला क्रिकेट में ऑलराउंडर्स की अहमियत लगातार बढ़ रही है। बल्लेबाजी में स्थिरता और मैदान पर शांत दिमाग—ये गुण उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाते हैं।
आरसीबी के लिए यह सीजन अब तक शानदार रहा है और गौतमी जैसी पारियां टीम को और खतरनाक बना रही हैं।















